पस्त हौसले से परेशान
India Today Hindi|September 22, 2021
बंगाल में भाजपा
रोमिता दत्ता

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद भाजपा ने अपने काडर में नए सिरे से प्राण फूंकने के लिए अगस्त में पूरे महीने अभियान चलाया. सेबायी संगठन (संगठन का अर्थ है सेवा) नाम से चले इस अभियान का उद्देश्य सामाजिक कल्याण गतिविधियों के माध्यम से सद्भावना पैदा करना था, लेकिन पर्याप्त कार्यकर्ता न मिल पाने से अभियान सिरे न चढ़ पाया. भाजपा ने राज्य भर में करीब 1,60,000 बूथ स्तर कार्यकर्ताओं को इसमें लगाने की उम्मीद की थी पर आए बमुश्किल 3,000.

बीती 24-25 अगस्त को संगठनात्मक शक्ति की समीक्षा के लिए कोलकाता और दुर्गापुर में हुई बैठकों के दौरान पार्टी में मायूसी के मौजूदा माहौल के और भी सबूत सामने आए. राष्ट्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) शिवप्रकाश की मौजूदगी में कई जिलों के मंडल अध्यक्षों ने स्वीकारा कि राज्यस्तरीय और केंद्रीय नेताओं को अपने बीच न पाने से काडर का मोहभंग हो गया है. दक्षिण 24 परगना के एक मंडल अध्यक्ष ने नाम न छापने का अनुरोध करते हुए कहा कि "हमारे लगभग एक-चौथाई कार्यकर्ता सक्रिय राजनीति से दूर हो गए हैं. डर या हताशा के कारण तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. हमारे नेता उन्हें वापस लाने को कह रहे हैं पर यह बहुत मुश्किल लग रहा है.

दरअसल, कार्यकर्ताओं के पार्टी छोड़ कर जाने के बीच भाजपा बंगाल में अपना आधार बनाए रखने की लड़ाई लड़ रही है. 294 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी की ताकत 77 विधायकों से घटकर 72 हो गई है. तीन विधायक तृणमूल कांग्रेस में चले गए, जबकि दो लोकसभा सांसदों निशीथ प्रमाणिक और जगन्नाथ सरकार ने संसद में बने रहने को विधानसभा सीटें छोड़ दी. बड़ी चुनावी जीत की उम्मीद में भाजपा में शामिल हुए बहुत से तृणमूल नेताओं ने पार्टी छोड़ दी है. सत्ताधारी दल पर उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए भी कई कार्यकर्ता भाजपा छोड़ रहे या निष्क्रिय हो गए हैं.

संघ का अनुसरण करें

समर्थकों को फिर से पार्टी से जोड़ने का भाजपा का प्रयास राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सामाजिक कल्याण वाली युक्ति से प्रेरित है. बंगाल के आदिवासियों के बीच पैठ बनाने के लिए संघ दशकों से समाज सेवा पर भरोसा करता रहा है. बंगाल में इसकी 1,600 शाखाएं हैं और यह शिक्षा तथा ग्रामीण विकास सहित लगभग 250 कार्यक्रमों का संचालन करता है. संघ के एक नेता बताते हैं, "सेबायी संगठन ग्रामीण विकास के लिए संसाधन और आजीविका सृजन तथा आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने के संघ के मिशन पर आधारित घर-घर पहुंचने वाला अभियान है." संघ बंगाल में तीसरी कोविड लहर की आशंका में करीब 1,00,000 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षित भी कर रहा है.

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सत्ताधीश

नौकरशाह नरेंद्र मोदी सरकार के लिए अपरिहार्य हैं. सरकार के पहले कार्यकाल में यह यथार्थबोध अच्छा रहा. अपने दूसरे कार्यकाल के बीच में सरकार ने प्रमुख नौकरशाहों के एक समूह पर इतनी निर्भरता बढ़ा दी है, जितना हाल के वर्षों में किसी प्रशासन में शायद ही देखा गया हो. अधिकारी विनिवेश से लेकर रक्षा मंत्रालय के पुनर्गठन तक न केवल अहम नीतिगत निर्णय लेते हैं, बल्कि उन्हें लागू भी करते हैं. उन्हें सरकार के प्रदर्शन के लिए निर्णायक माना जाता है. दक्षता और उपलब्धि का पुरस्कार सेवाविस्तार के रूप में मिलता है. प्रमुख नौकरशाह सेवानिवृत्ति के बाद पीएमओ में सलाहकार रख लिए जाते हैं. इंदिरा गांधी के बाद से मोदी सरकार का प्रधानमंत्री कार्यालय यकीनन सबसे ताकतवर है. यह राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर अर्थव्यवस्था और कोविङ-19 प्रबंधन तक शासन के हर पहलू को प्रभावित करता है. पूर्व नौकरशाह केंद्रीय मंत्रिमंडल तक पहुंच रहे हैं. जुलाई 2021 के फेरबदल के बाद कैबिनेट में रिकॉर्ड पांच पूर्व ब्यूरोक्रेट हैं-हरदीप पुरी, एस. जयशंकर, आर.के. सिंह, आर.पी. सिंह और अश्विनी वैष्णव. पीएमओ में दो प्रमुख पूर्व लोकसेवकप्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी.के. मिश्र और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को भी कैबिनेट मंत्री का दर्जा प्राप्त है. नौकरशाही का स्वर्ण युग है यह !

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November 03, 2021

सत्ता के खिलाड़ी

पिछले साल पूरी दुनिया पर धावा बोल देने वाली कोविड महामारी ने न केवल लाखों लोगों की जाने लीं और अर्थव्यवस्थाओं को बर्बाद कर दिया, बल्कि कई भूभागों की राजनैतिक व्यवस्था में भी रद्दोबदल कर डाला. भारत विनाशकारी वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में था, पर यहां कोविड का राजनैतिक असर अभी तक सामने नहीं आया है. मार्च 2020 में महामारी का प्रकोप होने के बाद छह राज्यों में चुनाव हुए, सभी अप्रैल 2021 की शुरुआत में देश में कोविड की दूसरी लहर की दस्तक से पहले. लेकिन इन राज्यों के चुनाव अभियान में कोविड चुनावी मुद्दा नहीं था. देश की राजनैतिक सत्ता व्यवस्था मोटे तौर पर जस की तस बनी हुई है, जिसमें आरएसएस-भाजपा का तंत्र शीर्ष पर मजबूती से कायम है. कांग्रेस प्रमुख राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुआई वाली भाजपा सरकार के खिलाफ अकेली राष्ट्रीय आवाज बने हुए हैं, पर हाल के सियासी आंदोलनों ने नए सत्ता केंद्रों के रूप में क्षेत्रीय क्षत्रपों को उभरते देखा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस साल हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें सत्ता से बेदखल करने के लिए चलाए गए भाजपा के जबरदस्त अभियान का न केवल डटकर मुकाबला किया, बल्कि अब खुद को मोदी के विकल्प के तौर पर भी पेश कर रही हैं. इस चाहत में उन्हें मराठा दिग्गज शरद पवार के समर्थन की दरकार होगी. इंडिया टुडे की 2021 की सियासी सत्ता वाली सूची देश में राजनैतिक विमर्श को दिशा देने वाले सबसे मजबूत खिलाड़ियों का खाका पेश करती है.

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November 03, 2021

आधे इधर, आधे उधर जाएंगे?

सिनेमाघरों के खुलने के ऐलान के साथ ही इससे जुड़े हजारों लोगों के चेहरे खिले. दूसरी ओर अब दर्शकों के उधर मुड़ने की संभावनाओं के मद्देनजर ओटीटी प्लेटफॉर्म भी बदल रहे रणनीति

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November 03, 2021

शिखर समूह

इसे चाहे लचीलेपन की ताकत कह लें, लेकिन आगे के पन्नों पर नमूदार 50 दिग्गजों में से ज्यादातर ऊंचे और असरदार लोगों की हमारी सालाना फेहरिस्त में पिछले कई बार से बने हुए हैं. इसमें कोई शक नहीं कि वैश्विक स्वास्थ्य संकट और उसकी वजह से घोर आर्थिक बदहाली के दौरान सत्ता, संपदा और शोहरत का कवच साथ होना अच्छा है और महामारी की शुरुआत के बाद यह 'रसूखदार लोगों' की हमारी दूसरी फेहरिस्त है. फिर भी ऐसे साल में जब बहुत-से नीचे की ओर लुढ़क रहे हों, कामयाबी की बागडोर थामे रखना सिर्फ विशेषाधिकार के बूते संभव नहीं. ऐसे अनिश्चित दौर में देश के कारोबार, संस्कृति और मनोरंजन जगत की प्रमुख शख्सियतें खुद को प्रासंगिक बनाए रखकर ही शिखर पर बनी रह सकती हैं. उद्योग दिग्गज दूसरी लहर के संकट के दौर में अनिवार्य सामान और सेवाएं मुहैया कर मैन्युफैक्चरिंग के पहियों को गति देते रहे. डिजिटल रुझान वालों को महामारी से भारी उछाल मिली. बड़ी फार्मा कंपनियों ने जरूरी दवाइयां मुहैया कराके रसूख और साख का नया आभामंडल हासिल किया. अब महामारी के आतंक की जगह उम्मीद का नाजुक एहसास अंगडाई ले रहा है, हमारी फेहरिस्त उनकी प्रतिभा और भूमिका की भी कायल है जो घोर अंधेरे दिनों में हमारा दिल बहलाते रहे और हमें एकजुट किए रखा.

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November 03, 2021

दुनिया में देसी

पश्चिम के सर्वोच्च राजनैतिक पदों पर 'कमला', 'ऋषि' और 'प्रीति' का विराजमान होना महज वक्त की ही बात थी. हमारी जबान से इन नामों का इतनी सहजता से निकलना कहीं न कहीं बेहद रोमांचक है. इनसे जो अपनापन हमें महसूस होता है, वह पूरी तरह मनगढंत नहीं है. मौजूदा अमेरिकी उपराष्ट्रपति और ब्रिटिश चांसलर के साथ हमारी जो साझा सांस्कृतिक विरासत है, राष्ट्रीयता और वंशावली के अक्सर सीमित करने वाले रूपकों से आगे जाती है. ब्रिटेन की गृह मंत्री प्रीति पटेल जब मैनचेस्टर में कंजरवेटिव पार्टी के साथियों के साथ 'सेवा' की अहमियत पर बात करती हैं, तो वे भारतीयता को अपने विमर्श का हिस्सा बना रही होती हैं.

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November 03, 2021

सबसे पुरानी पार्टी के नए तेवर

अक्तूबर महीने की 16 तारीख को कांग्रेस कार्यसमिति ( (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के दौरान महासचिव (संगठन)के.सी. वेणुगोपाल ने पार्टी संगठन के लिए अरसे से लंबित चुनाव का कार्यक्रम जारी किया.

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November 03, 2021

सोने सी खरी बात

जादुई सोचः कैसे काम करता है खेल जगत के दो ध्रुव तारों का दिमाग

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October 27, 2021

वापसी की उड़ान

एयर इंडिया का निजीकरण देर से 1 सही केंद्र की मोदी सरकार के लिए बड़ी राहत की तरह होनी चाहिए, जो कारोबार से छुटकारा पाकर राजकाज पर फोकस करने के वादे पर अपनी प्रत्यक्ष नाकामी पर काफी आलोचना की शिकार हो चुकी है. हालांकि एयर इंडिया के लिए टाटा घराने की 18,000 करोड़ रुपए की बोली कोई महाराजा की कीमत नहीं था, फिर भी टाटा की बोली केंद्र सरकार के रिजर्व प्राइस से 40 फीसद अधिक और दूसरी बोली लगाने वाले स्पाइस जेट के मालिक अजय सिंह से करीब 20 फीसद अधिक थी. हालांकि, इस सौदे से सरकार को 2,700 करोड़ रुपए ही मिलेंगे, बाकी 15,300 करोड़ रुपए का कर्ज टाटा के मत्थे रहेगा.

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India Today Hindi
October 27, 2021

बेहतर ढंग से सामान्य स्थिति कैसे हो बहाल

जलवायु परिवर्तन से लेकर महामारी तक, अर्थव्यवस्था से लेकर भूराजनैतिक शक्ति परिवर्तन तक...इंडिया टुडे कॉन्क्लेव के 19वें संस्करण ने इस दशक में हमारी जिंदगियों को गढ़ने वाली चार बड़ी धाराओं को समझने का जतन किया

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October 27, 2021

चलती का नाम इलेक्ट्रिक गाड़ी

मिशन इलेक्ट्रिकः पथ-प्रदर्शकों से मिलें. भारत कैसे हरित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है नितिन गडकरी, केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री

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India Today Hindi
October 27, 2021
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India Election Body Struggles With Scale Of Fake Information

When India’s Election Commission announced last month that its code of conduct would have to be followed by social media companies as well as political parties, some analysts scoffed, saying it lacked the capacity and speed required to check the spread of fake news ahead of a multi-phase general election that begins April 11.

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AppleMagazine
April 5, 2019

India At A Crossroads

India is known as the land of contradictions, and recent events do little to undermine that reputation.

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Reason magazine
January 2019

राष्ट्रीय संपत्तियों की सेल का बाजार

निजीकरण के दौर में सबकुछ खोता जा रहा है. बढ़ते प्राइवेटाइजेशन में लोगों को अधिकार देना तो दूर, सरकार को उन के हितों के बारे में सोचने तक की फुरसत नहीं है. वह सिर्फ निजी हाथों को मजबूत करने में लगी हुई है. निजी व्यवस्था में पूंजीपति कमा रहे हैं और जनता भूखी मर रही है.

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September Second 2021

जातीय जनगणना क्या एकजुट होंगे पिछड़े

समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव को लगता है कि जातीय जनगणना से पिछड़ी जातियों का वोटबैंक मजबूत दिखेगा, जिस से उन को लाभ होगा. जातीय जनगणना के सहारे वे भाजपा के जनसंख्या कानून मुद्दे को भी पीछे धकेलना चाहते हैं.

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Sarita
September Second 2021

लाठीडडे नहीं समाधान मांगता है युवा

आज युवा रोजगार मांग रहे हैं तो उन्हें यहांवहां की अनर्गल घुट्टी पिलाई जा रही है. सरकार के पास भटकाने के रास्ते हैं, समाधान के नहीं. मध्य प्रदेश में भाजपा सरकार ने नौकरी मांग रहे बेरोजगार युवाओं पर लाठीडंडे चला कर यह साबित कर दिया है कि वह इन मुद्दों पर संवेदनशील नहीं है.

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Sarita
September Second 2021

Cong feels Capt trying to wean away Hindus

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The Times of India Mumbai
October 25, 2021

IN THIS ‘MOTHER OF DEMOCRACY', LIVES DON'T MATTER

The Lakhimpur Kheri incident shows not only scant regard for rule of law but also arrogance of the perpetrators. What is even more disturbing is the silence of the powerful

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October 25, 2021

200 farmers booked after protest in Sirsa

ROHTAK: Police in Haryana's Sirsa district have booked over 200 farmers for allegedly blocking the road in protest against the visit of leaders from the ruling Bharatiya Janata Party (BJP) and its ally Jannayak Janata Party (JJP) to Talwara Khurd and Kotli villages to campaign for the upcoming Ellenabad assembly by-poll, police said on Saturday, adding that two first information reports (FIRs) have been lodged against farmers.

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October 24, 2021

Shah to review security situation in 3-day J&K visit starting today

SRINAGAR: Union home minister Amit Shah will arrive in Jammu and Kashmir on Saturday, for a three-day visit, to review the security situation amid a wave of targeted terrorist attacks that left 11 civilians dead in the region this month.

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Hindustan Times
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Marking SP as rival no. 1, Yogi calls it Kalyug avatar, Ram-drohi

INDICATING THAT Samajwadi Party (SP) is the main opposition to BJP in next year's Assembly polls, Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath tore into the party on Saturday, calling it a “kalyug avatar" of the Mahabharat. He said riots took place in every district of the state under the previous Akhilesh Yadav government, and that Hindus were harassed under that regime.

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The Indian Express Delhi
October 24, 2021