पिछले 7 वर्षों की यात्रा में कहां खड़ी है मोदी की विदेश नीति
DASTAKTIMES|October 2021
आज तेज गति से बदल रही क्षेत्रीय और वैश्विक राजनीति के दौर में इस बात पर चर्चा करनी बहुत जरूरी है कि भारत वैश्विक मंच पर किस हद तक अपने राष्ट्रीय हितों को पूरा कर पाया है, क्या भारत की विदेश नीति में वो बार्गेनिंग स्किल्स विकसित हुई हैं जिनसे वो अपने विरोधियों को प्रति संतुलित कर पाया है? क्या भारत कई देशों के साथ लगातार बढ़ रहे अपने व्यापारिक घाटे को पाटने के लिए कुछ निर्णायक कदम उठाने का साहस जुटा पा रहा है। ऐसे कई सवाल हैं जिनका जवाब खोजने पर ही पता चल पाता है कि हमने पिछले सात वर्षों में विदेश नीति के स्तर पर क्या हासिल किया है। पिछले सात वर्षों में भारत की विदेश नीति का मूल्यांकन करें, तो बहुत सी महत्वपूर्ण बातें सामने आती हैं।

1. धारा 370 के उन्मूलन, पीओके पर आक्रामक नीति, एफएटीएफ में पाकिस्तान को आतंकी वित्त पोषण के मुद्दे पर घेरना, सिंधु जल तंत्र के पूर्वी नदियों के जल प्रवाह को नियंत्रित करने, सर्जिकल स्ट्राइक जैसी पहलों के जरिए भारत पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग थलग करने में पहली बार सफल रहा है।

विदेश नीति का सबसे बड़ा लक्ष्य राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा है और पिछले सात वर्षों में है में भारत की विदेश नीति को नई चुनौतियों के साथ नए आयाम, उद्देश्य मिले हैं और कई अवसरों पर भारतीय विदेश नीति ने अभूतपूर्व उपलब्धि भी हासिल की है। सबसे पहले देखें तो भारत की विदेश नीति ने अपनी पड़ोसी प्रथम की नीति के तहत बहुत कुछ नया सीखा है। पाकिस्तान और नेपाल को छोड़ दें तो सभी दक्षिण एशियाई देशों के साथ भारत का सहयोग और द्विपक्षीय संबंध मजबूत हुआ है और आज मालदीव और श्रीलंका जैसे राष्ट्र जो कभी चीन के अधिक प्रभाव में थे, इंडिया फर्स्ट पॉलिसी के तहत कार्य करने लगे हैं। इसके साथ ही भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा एक्सटेंडेड नेबरहुड फर्स्ट पॉलिसी के तहत दक्षिण एशियाई देशों के अलावा आसियान और पश्चिम एशिया, मंगोलिया, हिन्द महासागर क्षेत्र, इंडियन ओशेन रिम एसोसिएशन, खाड़ी देशों खासकर संयुक्त अरब अमीरात, बिम्सटेक देशों, मेकाँग गंगा सहयोग के देशों को पड़ोसी के रूप में देखने का जो विजन दिया गया है, उसी का प्रभाव है कि आज दक्षिण पूर्वी एशियाई और पश्चिम एशियाई देश चीन, पाकिस्तान, व्यापार वाणिज्य और महासागरीय सुरक्षा के मुद्दों पर भारत के साथ खड़े हैं । मंगोलिया जैसे देश ने जिसके साथ भारत का असैन्य नाभिकीय सहयोग समझौता भी हो चुका है, ने अपने थर्ड नेबर पॉलिसी के तहत भारत को अपने तीसरे पड़ोस का दर्जा दे दिया है। वहीं सऊदी अरब और यूएई जैसे देश पाकिस्तान को सबक तक सिखाने के कदम उठाते देखें गए हैं। ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कॉन्फ्रेंस की बैठक में मालदीव द्वारा भारत का पक्ष लेना भी ऐसा ही कदम है।

धारा 370 के उन्मूलन, पीओके पर आक्रामक नीति, एफएटीएफ में पाकिस्तान को आतंकी वित्त पोषण के मुद्दे पर घेरना, सिंधु जल तंत्र के पूर्वी नदियों के जल प्रवाह को नियंत्रित करने, सर्जिकल स्ट्राइक जैसी पहलों के जरिए भारत पाकिस्तान को वैश्विक स्तर पर अलग थलग करने में पहली बार सफल रहा है। ओआईसी के लगभग सभी प्रभावी मुस्लिम देश पाकिस्तान की उपेक्षा करना सीख गए हैं। यह भारत की अरब विश्व के प्रति एक ठोस नीति का परिचायक है। लेकिन अब अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद से पाकिस्तान इस खुशफहमी में आ गया है कि अफगान तालिबान समेत इस्लामिक सहयोग संगठन और इस्लामिक विश्व के कई देश उसके पक्ष में आ गए हैं जबकि ऐसा नही है।

2. 2015 में दोनों देशों ने 'जापान भारत विजन 2025 विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी' की घोषणा की जिसका मुख्य उद्देश्य हिन्द प्रशांत क्षेत्र और विश्व में शांति और समृद्धि के लिए काम करना है।

भारत ने सागरों और महासागरों की सुरक्षा को विश्व और क्षेत्रीय राजनीति में एक नया आयाम दिया है। भारत ने हिन्द महासागर और प्रशांत महासागर में नौ गमन की स्वतंत्रता, महत्वपूर्ण वाणिज्यिक समुद्री मार्गों से अबाधित आवाजाही को एक नया वैश्विक आंदोलन बना दिया है जिसमें उसे अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया समेत आसियान, पूर्वी एशियाई और अफ्रीकी देशों का सहयोग मिला है। यही कारण है कि 2015 में भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा एक्ट ईस्ट पॉलिसी की शुरुआत की गई जिसका उद्देश्य एशिया प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को बढ़ावा देना था। इस पॉलिसी में दक्षिण पूर्वी एशियाई देशों के साथ सहयोग के अलावा एशिया पैसिफिक के अन्य देशों के साथ सहयोग, समन्वय पर बल दिया गया। इस पॉलिसी के तहत एक अपरिहार्य हिस्से के रूप में भारत ने जापान की पहचान की और यही कारण है कि वर्ष 2015 में दोनों देशों ने 'जापान भारत विजन 2025 विशेष सामरिक और वैश्विक साझेदारी' की घोषणा की जिसका मुख्य उद्देश्य हिन्द प्रशांत क्षेत्र और विश्व में शांति और समृद्धि के लिए काम करना है। अमेरिका की इंडो पैसिफिक स्ट्रेटजी और क्वाड सुरक्षा समूह से अपने गठजोड़ के चलते भारत आज भारतीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में महासागरीय संप्रभुता की सुरक्षा को एक वैश्विक महत्व का मुद्दा बनाने में लगा है और इसका परिणाम यह मिला है कि जर्मनी ने हिंद प्रशांत क्षेत्र के लोकतांत्रिक देशों के साथ भागीदारी मजबूत करने के लिए नई इंडो पैसिफिक पॉलिसी बनाई है जिसका समर्थन भारत, जापान और आसियान देशों ने कर दिया है। भारत ने इसी वर्ष यानि 2021 में ही फ्रांस के इंडियन ओशेन रिम एसोसिएशन के 23वें पूर्ण सदस्य बनने का स्वागत किया है और इर्स हिन्द प्रशात क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना है। इसी वर्ष फ्रांस के नेतृत्व में बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में क्वाड संगठन के नौसैनिक अभ्यास के आयोजन को भी भारत ने हिन्द महासागर क्षेत्र की सुरक्षा के लिए एक अभूतपूर्व शुरुआत कहा है। इसी के साथ यह भी सच है कि दुनिया चाहती है भारत सागरीय सुरक्षा का प्रतिनिधि बने। कोई भी पद ओहदा किसी जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था को मिले तभी उस पद की कीमत वसूल हो सकती है। समुद्री जहाजों की डकैती और समंदर में सशस्त्र लूट के खिलाफ कार्यवाही के लिए एशिया का एक ऐसा ही 21 सदस्य देशों वाला क्षेत्रीय समझौता है जिसे एक क्षेत्रीय संगठन के रूप में भी देखा जाता है। इसी का एक जिम्मेदारी भरा पद है एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर। यह पद हाल ही में मिला है भारत के कोस्ट गार्ड के महानिदेशक के. नटराजन जी को। अब भारतीय उम्मीदवार से अधिक जिम्मेदार भला कौन हो सकता था। मात्र 4 वोट मिले चीन को और भारत को 21 में से 14 वोट। ये इस बात का सबूत है कि जब भी वर्क एथिक्स की बात वैश्विक मुद्दों पर आती है तो भारत का नाम सबसे ऊपर आता है।

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM DASTAKTIMESView All

प्रकृति का तांडव

देश के हर राज्य में बरसात से त्रासदियां हो रही हैं। इस विनाशकारी प्रकृति के कहर से जनमानस खौफजदा है। सरकार को चाहिए कि प्रत्येक गांव से लेकर शहरों तक आपदा प्रबंधन कमेटियां गठित करनी चाहिए जिसमें डाक्टर नर्स व अन्य प्रशिक्षित स्टाफ रखना चाहिए ताकि त्वरित कारवाई करके लोगों को मौत के मुंह से बचा सके। अक्सर देखा गया है कि जब तक आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल पर पहुचती हैं।

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021

सांस्कृतिक प्रेरणा देता उत्तर प्रदेश

श्री राम अखिल लोकदायक विश्रामा है। मर्यादा पुरुषोत्तम । वाल्मीकि की रामायण शील और आचार-विचार की दिव्यता का महाकाव्य है। रामकथा का प्रस्थान बिन्दु लोकमंगल है। वाल्मीकि शुरुआत में ही जिज्ञासा करते हैं। को-अस्मिन साम्प्रतं लोके गुणवान - इस लोक में श्रेष्ट गुणवान और शक्ति सम्पन्न कौन है?

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021

फिर कमल खिलाने की तैयारी

केन्द्र में सत्तारूढ़ भाजपा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व क्षमता तथा विशेषकर उप में योगी और उत्तराखण्ड में धामी की कार्यशैली के बल पर सत्ता में वापसी का तानाबाना बुन रही है। हालांकि शेष अन्य तीन राज्यों पर भी भाजपा की पैनी नजर है। लेकिन उत्तराखण्ड में जिस तरह मुख्यमंत्री पद पर पुष्कर सिंह धामी की ताजपोशी की गयी और उसके बाद उन्होंने युवा उत्तराखण्ड को कम समय में अपनी युवा सोच के जरिए संभाला और संवारा, उससे भाजपा की सत्ता में वापसी की उम्मीदें परवान चढ़ी हैं।

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021

स्वीमिंग पूल में इंजॉय करती नजर आईं रकुलप्रीत

पूल में डुबकी लगा रही थी रकुल

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021

चुनावी बिगुल फूंक गए मोदी

केन्द्र सरकार ने देश के आठ तीर्थों को रोपवे लिंक से जोड़ने की पहल की है। जिसमें उत्तराखण्ड के रुद्रप्रयाग जिले में सोनप्रयाग-गौरीकुंड से केदारनाथ मन्दिर, चमोली जिले में गोविंदघाट-घांघरिया से हेमकुंड साहिब और नैनीताल में रानीबाग से हनुमान मंदिर रोपवे लिंक शामिल हैं।

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021

जैकलीन ने शुरू की फिल्म रामसेतु की शूटिंग

अभिनेत्री जैकलीन फर्नाडीज ने अभिनेता अक्षय कुमार के साथ एक बार फिर से आगामी फिल्म रामसेतु की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म की शूटिंग फिलहाल ऊटी में चल रही है। इसकी जानकारी खुद जैकलीन ने सोशल मीडिया के जरिये फैंस को दी। जैकलीन ने इंस्टाग्राम पर एक तस्वीर साझा की है, जिसमें वह अभिनेता अक्षय कुमार के साथ चाय के बागान में नजर आ रही हैं। हालांकि इस तस्वीर को साइड से क्लिक गया है, जिसके कारण दोनों ही कलाकारों का चेहरा सामने से नजर नहीं आ रहा। वहीं इस तस्वीर में अक्षय कुमार लम्बे बालों में नजर आ रहे हैं। तस्वीर को साझा करते हुए जैकलीन ने लिखा-मेरे पसंदीदा ऊटी में टीम रामसेतु के साथ सेट पर वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है। प्रकृति अपने आप में सर्वश्रेष्ठ है।

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021

कांग्रेस का खेल बिगाड़ेंगे कैप्टन

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने नए राजनीतिक दल के नाम की घोषणा कर दी। सिंह की पार्टी का नाम है-पंजाब लोक कांवोस। साथ ही कैटन ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी से इस्तीफा भी दे दिया।

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021

प्रियंकाका प्रण महिलाओं का रण

कांग्रेस के आधी आबादी वाले दांव से सपा-बसपा और भाजपा की बेचैनी बढ़ सकती है। भाजपा को खासकर महिलाओं के मुद्दे पर ज्यादा ध्यान देना होगा, उसे बारबार महिलाओं को यह बताना होगा कि कांवोस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने निश्चित ही बड़ा दांव चला हो,लेकिन बीजेपी ने भी महिलाओं के लिए कम काम नहीं किया है, जिसमें प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री आवास योजना, उज्जवला योजना, शौचालय से लेकर अन्य कई योजनाएं शामिल हैं जो महिलाओं को समर्पित हैं।

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021

ऐतिहासिक पलों की साक्षी बनी रामनगरी

राम मन्दिर निर्माण कार्य तेजी से जारी रहने के बीच जहां दुनिया भर के रामभक्त इसके पूरा होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। वहीं दूसरे मोर्चे पर योगी सरकार अयोध्या को विकास और धार्मिक पर्यटन का नया हब बनाने की दिशा में काम रही है। रामनगरी को आध्यात्मिक सिटी के रुप में एक नई ऊंचाईयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021

'लंदन में पहली दीवाली'

कादम्बरी मेहरा की अतीत की अनुगूंज से.....

1 min read
DASTAKTIMES
November 2021