क्या कांग्रेस को उबार पाएंगी प्रियंका?
India Today Hindi|October 27, 2021
अक्तूबर की 3 तारीख की रात को कांग्रेस महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने दिल्ली से लखनऊ के लिए उड़ान भरी. उनकी फ्लाइट रात 9 बजे लखनऊ में उतरी और वे तुरंत लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गईं. उस दिन लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र 'टेनी' के बेटे आशीष मिश्र के काफिले की गाड़ियों से कुचलने से चार किसानों की मौत हो गई और उसके बाद हिंसा भड़क गई थी.
आशीष मिश्र

राज्य सरकार ने सीतापुर से लखीमपुर खीरी जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया था और आने वाले हर वाहन की जांच की जा रही थी. प्रियंका का काफिला लखनऊ से 100 किलोमीटर दूर सीतापुर, रात 11 बजे पहुंचा. प्रियंका ने सीतापुर से लखीमपुर खीरी तक के हर रास्ते से भली-भांति परिचित कांग्रेस के स्थानीय जिलाध्यक्ष उत्कर्ष अवस्थी को गाड़ी चलाने को कहा. करीब चार घंटे तक पुलिस को चकमा देने के बाद प्रियंका का काफिला लखीमपुर खीरी से सटे कस्बे हरगांव पहुंचा, लेकिन वहां की पुलिस की घेराबंदी को वे चकमा नहीं दे पाए.

प्रियंका को हिरासत में ले लिया गया और सीतापुर के एक पुलिस गेस्टहाउस में नजरबंद के कर दिया गया. अगले दिन जब वे भूख हड़ताल पर चली गईं तो पूरे देश का ध्यान लखीमपुर खीरी पर था. प्रियंका तिकुनिया कांड में मारे गए किसानों के परिजनों से मिलने पर अड़ी थीं. उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आखिरकार तीसरे दिन मानी. करीब 57 घंटे तक पुलिस हिरासत में रहने के बाद, प्रियंका ने अपने भाई और कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ, जो तब तक वहां पहुंच चुके थे, 6 अक्तूबर की देर रात को मारे गए किसानों के परिवारों से मुलाकात की.

प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता सचिन रावत कहते हैं, "जिस तरह से प्रियंका ने भाजपा सरकार को लखीमपुर कांड पर घेरा है, दूसरे दलों के नेता अपने एसी कमरों से बाहर निकलने को मजबूर हो गए हैं." मारे गए किसानों के परिवारों से मिलने के बाद प्रियंका लखनऊ लौटीं और 10 अक्तूबर को वाराणसी में कांग्रेस की रैली की तैयारी में जुट गईं. उन्होंने उस दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र के रोहनिया क्षेत्र के जगतपुर इंटर कॉलेज मैदान में 'न्याय रैली' के साथ पार्टी के मिशन 2022 की शुरुआत की. रैली में प्रियंका ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी दुनिया घूम सकते हैं लेकिन लखीमपुर नहीं जा सकते. वे 'आजादी के अमृत महोत्सव' के लिए लखनऊ जा सकते हैं, लेकिन इस देश के किसानों का दुख दर्द जानने के लिए वे मात्र 100 किलोमीटर दूर लखीमपुर नहीं जा सकते.'

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM INDIA TODAY HINDIView All

क्रिप्टो करेंसी का जुनून

क्रिप्टो के उन्माद को हवा दे रहा है डिजिटल मुद्रा में युवा भारतीयों का 6 अरब डॉलर का निवेश. क्या यह बुलबुला है जो फूटने का इंतजार कर रहा है?

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021

क्यों इतना अहम है देवचा पचमी कोल ब्लॉक?

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए देवचा पचमी कोयला खनन परियोजना अब तक की सबसे बड़ी चुनौती होगी. इस परियोजना में काफी वन इलाकों और 12 आदिवासी गांवों सहित हजारों एकड़ भूमि का अधिग्रहण शामिल है.

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021

घरों में होने लगी घुसपैठ

अगले विधानसभा चुनावों के लिए पाले अब साफ-साफ खिंचने लगे. भाजपा ने सपा के मजबूत इलाकों में तो सपा ने भाजपाई गढ़ों में घुसपैठ के दांव चलने शुरू किए

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021

सवाल+जवाब - अपनी जिंदगी का ऐंकर

नेटफ्लिक्स पर आई नई फिल्म धमाका में कार्तिक आर्यन एक अलग अंदाज वाले न्यूज ऐंकर के किरदार में हैं. और उनके मुताबिक, असल जिंदगी में वे एक ऐसे दौर में हैं जहां उनका मनचाहा सब कुछ उन्हें मिल रहा है

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021

परिवारों को पहचान पत्र क्यों दे रही सरकार

हरियाणा की खट्टर सरकार की परिवार पहचान पत्र योजना का उद्देश्य सामाजिक कल्याण के लाभों की डिलिवरी में सुधार करने के लिए प्रमाणित नागरिकों का डेटा तैयार करना है

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021

चलना है जरा संभल-संभल के

कोविड-19 बच्चों का टीका

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021

शीर्ष पर हमला

भारत में माओवादी उग्रवाद के लिए नवंबर बहुत ही खराब महीना साबित हुआ. चार शीर्ष नेताओं का काम तमाम होने के बाद उनका नेतृत्व चरमरा गया

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021

उग्रवाद की वापसी!

म्यांमार सीमा के पास एक सैन्य काफिले पर भीषण हमले ने राज्य में हालिया अतीत में कायम शांति को छिन्न-भिन्न कर दिया है और भारत में सबसे लंबे चलने वाले विद्रोहों में से एक को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021

अब लंबा कार्यकाल

नौकरशाही का विस्तार

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021

"दुनिया के मालदार के मुल्क पैसे के मामले में दी गई जबान पूरी करने में नाकाम रहे"

ग्लासगो में हाल ही संपन्न जलवायु परिवर्तन सम्मेलन की पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इस बात के लिए खासी आलोचना की कि उसने दुनिया को बचाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए. लेकिन कुछ बड़ी पहलकदमियों के लिए इसकी तारीफ भी हुई. इस सम्मेलन में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही. केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव वहां पर भारत के मुख्य वार्ताकार थे. ग्रुप एडिटोरियल डायरेक्टर राज चेंगप्पा के साथ एक खास बातचीत में उन्होंने सम्मेलन में हासिल उपलब्धियों पर विस्तार से चर्चा की और यह भी बताया कि क्या कुछ था जो हाथ आने से रह गया. पेश हैं बातचीत के चुनिंदा अंशः

1 min read
India Today Hindi
December 01, 2021