उत्तराखड त्रासंदी: कुदरत का कहर
Gambhir Samachar|February 16, 2021
तो क्या चमोली में जो कुछ हुआ वह जलवायु परिवर्तन का नतीजा है या बेहद विकसित और साधन संपन्न होती दुनिया के लिए अभी भी चेत जाने की दस्तक?

सच यह है कि 8 महीने पहले ही वैज्ञानिकों ने आगाह कर दिया था और इसको लेकर जर्नल साइंस एडवांस 2019 में एक रिसर्च भी छपी थी, जिसमें बड़े इलाके में ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने तथा इसे लेकर 40 वर्षों के अध्ययन जिसमें सैटेलाइट सर्वेक्षण और तस्वीरों के विश्लेषण का नतीजा भी शामिल है, उसमें अंदेशा जताया गया था कि ग्लोबल वार्मिंग से हिमालय के ग्लेशियर पिघल रहे हैं. इसे अनदेखा किया गया. आँकड़े और अध्ययन बताते हैं कि पिछले 25 वर्षों यानी 1975 से 2000 तक के मुकाबले 2000 से 2016 तक वहाँ का तापमान लगभग एक डिग्री सेल्सियस बढ़ा है. जहाँ वर्ष 2000 तक यानी बीते 25 वर्षों में केवल ग्लेशियरों से चौथाई मीटर तक बर्फ पिघलती थी, वहीं 2000 के बाद पिघलन दर दोगुनी से भी ज्यादा हो गई. स्वाभाविक है कि सारा कुछ ग्लोबल वार्मिंग का खेल है. लेकिन हैरानी है कि गुपचुप ग्लेशियर पानी में तब्दील होते रहे और सभी बेखबर रहे ! उन्हीं ग्लेशियरों का नतीजा अपने रौद्र रूप में सात साल, सात महीने, 25 दिन बाद फिर सामने आया. इसबार भी देवभूमि उत्तराखंड ही निशाना बनी.

दुनिया के तीसरे ध्रुव के नाम से पहचाने जाने वाले हिमालय को लेकर जितनी जानकारी है उससे यह संकट खत्म होने से रहा क्योंकि न तो ज्यादा डेटा है और न ही रिसर्च. आर्कटिक और अंटार्टिका के बाद दुनिया का तीसरा ध्रुव इसी हिमालय क्षेत्र को हिन्दू कुश भी कहते हैं. जो हिमालय क्षेत्र अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, चीन, भारत, किर्गिजस्तान, मंगोलिया, म्याँमार, नेपाल, पाकिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान तक यानी लगभग 5 मिलियन वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला है. विशेषताओं की बात करें तो इस पूरे क्षेत्र में सांस्कृतिक रूप से संपन्न एक बड़ी आबादी रहती है. हाँ, यही वो अकेला क्षेत्र है जो ध्रुवीय क्षेत्रों से अलग बाहर की दुनिया में सबसे ज्यादा बर्फ इकट्ठा करता है इसीलिए इसको द थर्ड पोल भी कहते हैं. ऐसे में घूम-फिरकर वही सच्चाई सामने आ जाती है कि हिमालय के ग्लेशियरों में जो चल रहा है उसकी क्या वजह है और उसे कैसे रोका जा सकता है? इसपर न तो कोई प्रमाणित शोध ही है और न ही पूरी गंभीरता से कुछ किया गया दिखता है. हालांकि इसबार सर्दियों में यह हादसा हुआ है जिसपर कई लोगों को आश्चर्य होना स्वाभाविक है.

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ऑक्सीजन पर सियासत

कोरोना वायरस से पैदा हुए हालात तो महाराष्ट्र, दिल्ली, यूपी और कई और भी राज्यों में करीब करीब एक जैसे ही हैं, लेकिन दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी के चलते अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जान पर बन आयी है. ऑक्सीजन न मिलने की वजह से तो वेंटिलेटर पर रहे 22 मरीजों की महाराष्ट्र के अस्पताल में भी मौत हो गयी, लेकिन वहां ऑक्सीजन की कमी नहीं थी, बल्कि, गैस लीक होने के चलते करीब आधे घंटे तक मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचने में रुकावट आ गयी.

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

भाजपा के लिए खतरनाक है मोदी का आत्मनिर्भर भारत अभियान!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का मकसद तो यही है कि हर बात के लिए सारे लोग सरकार का मुंह न देखते रहें जितना भी संभव हो सके खुद भी कुछ न कुछ करें और अपने आस पास के लोगों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित करें.जब देश का प्रत्येक नागरिक आत्मनिर्भनर बनने की कोशिश करेगा तो सरकार पर काम का बोझ कम होगा और सरकार लोगों की बुनियादी जरूरतों को छोड़ आगे के बारे में सोचेगी. ये समझाइश भी इसीलिए रही है कि कोई ये न सोचे कि सरकार ने आपके लिए क्या किया हमेशा लोग ये सोचें कि देश के लिए हमने क्या किया?

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

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मनुष्य को प्रकृति के करीब ला रहा है कोरोना. जी हा, आपने बिलकुल सही पढ़ा है. जब-जब मनुष्य प्रकृति के नियमों के विरुद्ध चला है, तब-तब उसे बीमारियों और संक्रमण फैलाने वाले वायरसों से दो-दो हाथ होना पड़ा है. प्राचीन समय ऋषि-मुनियों के आश्रम प्राकृतिक वातावरण के बीच हुआ करते थे और उन्हीं आश्रमों में रहकर ये ईश्वरीय ध्यान करते थे और शिष्यों को शिक्षा प्रदान किया करते थे. इतना ही नहीं ये ऋषि-मुनि प्रकृति के करीब रहकर सौ साल से ऊपर तक की आयु में भी स्वस्थ जीवन जीया करते थे. लेकिन आज हम पक्के घरों की चार दीवारी में बंद परवे, कूलर और एसी की हवा खाकर बीमार हो रहे हैं जो वायरस और संक्रमण को फैलाने में अहम भूमिका अदा करते हैं.

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फॉर्मल हुआ हर्बल

लगभग एक शताब्दी बाद दुनिया यह देखने के लिए बाध्य हुई कि एक महामारी ने पूरी धरती को एक साथ अपनी चपेट में ले लिया. तमाम आधुनिक मेडिकल साइंस इस महामारी को नियंत्रित करने में विफल साबित हुआ.

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Gambhir Samachar
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ऑक्सीजन के क्यों पड़े लाले?

कोरोना के शिकार कई मरीज इलाज के इंतजार में दम तोड़ रहे हैं. जिन लोगों को साँस लेने में ज्यादा तकलीफ हो रही है उनका इलाज करने में अस्पतालों को दिन-रात एक करना पड़ रहा है. जिन लोगों को किस्मत से बेड मिल गई है, उनकी साँसें बचाने के लिए अस्पताल भारी जद्दोजहद में जुटे हैं. सोशल मीडिया और व्हॉट्स ग्रुप पर ऑक्सीजन सिलिंडरों की माँग करती अपीलों की भरमार है.

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

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कोरोना वैक्सीन छोड़िए, इस संकट में लोगों को ऑक्सीजन तक नसीब नहीं हो रही है. 'कोरोना सांसे छीन रहा है', अब तक लोग सुनते आ रहे थे पर जिस तरह से सभी राज्यों में ऑक्सीजन की कमी हुई है, उसमें लोग यह दर्दनाक वाकया देखने को मजबूर हो गए हैं. आत्मा सिहर कर रह जाती है, जैसे ही कोई अखबार पढ़ो या टीवी देखो. हर तरफ कोरोना ने कोहराम मचा रखा है. उससे भी ज्यादा दुरवद यह है कि लोगों को ऑक्सीजन तक मयस्सर नहीं हो रही है.

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

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पहले से एक साथ कई मुश्किले झेल रहे पाकिस्तान के लिए अब एक और नई मुश्किलें खड़ी होने जा रही है. दरअसल, आफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने घोषणा की है कि अफगानिस्तान में तैनात सभी अमेरिकी सैनिक सितंबर की 11 तारीख तक वापिस लौट जाएंगे. अमेरिका की इस डेडलाइन पर पाकिस्तान नजर बनाए हुए हैं. पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिकी सैनिकों के वापस जाने को अफगान शांति प्रक्रिया से जोड़ा जाना चाहिए.

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

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आयुर्वेद प्राकृतिक एवं समग्र स्वास्थ्य की पुरातन भारतीय पद्धति है. संस्कृत मूल का यह शब्द दो धातुओं के संयोग से बना है आयुः + वेद 'आयु' अर्थात लम्बी उम्र (जीवन) और 'वेद' अर्थात विज्ञान.अतः आयुर्वेद का शाब्दिक अर्थ जीवन का विज्ञान है.

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Gambhir Samachar
May 01, 2021

मुंबई का ऑक्सीजन मैन

देश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में बेड से लेकर ऑक्सीजन तक की कमी के चलते लोगों की जान जा रही है. ऐसे में मुंबई के मलाड स्थित मालवणी के 32 वर्षीय शाहनवाज शेख कुछ जिंदगियाँ बचाने के लिए मैदान में हैं.पैसों की कमी हुई, तो उन्होंने अपनी महंगी एसयूवी कार बेच दी और ऑक्सीजन सिलेंडर खरीद कर लोगों को मुफ्त ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया. सिलेंडर कम पड़े, तो अपनी सोने की चेन के साथ कुछ और जरूरी चीजें बेच दी. शाहनवाज शेख ने बताया, 'ऑक्सीजन की कमी से लोगों की जान जा रही है. ऐसे में हमारा प्रयास है कि जितना संभव हो, हम लोगों तक मुफ्त ऑक्सीजन पहुँचाएँ और लोगों की जान बचाएँ. इसके लिए हमने अपनी एसयूवी कार सहित कुछ कीमती सामान बेच दिया.'

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Gambhir Samachar
May 01, 2021
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On April 21, on the occa­ sion of Sri Rama Navami, the Tirumala Tirupati Devasthanams (TTD), custodian of the richest Hindu shrine, unveiled “mythological, epigraphic and geographic evidence” to claim that Tirumala is the birth­ place of the Hindu god Hanuman.

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May 03, 2021

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March 24, 2021

इसरो ने साउंडिंग रॉकेट (आरएच-560) लांच किया

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने न्यूट्रल विंड और प्लाज्मा गतिशीलता में व्यवहारिक भिन्नताओं का अध्ययन करने वाले साउंडिंग रॉकेट (आरएच-560) को लांच किया। इसरो ने साउंडिंग रॉकेट (आरएच-60) को श्रीहरिकोटा स्थित एसडीएससी एसएचएआर केंद्र से शुक्रवार रात लांच किया है।

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March 14, 2021

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March 01, 2021

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