ड्रग्स का जाल- अब शाहरुख का दुलारा बना समीर वानखेडे का शिकार
DASTAKTIMES|October 2021
एनसीबी को आर्यन के पास से कोई मादक पदार्थ नहीं मिला था। उसे सिर्फ वाट्सएप चैट्स के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। क्रूज शिप पर ड्रग्स पार्टी करने के आरोप में फंसे आर्यन खान के पिता शाहरुख खान को भी बड़ा झटका लगा है।
रवि त्रिपाठी

मायानगरी मुम्बई में इन दिनों फिल्मी सितारों से अलग एक नाम बेहद चर्चाओं में है। ये नाम पहले भी फिल्म जगत से जुड़े लोगों की नींद उड़ा चुका है और इस बार शाहरुख के बेटे आर्यन खान का इससे पाला पड़ा है, जिसकी वजह से उसकी मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ये शख्स एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेडे हैं, जो ड्रग्स को सूंघकर मौके पर पहुंचने के लिए जाने जाते हैं। ड्रग्स सिंडिकेट से लेकर इस कारोबार से जुड़े लोगों के निशाने पर रहने वाले वानखेडे इन सबसे बेपरवाह अपने काम को अंजाम देते रहते हैं। आर्यन खान मामले में भी उन पर कई आरोप लग रहे हैं। सोशल मीडिया पर शाहरुख खान द्वारा उन्हें फोन करके अपने बेटे का ध्यान रखने के दौरान आर्यन को चांटा मारने जैसे खबरें चर्चाओं में हैं। ऐसी खबरों में वानखेडे को बॉलीवुड का असली सिंघम कहा जाता है। हालांकि वानखेडे अपने से जुड़ी ऐसी चर्चाओं, अफवाहों और आरोपों को गम्भीरता से नहीं लेते।

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दादी इंदिरा के नक्शे कदम पर चल रहीं प्रियंका

कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव और उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी वाड्रा अन्य दलों की तुलना में थोड़ा ज्यादा प्रभाव छोड़ने में कामयाब रहीं। विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी को किसी तरह लड़ाई में लाने में जुटी प्रियंका अच्छी तरह जानती हैं कि कमजोर संगठन के कारण उनके लिए यह उतना आसान नहीं हैं। ऐसे में मुद्दों को तलाशना और उसे लेकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाना मददगार साबित हो सकता है

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October 2021

ड्रग्स का जाल- अब शाहरुख का दुलारा बना समीर वानखेडे का शिकार

एनसीबी को आर्यन के पास से कोई मादक पदार्थ नहीं मिला था। उसे सिर्फ वाट्सएप चैट्स के आधार पर गिरफ्तार किया गया है। क्रूज शिप पर ड्रग्स पार्टी करने के आरोप में फंसे आर्यन खान के पिता शाहरुख खान को भी बड़ा झटका लगा है।

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DASTAKTIMES
October 2021

हत्यारी बनती खाकी

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। मामले में बातचीत के बहाने जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक का पीड़ित परिवार पर मुकदमा न दर्ज कराने के लिए दबाव बनाने का वीडियो वायरल होने पर पुलिस व प्रशासन की बेहद किरकिरी हुई।

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October 2021

बदलाव के 4.5 साल

पिछले साढ़े चार सालों में कोई भी आरोप नहीं लगा सकता है कि ट्रांसफर-पोस्टिंग में कोई लेनदेन हुआ हो। वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश को देश में रुकावट पैदा करने वाला प्रदेश समझा जाता था। आज नेकनीयत और ईमानदार नेतृत्व का नतीजा है कि प्रदेश, देश की बड़ी योजनाओं का नेतृत्व कर रहा है।

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October 2021

यूं ही नहीं हुई 'अब्बाजान' 'चचाजान' की एंट्री

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला भाजपा और सपा के बीच माना जा रहा है। भाजपा इसीलिए लगातार सपा पर मुस्लिम तुष्किरण का आरोप लगाकर उस पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की रणनीति अपना रही है। मुख्यमंत्री से लेकर दूसरे भाजपा नेता भी अक्सर पूछते रहे हैं कि अखिलेश यादव को अब्बाजन शब्द में क्या आपत्तिजनक लगता है। भगवा खेमे का आरोप है कि सपा मुस्लिम वोट तो चाहती है। लेकिन, अब्बाजन शब्द से उसे समस्या है।

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October 2021

उत्तराखंड के बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण से जुड़ी एक और नई उपलब्धि

पारंपरिक प्रोडक्ट्स का उत्पादन किया जाता रहा है। अब उत्तराखंड सरकार ने ऐसे कृषि भूमि के आकार में वृद्धि करने पर प्रतिबद्धता जाहिर की है जिस पर राज्य के पारंपरिक उत्पादों के उत्पादन को बढ़ाया जा सके।

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October 2021

महंत की मौत आत्महत्या या साजिश

महंत नरेंद्र गिरि की मौत के रहस्य में सबसे अहम कमरे में मिला उनका सुसाइड नोट है। इसके हस्ताक्षर, राइटिंग, कई जगह कटिंग, तारीखों में बदलाव को लेकर तमाम सवाल खड़े होते रहे हैं। हालांकि प्रथम दृष्टया जांच में इतना साफ हुआ है कि सुसाइड नोट पर जो हस्ताक्षर हैं वह नरेंद्र गिरि के ही हैं। हालांकि सुसाइड नोट की फॉरेंसिक जांच अभी जारी है। हस्ताक्षर के अलावा सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग की रिपोर्ट अभी साफ नहीं है।

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October 2021

मुख्यमंत्रीधामी का शानदार शतक 100 दिन में 330 उपलब्धियां का रिकॉर्ड

ताबतड़तोड़ फैसले करके जनता का दिल जीतने वाले मुख्यमंत्री धामी की कार्यकुशलता से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व में भी मुरीद हो गया हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी प्रशंसा कर उन्हें युवा ऊर्जावान और उत्साहित बताते हुए अपना मित्र तक बताया। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उन्हें अन्तिम ओवर में मैच जिताने का माद्दा रखने वाले धाकड़ बल्लेबा बता चुके हैं। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उत्तराखण्ड दौरे के दौरान धामी सरकार के कार्य से बेहद सन्तुष्ट नजर आए। कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल कहते हैं कि मुख्यमंत्री धामी के ऊर्जावान नेतृत्व में सरकार ने काफी बेहतर काम किया है। 100 दिन के कार्यकाल का एक एक पल जनता को समर्पित रहा है। इन सौ दिनों में हमने जनता के हित में 330 से अधिक फैसले किए हैं।

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October 2021

पिछले 7 वर्षों की यात्रा में कहां खड़ी है मोदी की विदेश नीति

आज तेज गति से बदल रही क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति के दौर में इस बात पर चर्चा करनी बहुत जरूरी है कि भारत वैश्विक मंच पर किस हद तक अपने राष्ट्रीय हितों को पूरा कर पाया है, क्या भारत की विदेश नीति में वो बार्गेनिंग स्किल्स विकसित हुई हैं जिनसे वो अपने विरोधियों को प्रति संतुलित कर पाया है? क्या भारत कई देशों के साथ लगातार बढ़ रहे अपने व्यापारिक घाटे को पाटने के लिए कुछ निर्णायक कदम उठाने का साहस जुटा पा रहा है। ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब खोजने पर ही पता चल पाता है कि हमने पिछले सात वर्षों में विदेश नीति के स्तर पर क्या हासिल किया है। पिछले सात वर्षों में भारत की विदेश नीति का मूल्यांकन करें, तो बहुत सी महत्वपूर्ण बातें सामने आती हैं।

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October 2021

20 साल-भारतीय राजनीति के अजेय नायक: नरेन्द्र मोदी

नरेंद्र मोदी की भारतीय राजनीति में सर्वाधिक प्रभावी भूमिका का दौर गुजरात की राजनीति से 2001 में शुरू हुआ। दरअसल इस समय गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री केशुभाई पटेल ने उप चुनावों में बीजेपी की हार के बाद मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था और उस समय गुजरात में बीजेपी को ऊंचाइयों पर पहुँचाने वाले एक बड़े रणनीतिकार को पहली बार गुजरात का मुख्यमंत्री अक्टूबर, 2001 में बनाया गया और ये पोलिटिकल ब्रेन थे नरेंद्र मोदी। मोदी ऐसे सर्वप्रिय राजनेता हैं जिन्होंने राष्ट्रवाद को नई दिशा दी है। पड़ोसी देश पाकिस्तान के आतंकी मंसूबों के खिलाफ़ आपने अल्ट्रा जीरो टॉलरेंस पालिसी अपनाई। ये मोदी जी ही है जिन्होंने उरी टेरर अटैक के बाद पाकिस्तान को साफ-साफ कह दिया कि कश्मीर घाटी में खून और पानी एक साथ साथ नही बह सकता, इसलिए भारत ने सिंधु जल समझौते के समीक्षा को क्रॉस बॉर्डर टेररिज्म से जोड़ दिया। भारत द्वारा दो दो बार सर्जिकल स्ट्राइक करना, पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेना मोदी की मजबूत इच्छा शक्ति का ही प्रमाण है। मोदी के नेतृत्व में म्यांमार की भूसीमा के अंदर भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक कर भारत विरोधी उग्रवादी संगठनों के टेरर कैम्पों का खात्मा कर दिया। कश्मीर का गलवान हो या अरुणाचल का तवांग, सिक्किम का नकूला दर्रा हो या उत्तराखंड का कालापानी लिपुलेख भारतीय प्रधानमंत्री ने पड़ोसी देशों को मर्यादित रहना सिखाया है।

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October 2021