अतीत और भविष्य
Gambhir Samachar|April 16, 2021
गत 6 अप्रैल को दुनिया के सबसे बड़े राजनैतिक संगठन भारतीय जनता पार्टी ने अपना 41 वां स्थापना दिवस मनाया. भारत के पश्चिमी घाट को मंडित करने वाले महासागर के किनारे खड़े होकर मैं ये भविष्यवाणी करने का साहस करता हूँ कि अंधेरा छंटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा. यह शब्द है अटल बिहारी वाजपेयी के, जो उन्होंने ठीक 41 वर्ष पहले 6 अप्रैल, 1980 को कहे थे. अटलजी जिस पश्चिमी घाट और महासागर की बात कर रहे थे, वह था मुंबई का समुद्री तट, जहाँ अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई थी और वाजपेयी ने भाजपा की ओर से पहला भाषण दिया था. भाषण के अंत में वाजपेयी ने कमल खिलने की भविष्य वाणी की थी, जो ठीक 34 साल बाद 2014 में सही साबित हुई.
जयेश पाण्डया

जनसंघ के रूप में नेताओं ने जब भाजपा की स्थापना की, तब उनमें कितना जोश रहा होगा. इसी जोश, उत्साह और उमंग के साथ भाजपा लोकसभा चुनाव 1984-85 में उतरने को आतुर थी, परंतु अचानक देश की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या हो गई और पूरे देश में कांग्रेस के प्रति सहानुभूति लहर दौड़ गई. ऐसे में जहाँ अच्छी-अच्छी पार्टियों का सफाया हो गया, भला चार साल पुरानी भाजपा को क्या हासिल होता? इसके बावजूद भाजपा ने 2 सीटें जीतीं, परंतु वाजपेयी सहित सभी बड़े नेता चुनाव हार गए.जो दो नेता जीते, उनमें एक गुजरात की मेहसाणा सीट से डॉ. ए. के. पटेल थे, तो दूसरे आंध्र प्रदेश की हनमकोंडा सीट से चंदूपटिया जगन रेड्डी.

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ऑक्सीजन पर सियासत

कोरोना वायरस से पैदा हुए हालात तो महाराष्ट्र, दिल्ली, यूपी और कई और भी राज्यों में करीब करीब एक जैसे ही हैं, लेकिन दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी के चलते अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जान पर बन आयी है. ऑक्सीजन न मिलने की वजह से तो वेंटिलेटर पर रहे 22 मरीजों की महाराष्ट्र के अस्पताल में भी मौत हो गयी, लेकिन वहां ऑक्सीजन की कमी नहीं थी, बल्कि, गैस लीक होने के चलते करीब आधे घंटे तक मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचने में रुकावट आ गयी.

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

भाजपा के लिए खतरनाक है मोदी का आत्मनिर्भर भारत अभियान!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का मकसद तो यही है कि हर बात के लिए सारे लोग सरकार का मुंह न देखते रहें जितना भी संभव हो सके खुद भी कुछ न कुछ करें और अपने आस पास के लोगों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित करें.जब देश का प्रत्येक नागरिक आत्मनिर्भनर बनने की कोशिश करेगा तो सरकार पर काम का बोझ कम होगा और सरकार लोगों की बुनियादी जरूरतों को छोड़ आगे के बारे में सोचेगी. ये समझाइश भी इसीलिए रही है कि कोई ये न सोचे कि सरकार ने आपके लिए क्या किया हमेशा लोग ये सोचें कि देश के लिए हमने क्या किया?

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

प्रकृति के अनुरूप थे हमारे पुरखे!

मनुष्य को प्रकृति के करीब ला रहा है कोरोना. जी हा, आपने बिलकुल सही पढ़ा है. जब-जब मनुष्य प्रकृति के नियमों के विरुद्ध चला है, तब-तब उसे बीमारियों और संक्रमण फैलाने वाले वायरसों से दो-दो हाथ होना पड़ा है. प्राचीन समय ऋषि-मुनियों के आश्रम प्राकृतिक वातावरण के बीच हुआ करते थे और उन्हीं आश्रमों में रहकर ये ईश्वरीय ध्यान करते थे और शिष्यों को शिक्षा प्रदान किया करते थे. इतना ही नहीं ये ऋषि-मुनि प्रकृति के करीब रहकर सौ साल से ऊपर तक की आयु में भी स्वस्थ जीवन जीया करते थे. लेकिन आज हम पक्के घरों की चार दीवारी में बंद परवे, कूलर और एसी की हवा खाकर बीमार हो रहे हैं जो वायरस और संक्रमण को फैलाने में अहम भूमिका अदा करते हैं.

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May 01, 2021

फॉर्मल हुआ हर्बल

लगभग एक शताब्दी बाद दुनिया यह देखने के लिए बाध्य हुई कि एक महामारी ने पूरी धरती को एक साथ अपनी चपेट में ले लिया. तमाम आधुनिक मेडिकल साइंस इस महामारी को नियंत्रित करने में विफल साबित हुआ.

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May 01, 2021

कोरोना को हराने आई सेना

कोरोना से जंग लड़ने के लिए अब भारतीय सेना भी मोर्चे पर आ गई है. इसलिए यह उम्मीद बंधी है कि कोरोना की चालू लहर पर काबू पाने में मदद मिलेगी.

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

ऑक्सीजन के क्यों पड़े लाले?

कोरोना के शिकार कई मरीज इलाज के इंतजार में दम तोड़ रहे हैं. जिन लोगों को साँस लेने में ज्यादा तकलीफ हो रही है उनका इलाज करने में अस्पतालों को दिन-रात एक करना पड़ रहा है. जिन लोगों को किस्मत से बेड मिल गई है, उनकी साँसें बचाने के लिए अस्पताल भारी जद्दोजहद में जुटे हैं. सोशल मीडिया और व्हॉट्स ग्रुप पर ऑक्सीजन सिलिंडरों की माँग करती अपीलों की भरमार है.

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May 01, 2021

ऑक्सीजन और वनों की उपयोगिता

कोरोना वैक्सीन छोड़िए, इस संकट में लोगों को ऑक्सीजन तक नसीब नहीं हो रही है. 'कोरोना सांसे छीन रहा है', अब तक लोग सुनते आ रहे थे पर जिस तरह से सभी राज्यों में ऑक्सीजन की कमी हुई है, उसमें लोग यह दर्दनाक वाकया देखने को मजबूर हो गए हैं. आत्मा सिहर कर रह जाती है, जैसे ही कोई अखबार पढ़ो या टीवी देखो. हर तरफ कोरोना ने कोहराम मचा रखा है. उससे भी ज्यादा दुरवद यह है कि लोगों को ऑक्सीजन तक मयस्सर नहीं हो रही है.

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May 01, 2021

अब बढ़ेगी पाकिस्तान की मुश्किलें

पहले से एक साथ कई मुश्किले झेल रहे पाकिस्तान के लिए अब एक और नई मुश्किलें खड़ी होने जा रही है. दरअसल, आफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने घोषणा की है कि अफगानिस्तान में तैनात सभी अमेरिकी सैनिक सितंबर की 11 तारीख तक वापिस लौट जाएंगे. अमेरिका की इस डेडलाइन पर पाकिस्तान नजर बनाए हुए हैं. पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिकी सैनिकों के वापस जाने को अफगान शांति प्रक्रिया से जोड़ा जाना चाहिए.

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

कोरोना काल में आयुर्वेद की ओर आत्मनिर्भर भारत

आयुर्वेद प्राकृतिक एवं समग्र स्वास्थ्य की पुरातन भारतीय पद्धति है. संस्कृत मूल का यह शब्द दो धातुओं के संयोग से बना है आयुः + वेद 'आयु' अर्थात लम्बी उम्र (जीवन) और 'वेद' अर्थात विज्ञान.अतः आयुर्वेद का शाब्दिक अर्थ जीवन का विज्ञान है.

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May 01, 2021

मुंबई का ऑक्सीजन मैन

देश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में बेड से लेकर ऑक्सीजन तक की कमी के चलते लोगों की जान जा रही है. ऐसे में मुंबई के मलाड स्थित मालवणी के 32 वर्षीय शाहनवाज शेख कुछ जिंदगियाँ बचाने के लिए मैदान में हैं.पैसों की कमी हुई, तो उन्होंने अपनी महंगी एसयूवी कार बेच दी और ऑक्सीजन सिलेंडर खरीद कर लोगों को मुफ्त ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया. सिलेंडर कम पड़े, तो अपनी सोने की चेन के साथ कुछ और जरूरी चीजें बेच दी. शाहनवाज शेख ने बताया, 'ऑक्सीजन की कमी से लोगों की जान जा रही है. ऐसे में हमारा प्रयास है कि जितना संभव हो, हम लोगों तक मुफ्त ऑक्सीजन पहुँचाएँ और लोगों की जान बचाएँ. इसके लिए हमने अपनी एसयूवी कार सहित कुछ कीमती सामान बेच दिया.'

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Gambhir Samachar
May 01, 2021
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May 17, 2021

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Mamata Banerjee’s victory holds out hope not just for Bengal but for opposition forces across the country looking to halt the relentless march of the saffron brigade

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May 17, 2021

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May 07, 2021

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May 07, 2021

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The New Indian Express Chennai
May 07, 2021

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Kolkata: Taking a swipe at the Centre for sending a letter and a team of the Home Ministry with regards to post-poll violence within 24 hours of her taking the oath as the Chief Minister, Mamata Banerjee accused the BJP of instigating violence by sending Central ministers to villages as the saffron party “cannot digest the defeat” in the Assembly elections.

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Millennium Post Delhi
May 07, 2021