दीदी से दुर्गा
India Today Hindi|May 19, 2021
ममता बनर्जी की जीत ने न केवल बंगाल बल्कि देशभर की विपक्षी ताकतों में उम्मीद पैदा कर दिया है जो भगवा ब्रिगेड की अनवरत चढ़ाई को रोकने की आस लगाए हुए हैं
रोमिता दत्ता

यह 2 मई की शाम थी जब खबर आई कि ममता बनर्जी ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है. जीत की हैट्रिक और दो बार सीटों के दोहरे शतक को पार करते हुए उनकी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने सभी कयासों को धत्ता बता दिया. इस चुनाव की स्थायी छवि व्हीलचेयर पर बैठी ममता होंगी, एक घायल शेरनी जिन्होंने प्रधानमंत्री समेत भाजपा की पूरी ताकत के खिलाफ अकेले जंग लड़ी. सत्ता-विरोधी रुझान, भ्रष्टाचार और अल्पसंख्यक तुष्टिकरण के आरोप, स्त्री-विरोधी उपहास...ममता ने सबका बहादुरी से सामना किया और आखिरकार उनकी पार्टी 292 सीटों में से 213 जीत कर (दो सीटों पर चुनाव स्थगति हुए हैं) भारी जीत हासिल की. भाजपा के रथ को रोककर बंगाल में उनकी छवि दीदी से दुर्गा वाली बन गई है. ममता ने मोदी-शाह की अचूक जोड़ी के दावे की हवा निकाल दी और देशभर की विपक्षी ताकतों की बड़ी उम्मीद बन गई हैं.

जीत के तुरंत बाद ममता को बधाइयों का तांता लग गया, केवल विपक्षी दलों के नेताओं की ओर से नहीं. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी उन्हें कॉल किया, राकांपा सुप्रीमो शरद पवार ने टीएमसी की जीत को 'विलक्षण विजय' करार दिया, वहीं शिवसेना ने 'बंगाल की शेरनी' की तारीफ की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बधाई को लेकर ट्वीट करते विनम्र नजर आए, वहीं राजनाथ सिंह ने उन्हें अगले कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दी. हालांकि यह अलग बात है कि चुनावी नतीजों के बाद टीएमसी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा की घटनाओं से सौहार्द का भाव तुरंत खत्म हो गया और भाजपा ने ममता के शपथग्रहण समारोह का बहिष्कार किया. पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने ममता को झिड़कने की कोशिश की और उन्हें 'पक्षपाती हितों से ऊपर उठने...शासन की एक नई परंपरा का निर्माण करने के लिए कहा.

लेकिन ममता की कामयाबी की अहमियत और कद को कुछ भी कमतर नहीं कर सकता. 2 मई को 30बी हरीश चटर्जी रोड पर उनके आवास की ओर जाता संकरा रास्ता टीएमसी के रंग में रंग गया क्योंकि उनके समर्थक एक-दूसरे को हरे गुलाल से सराबोर कर रहे थे. कुछ लोग एक फुटबॉल उछाल रहे थे तो कई अन्य डीजे बॉक्स पर बज रहे पार्टी के रैम्प गान 'खेला होबे' पर थिरक रहे थे. महामारी का कोई भय नहीं था और लाठियां चटकाते पुलिस वाले भी अपनी प्रिय मुख्यमंत्री की एक झलक पाने की कोशिश कर रहे लोगों को रोक नहीं पा रहे थे.

ममता अपनी पारंपरिक साधारण सूती साड़ी और मास्क पहने हुए आईं, जहां एक कोने में बंगाल का नक्शा बना था. उनके चेहरे पर बीते 50 दिनों की थकान और नंदीग्राम से उनकी हार की छाया भी दिखी. लेकिन विपरीत परिस्थितियों को बावजूद जीत हासिल करने की राहत भी उनके चेहरे पर थी. उन्होंने जीत का 'वी' चिह्न दिखाया और उनके बगल में उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी थे. भावुक दिख रही बंगाल की बेटी ने टीएमसी की जीत को बंगाल के लोगों, देश के लोगों और लोकतंत्र की जीत करार दिया.

दीदी की कामयाबी का राज

शुरू से ही ममता ने 2021 की चुनावी संघर्ष को मां या मातृभूमि की रक्षा के जंग के तौर पर पेश कर दिया था. आक्रामक भाजपा 2019 के लोकसभा चुनाव में 40 फीसद वोट हिस्सेदारी हासिल करके खतरा उत्पन्न कर रही थी, वहीं ममता ने यह अफसाना गढ़ा कि बाहरी भाजपा बंगाल की संस्कृति, भावना, विरासत के साथ-साथ विभिन्न समुदायों, जातियों और वर्गों के बीच सौहार्दपूर्ण अस्तित्व के इतिहास को छिन्नभिन्न करना चाहती है.

क्षेत्रीय भावनाओं को उभारने के साथ-साथ वे इस बड़े पहलू को भी नहीं भूली कि भाजपा की बेधड़क विस्तारवादी नीति और सभी शक्तियों को केंद्र तक सीमित करके देश की संघीय प्रवृत्ति को नुक्सान पहुंचा रही है, चाहे वह एक पार्टी-एक देश की उनकी चाह हो, या सीएए और एनआरसी हो या फिर हिंदू राष्ट्र के निर्माण का उनकी व्यापक परियोजना.

ममता ने लोगों को बार-बार जोर देकर कहा, "बंगाल लोगों को आजादी का स्वाद दिलाएगा...2021 विधानसभा चुनाव में भाजपा को हराकर उसके शिकंजे से देश के लोगों का आजाद कराएगा.

भाजपा के आक्रामक 'उखाड़ कर फेंक देंगे' जैसे नैरेटिव या बिहार में भाजपा की जीत के बाद दिलीप घोष की चुनौती कि एबार बंगाल पारले शामला (अगली बारी बंगाल का, रोक सको तो रोक लो) के खिलाफ मातृभूमि को बचाने का नारा उपयुक्त पलटवार साबित हुआ. इससे ममता यह बताने में सफल रहीं कि भाजपा सत्ता-लोलुप पार्टी और किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना चाहती है, यह बार-बार कहा,

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM INDIA TODAY HINDIView All

मिशन चोकसी

कैरिबियाई क्षेत्र में इस भारतीय भगोड़े ने अपहरण का सनसनीखेज दावा किया. भारत उसे इंसाफ का सामना करने के लिए वापस ला सकेगा?

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021

मुख्यमंत्री खट्टर के नेतृत्व में हरियाणा राज्य में जन स्वास्थ्य और कल्याण सर्वोपरि

देश के सबसे प्रगतिशील राज्यों में से एक, हरियाणा विशेषकर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर विकास और उन्नति के चलते देश के अन्य राज्यों के लिए एक प्रेरक पथ प्रदर्शक के रूप में उभर रहा है।

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021

कितने महफूज हैं बच्चे

कोविड केयर और टीकाकरण के मामले में वयस्कों को प्राथमिकता दी जा रही है, लेकिन बच्चों में संक्रमण के जोखिम को शायद नजरअंदाज कर दिया गया है

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021

ग्रामीण कश्मीर में डर और मौत का साया

जम्मू और कश्मीर में 5 अगस्त 2019 को अभूतपूर्व संवैधानिक बदलावों को अंजाम देने के बाद केंद्र सरकार पारंपरिक राजनैतिक व्यवस्था को हटाकर उसकी जगह नए निर्वाचित नेता लेकर आई.

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021

खरे पर खलबली!

देशभर के सर्राफा बाजारों में गहनों की खरीदारी के तौर-तरीके बदलने वाले हैं. मुमकिन है कि आप 15 जून के बाद अपने खास जौहरी की दुकान पर जाएं तो वह आपको अपना भारत मानक ब्यूरो (बीआइएस) का रजिस्ट्रेशन दिखाए, आपको मैग्नीफाइंग ग्लास देकर गहनों पर अंकित चिन्हों को देखने और समझने के लिए कहे और जब बिल बने तो गहने का वजन, शुद्धता और हॉलमार्किंग का शुल्क अलग-अलग लिखकर दे.

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021

सबसे बड़ी पार्टी के भीतर मायूसी

राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा के विस्तार की बदस्तूर जारी मुहिम के बीच पार्टी अपने शासन वाले कुछ प्रमुख राज्यों में अंदरूनी असंतोष का सामना कर रही है, इनमें वे प्रदेश भी शामिल हैं जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने वाले हैं

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021

चुनौती भरपूर मंजिल दूर

कोविड-19 की दूसरी लहर से चित हुई सरकार अब अपनी टीकाकरण की रणनीति को नया जामा पहना रही है. उसे उम्मीद है कि 31 दिसंबर तक तक वह देश की 90 करोड़ वयस्क आबादी को टीका लगवा देगी. आखिर कितना यथार्थपरक है उसका यह लक्ष्य? क्या यह मुमकिन हो पाएगा?

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021

"रियाज अलग है, परफॉर्मेंस अलग"

बरखा बोलो बरखा, बरका नहीं." अगले महीने 53 साल के होने जा रहे हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के दिग्गज उस्ताद राशिद खान फेसबुक लाइव में शिष्यों की गलतियां इसी तरह पकड़ते-सुधारते चल रहे हैं. कभी तानपुरा बढ़वा लेना, और कभी तबले का साउंड मन मुताबिक मांगना. बीच-बीच में वे शिष्यों को सचेत भी करते हैं:

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021

ऑनलाइन निजता की लड़ाई

सूचना प्रौद्योगिकी के नए नियमों ने केंद्र सरकार और बड़े सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों के बीच टकराव की स्थिति पैदा कर दी, पर यह बड़ी टकराहट कहीं उपभोक्ताओं के अधिकारों की कुर्बानी तो नहीं ले रही

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021

सिर से उठ गया मां-बाप का साया

मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के बगरतावा गांव के दीपक सोलंकी जांच के बाद 8 अप्रैल को कोरोनावायरस संक्रमित पाए गए, दो दिन पहले सोलंकी और उनकी पत्नी अनीता में बुखार और फ्लू जैसे अन्य लक्षण उभरे थे लेकिन उनका मानना था कि कोविड तो शहरों में होता है इसलिए उन्हें बस फ्लू ही हुआ होगा. हालांकि जिला चिकित्सा प्रतिनिधि, 45 वर्षीय दीपक के आग्रह पर उन्होंने आरटी-पीसीआर टेस्ट कराया तो संक्रमित निकले. दीपक को उसी दिन एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया और दो दिन बाद अनीता को भी भर्ती कराना पड़ा. 18 और 15 वर्ष की उनकी दो बेटियां और 12 साल का बेटा उनके भतीजे श्रीकांत सोलंकी की देखभाल में घर में ही थे. तीनों बच्चे भी संक्रमित निकले थे.

1 min read
India Today Hindi
June 23, 2021
RELATED STORIES

बंगाल हिंसा पर कड़ा रुख अपनाने की ओर राज्यपाल का एक और कदम

भाजपा विधायकों संग बैठक के बाद तीन दिवसीय दौरे पर दिल्ली पहुंचे जगदीप धनखड़

1 min read
Samagya
June 16, 2021

अब दिल्ली पर ममता की नजर, प्रशांत किशोर के साथ साल 2026 तक बढ़ाया करार

लोकसभा व विधानसभा चुनाव तक तृणमूल की सारथी बनी रहेगी आइपैक

1 min read
Samagya
June 16, 2021

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल दिल्ली का दौरा करेंगे

पश्चिम बंगाल में कानून व्यवस्था की कथित तौर पर खराब होती स्थिति को लेकर भाजपा विधायकों द्वारा शिकायत किए जाने के एक दिन बाद के राज्य के राज्यपाल जगदीप धनखड़ मंगलवार को चार दिन के दिल्ली दौरे पर जाएंगे। राज्यपाल ने ट्वीट किया कि वह मंगलवार देर शाम राष्ट्रीय राजधानी जाएंगे और 18 जून को कोलकाता लौटेंगे। उन्होंने अपने दौरे के उद्देश्य का उल्लेख नहीं किया।

1 min read
Dakshin Bharat Rashtramat Chennai
June 16, 2021

2024 में मुकुल, प्रशांत और अभिषेक की तिकड़ी करेगी कमाल!

मुकुल रॉय को तृणमूल कांग्रेस में भी मिल सकती है राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी

1 min read
Samagya
June 15, 2021

24 BJP MLAs Skip Meet With Bengal Governor

Worry in party as some of those who did not show up had close ties with not to Mukul Roy who returned to TMC

2 mins read
The Morning Standard
June 15, 2021

ममता ने किसान नेताओं के आंदोलन का समर्थन करने का आश्वासन दिया

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में आए किसान नेताओं को नए केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनके आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया।

1 min read
Dakshin Bharat Rashtramat Chennai
June 10, 2021

'चुनाव के बाद हिंसा मानवता को कर रही है शर्मशार'

राज्यपाल ने ममता पर फिर बोला हमला, कहा-

1 min read
Samagya
June 07, 2021

बंगाल : कोरोना ग्राफ पर लगा लगाम, विधानसभा व राज्यसभा सीटों पर जल्द उपचुनाव चाहती है तृणमूल

5 जून की बैठक मे अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना

1 min read
Samagya
June 03, 2021

राजनीति के केंद्र में अब 'ममता फैक्टर'

पश्चिम बंगाल में भाजपा को मिली करारी हार ने मानो विपक्ष को संजीवनी ला कर दे दी हो. इस चुनाव ने यह दिखा दिया कि यदि सही रणनीति, कौशलता, सूझबूझ व कड़ी मेहनत से चुनाव लड़ा जाए तो भाजपा के धनबल, दमखम, मीडिया और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण जैसी चालों को बुरी तरह मात दी जा सकती है. यही कारण है कि विपक्ष के पास अगले चुनावों में ममता फैक्टर ही सब से अधिक काम आने वाला है जिस की शुरुआत यूपी फतह से संभव है.

1 min read
Sarita
May Second 2021

नारदा मामला : नहीं हो पाया फैसला, कल फिर होगी सुनवाई

नारद स्टिंग कांड मामले में अभियुक्त चारों नेतओं की जमानत पर सोमवार को भी कुछ निश्चित फैसला नहीं हो सका। नेताओं के जमानत का मसला अभी भी नहीं सुलझ पाया है।

1 min read
Samagya
May 25, 2021