मुख्यमंत्रीधामी का शानदार शतक 100 दिन में 330 उपलब्धियां का रिकॉर्ड
DASTAKTIMES|October 2021
ताबतड़तोड़ फैसले करके जनता का दिल जीतने वाले मुख्यमंत्री धामी की कार्यकुशलता से पार्टी का शीर्ष नेतृत्व में भी मुरीद हो गया हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनकी प्रशंसा कर उन्हें युवा ऊर्जावान और उत्साहित बताते हुए अपना मित्र तक बताया। वहीं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उन्हें अन्तिम ओवर में मैच जिताने का माद्दा रखने वाले धाकड़ बल्लेबा बता चुके हैं। पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी उत्तराखण्ड दौरे के दौरान धामी सरकार के कार्य से बेहद सन्तुष्ट नजर आए। कैबिनेट मंत्री बिशन सिंह चुफाल कहते हैं कि मुख्यमंत्री धामी के ऊर्जावान नेतृत्व में सरकार ने काफी बेहतर काम किया है। 100 दिन के कार्यकाल का एक एक पल जनता को समर्पित रहा है। इन सौ दिनों में हमने जनता के हित में 330 से अधिक फैसले किए हैं।
राम कुमार सिंह

चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में राज्य की कमान संभालने वाले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बीते दिनों अपने कार्यकाल के 100 दिन पूरे कर लिए। इन 100 दिनों में जहां मुख्यमंत्री धामी की लोकप्रियता का ग्राफ लगातार बढ़ा है, वहीं अपनी राजनीतिक हैं। परिपक्वता और सुशासन की बदौलत वह जनता के बीच गहरी छाप छोड़ने में भी सफल हुए इसके साथ ही सरकार ने विकास के नये मापदण्ड स्थापित करते हुए एक मिसाल भी कायम की है। मुख्यमंत्री धामी ने ये साबित कर दिखाया है कि वह छोटी पारी खेलने नहीं आये हैं। पार्टी नेतृत्व ने उन्हें मौका देने का जो निर्णय किया, वह हर लिहाज से पूरी तरह सही है।

दरअसल चुनावी मोड़ पर खड़े देवभूमि में नेतृत्व परिवर्तन करते हुए भाजपा ने जब युवा चेहरे पुष्कर सिंह धामी को राज्य की कमान सौंपी तो उस समय मुख्यमंत्री पर बेहद दबाव की चर्चायें थी। सभी की निगाहें इस बात पर लगी हुई थी कि वरिष्ठ नेताओं के बीच सन्तुलन बनाते हुए मुख्यमंत्री कैसे काम कर पाएंगे। लेकिन, बयानबाजी करके सुर्खियों में रहने के बजाय मुख्यमंत्री धामी ने सधे हुए अन्दाज में कदम बढ़ाया।

पहले ही झटके में नौकरशाही में बदलाव करते हुए। मुख्य सचिव पद पर तैनात ओम प्रकाश को हटा दिया। उनकी जगह 1988 बैच के उत्तराखण्ड कैडर के आईएएस अफसर डॉ.सुखबीर सिंह को जिम्मेदारी सौंपी। इसके बाद शासन स्तर पर कई वरिष्ठ अफसरों की जिम्मेदारियां बदली गईं, कुछ के पर कतरे गए तो कुछ की जिम्मेदारियां बढ़ाई गईं। मुख्यमंत्री धामी ने खुद के विभागों को कम करते हुए दूसरे मंत्रियों को जिम्मेदारियां सौंपी। देखा जाए तो किसी सरकार के काम की तुलना के लिए 100 दिनों का वक्त बेहद कम होता है। लेकिन, मुख्यमंत्री धामी इसमें भी सबको पीछे छोड़ते नजर आए। राज्य में भाजपा सरकार के आत्मविश्वास को बढ़ाते हुए वह युवा शक्ति को जाग्रत करने में भी सफल हुए हैं। 2022 के चुनाव में जाने से पहले मुख्यमंत्री धामी अपनी सरकार के माध्यम से जनता के बीच एक नयी सोच को बना रहे हैं। के जनता के बीच विश्वास कायम हुआ है कि सरकार तक न सिर्फ उसकी आवाज पहुंच रही है, बल्कि उसकी सुनवाई भी हो रही है। राज्य का मुखिया स्वयं उनके बीच आकर काम का फीडबैक ले रहा है।

" 20-20 मैच में धामी को आखिरी ओवर में उतारा गया। वह धाकड़ बल्लेबाज हैं। उत्तराखण्ड की जनता की निगाहें उन पर टिकी हैं। इस तरह उन्होंने साफ कर दिया कि पार्टी ने उन्हें अपनी रणनीति के तहत ही चुनाव के चन्द महीनों पहले सरकार की कमान सौंपी। ये निर्णय जल्दबाजी में नहीं किया गया, बल्कि पार्टी नेतृत्व धामी की क्षमताओं से अच्छी तरह वाकिफ था, इसलिए उन्हें इतनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई। वहीं धामी के समर्थक उनमें महेन्द्र सिंह धोनी की भी झलक देख रहे हैं। धौनी अन्तिम ओवरों की सीमित गेंदों के बीच मैच जिताने के लिए मशहूर रहे हैं। विषम परिस्थितियों में दबाव से इतर सही और सटीक निर्णय करने के कारण उन्हे कैप्टन कूल भी कहा जाता है। वह भी देवभूमि से ताल्लुक रखते हैं। उनकी प्रतिभा का हर कोई कायल है। मुख्यमंत्री धामी का भी अन्दाज बिल्कुल उसी तरह है और अब उन्हें भी सियासत के धाकड़ बल्लेबाज का तमगा मिल गया है।- राजनाथ सिंह, रक्षामंत्री,भारत सरकार

मुख्यमंत्री ने सत्ता की कमान संभालने के साथ ही 24000 हजार रिक्त पदों पर भर्ती का ऐलान किया। भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई। कोविड से प्रभावित पर्यटन क्षेत्र के लिए 200 करोड़ का पैकेज जारी किया। चिकित्सा क्षेत्र के लिए 205 करोड़ का पैकेज दिया। महिला सशक्तीकरण की दिशा में भी मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना की शुरुआत की। धामी सरकार के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग को अलग से मंत्री मिला। कोरोना काल के कारण परेशान युवाओं से नौकरी में आवेदन के लिए शुल्क नहीं लेने और कोरोना की वजह से बच्चों का साल खराब नहीं हो इसके लिए भर्ती की आयु सीमा बढ़ाने का अहम फैसला किया। देवस्थानम बोर्ड पर चल रही तीर्थपुरोहितों की नाराजगी को शांत करने के लिए उच्च स्तरीय समिति बनाई गई। राज्य के मेडिकल कॉलेजों में स्टाइपेंड को बढ़ाकर 17 हजार रुपये किया गया।

प्रधानमंत्री ने लगाई मुहर

देवभूमि उत्तराखंड को अगले कुछ सालों में देश के नंबर वन राज्य बनाने का संकल्पित युवा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुहर लगा दी है। एम्स ऋषिकेश में आयोजित कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ना सिर्फ युवा ऊर्जावान और उत्साही मुख्यमंत्री कहा बल्कि उन्हें मित्रः कहकर संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने सीएम पुष्कर सिंह धामी को इस सहज भाव और अपनेपन से सम्बोधित करते हुए कहा कि उत्तराखण्ड देव भूमि है, वीर भूमि है। केन्द्र सरकार सैनिकों के हितों के लिये गम्भीर है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी एक सैनिक पुत्र हैं। प्रधानमंत्री मोदी यहीं नहीं रुके, उन्होंने अपने संबोधन में पुष्कर सिंह धामी को युवा चेहरा और उत्साह से लवरेज मुख्यमंत्री बताया। प्रधानमंत्री ने 22 साल के उत्तराखंड को अगले तीन सालों में डबल इंजन की मदद से देश के शीर्ष राज्यों में शामिल करने का भरोसा दिलाया है। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगले कुछ वर्ष में उत्तराखंड गठन के 25 साल में पूरे हो जाएंगे, यही समय है सही समय है कि युवा और ऊर्जावान टीम के साथ केंद्र सरकार यहाँ के लोगों के सपनों को नई बुलंदी पर पहुँचाए। प्रधानमंत्री ने धामी सरकार द्वारा युद्धस्तर पर चलाए जा रहे कोविड टीकाकरण अभियान को लेकर तारीफ करते हुए कहा कि राज्य सरकार के प्रभावी मैनेजमेंट का ही नतीजा है कि उत्तराखंड जल्द शत-प्रतिशत टीकाकरण वाला राज्य बन जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इन तमाम बातों से यह स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी युवा सोच के साथ विकास के जिस रोड मैप को लेकर चल रहे हैं आने वाले समय में युवा उत्तराखंड हर क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक मुख्यमंत्री धामी की सियासत और कार्यप्रणाली का एक सशक्त पहलू ये भी है कि वह बयानबाजी और विवादों से दूर शान्त तरीके से विजन के मुताबिक कार्य करते हुए आगे बढ़ते हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उनकी इस विशेषता से बेहद अच्छी तरह वाकिफ हैं। इसलिए उन्होंने स्वयं देवभूमि को अगले तीन सालों में देश का नम्बर वन राज्य बनाने के लिए संकल्पित मुख्यमंत्री धामी के विजन पर मुहर लगा दी है।

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