आरक्षण ने बिगाड़ा दिग्गजों का 'खेला'
DASTAKTIMES|March 2021
उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की गहमागहमी है तो दूसरी ओर प्रदेश में होने जा रहे त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव के घोषित आरक्षण के फार्मूले को लेकर विपक्ष ही नहीं प्रदेश सरकार और सत्तारूढ़ भाजपा में जद्दोजहद चरम पर है। सूत्रों के अनुसार बीजेपी में पंचायत आरक्षण फार्मूले को लेकर असंतोष सतह पर आ गया है। पार्टी के कई सांसदों, विधायकों और जिलाध्यक्षों ने शीर्ष नेतृत्व से यह शिकायत भी की है कि उनके लोग पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी किये बैठे थे, मगर आरक्षण के फार्मूले की वजह से उनके लोग चुनाव लड़ने से वंचित हो गये।

जब तक यह लेख आपके पास पहुंचेगा तब तक उत्तर प्रदेश में पंचायत राज संस्थाओं के त्रिस्तरीय चुनाव का ऐलान हो चुका होगा। राज्य निर्वाचन आयोग प्रदेश में 75 जिला पंचायतों, 826 विकास खंडों और 58,194 ग्राम पंचायतों के चुनाव चार चरण में कराने की तैयारी में जुटा है वहीं राजनैतिक दलों को इस बात की चिंता है कि कैसे गाँव-देहात में अपनी पकड़ मजबूत बनाई जाए ताकि उनकी अगले वर्ष होने वाले विधान सभा चुनाव की राह आसान हो जाए। त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को अगले वर्ष होने वाले उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव का रिहर्सल माना जा रहा है। पहले गाँव की सरकार फिर अगले वर्ष विधान सभा चुनाव में 'योगी' का इम्तिहान होगा। योगी सरकार का पांच वर्ष का कार्यकाल अगले वर्ष 18 मार्च को पूरा हो जाएगा।

खैर, उत्तर प्रदेश त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। सबसे बड़ा झटका समाजवादी पार्टी को लगा है। सपा के गढ़ माने जाने वाले सैफई ब्लाक प्रमुख की सीट दलित कोटे में आरक्षित हो गई है। आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि अबकी पहली बार 'एक चरण एक जिला' की पद्धति से प्रत्येक जिले में एक ही चरण में चुनाव कराया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेशानुसार पंचायत चुनाव की प्रक्रिया 15 मई तक पूरी की जानी है। उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब नये कृषि कानून को वापस लेने की मांग को लेकर काफी बड़ी संख्या में किसान गुस्से में हैं और आंदोलन कर रहे हैं। किसानों की नाराजगी मोदी सरकार से है, जिसका असर पंचायत चुनाव में दिखाई दिया तो भारतीय जनता पार्टी के लिए 'गांव की सरकार बनाने की राह काफी मुश्किल हो जाएगी। पंचायत चुनाव के नतीजे भारतीय जनता पार्टी के उम्मीद के अनुसार नहीं आए ते विपक्ष को अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में भी योगी सरकार कोघेरने का एक और मुद्दा मिल जाएगा।

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December 2021

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December 2021

मोदी के मास्टर स्ट्रोक से खेतों की ओर लौटे किसान विपक्ष को किया चारों खाने चित्त

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में प्रदर्शन कर रहे किसानों को गाड़ी से कुचल दिया गया था और कई किसान इस हिंसा कांड में मारे जा चुके थे, अब तक तकरीबन 700 किसानों की मौत हो चुकी है। किसान आन्दोलन की आड़ में विपक्ष ने मोदी सरकार पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ा। विपक्षी दलों को उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली है उसमें वह अपने पैर कमी भी पीछे नहीं घसीटेंगे। लेकिन मोदी ने मास्टर स्ट्रोक खेलते हुए एक झटके में विपक्ष का चारों खाने चित्त कर दिया। समझने की बात यह है कि मोदी सरकार द्वारा पारित किये गए तीन कृषि कानून थे क्या और उनमें क्या कहा गया था हालांकि कृषि कानूनों की થે वापसी निश्चित तौर पर आंदोलनकारी किसानों की बड़ी जीत है, जिन्होंने सरकार को बैकफुट पर आने को मजबूर कर दिया।

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December 2021

देवभूमि में जीत का शंखनाद

देश की सियासत में पिछले सात वर्षों से जिस तरह मोदी के नाम का डंका बज रहा है, उत्तराखण्ड में भी लगातार उसकी गूंज सुनाई दे रही है। चुनाव दर चुनाव जीत दर्ज करती आ रही भाजपा के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि मोदी फैक्टर के साथ। युवा धामी कार्ड ने माहौल बदल दिया है और इसकी खलबली कांग्रेस खेमे में साफ देखने को मिल रही है। पार्टी चाह कर भी इसका तोड़ नहीं निकाल पा रही है। नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री का पद संभाला था और तब से उत्तराखण्ड में भी भाजपा अविजित स्थिति में है। वर्ष 2014 में पांचों लोकसभा सीटों पर जीत के साथ इसकी शुरुआत हुई, जबकि वर्ष 2017 के पिछले विधानसभा चुनाव में 70 में से 57 सीटें हासिल कर भाजपा ने कदम आगे बढ़ाए। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में फिर पांचों सीटें भाजपा की झोली में। इन सभी चुनावों में मोदी ही भाजपा का सबसे बड़ा चेहरा रहे। कांग्रेस के लिए यही चिंता का सबसे बड़ा सबब है कि लोकसभा से लेकर विधानसभा चुनाव तक उसका मुकाबला हमेशा मोदी से ही होता आया है। इस बार मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस मुख्यमंत्री बदले जाने को बड़ा मुद्दा बनाने में लगी थी। लेकिन, मुख्यमंत्री धामी जिस तरह से काम कर रहे हैं और उनकी कार्यशैली की विरोधी भी तारीफ करने में पीछे नहीं हैं, उससे कांग्रेस की रही सही उम्मीदें भी चकनाचूर हो गई हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने अचानक तीनों कृषि कानून वापस लेने का ऐलान कर डाला। इसके बाद मुख्यमंत्री धामी तूफानी बैटिंग करते नजर आए। उत्तर प्रदेश से पांच रुपये अधिक गन्ने की कीमत कर दी। यही नहीं अगला कदम देवस्थानम बोर्ड को भंग करने का उठा दिया। ऐसे में ऐन मौके पर कांग्रेस की पूरी चुनावी रणनीति की हवा निकल गई।

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December 2021

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December 2021

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December 2021

सौन्दर्य सृजन कला का मूल कर्म

शरीर इन्द्रिय मन आत्मा के संयोग को आयु कहते हैं। ध्यान देने योग्य बात यह है कि आयु में शरीर और आत्मा दोनों सम्मिलित हैं। मन और इन्द्रिय तो शरीर का भाग है ही लेकिन आत्मा को अधिकांश विद्वान अलग मानते हैं। अजर अमर बताते हैं। चरक संहिता में सबको द्रव्य कहा है। यहाँ 9 द्रव्य कहे गये हैं। पहला आकाश है। दूसरा वायु, तीसरा अग्नि है। चौथा जल, पाँचवा पृथ्वी, छठवां आत्मा है, सातवां मन है, आठवां काल है और नौवां दिशा। आत्मा को महाभारत के गीता वाले अंश में अजर, अमर, अविनाशी कहा गया है।

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December 2021

कबिरा खड़ा बाजार में -बिन खर्ची सब सून

कर्णधार हरियाणा लोक सेवा आयोग के डिप्टी सक्रेटरी, अनिल नागर को स्टेट विजिलेन्स द्वारा 18 नवंबर, 2021 को गिरफ्तार कर नागर तथा उसके सह-आरोपियों से 3.5 करोड़ रुपये की रिश्वत राशि बरामद करने के बाद सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सात दिसम्बर को सेवा से बर्खास्त दिया है। परंतु प्रदेश की विपक्षी पार्टियां केवल डिाटी सेक्रेटरी को बर्खास्त करने भर से संतुा नहीं हैं और गहन जांच की मांग कर रही हैं ताकि अन्य बड़ी मछलियों की संलिप्तता भी उजागर हो सके ।

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December 2021

अलविदा जनरल

जनरल बिपिन रावत कई महत्वपूर्ण रणनीतिक आपरेशन का हिस्सा रहे। बालाकोट में आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद के ठिकानों पर हमला कर उन्हें नष्ट करने के दौरान बतौर थलसेनाध्यक्ष उन्होंने रणनीति बनाने में अहम भूमिका निभाई थी। याद हो कि कश्मीर के पुलवामा में एक हमले में केंद्रीय सुरक्षा बल के 40 जवानों की शहादत के बाद भारतीय सैन्य बलों ने पाकिस्तान की सीमा में घुसकर बालाकोट में आतंकी कैपों को नेस्तनाबूत किया था। इस आपरेशन के समय जनरल रावत दिल्ली में साउथ ब्लाक के अपने आफिस से कमान संभाल रहे थे। इसके अलावा 2015 में देश की पूर्वोत्तर सीमा से लगे पड़ोसी देश म्यांमार में भी आंतकरोधी आपरेशन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। उन्हें पूर्वोत्तर में उग्रवाद को नियंत्रित करने के लिए भी जाना जाता है।

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DASTAKTIMES
December 2021

अब पंजाब में 'ये मुफ्त-वो मुफ्त'

दिल्ली की तर्ज पर केजरीवाल ने वादा किया है कि इंजीनियरिंग, मेडिकल, रेलवे, आईएएस या किसी भी अन्य परीक्षा के लिए कोचिंग की पूरी फीस पंजाब में सरकार बनने पर सरकार वहन करेगी। सीएम केजरीवाल ने बच्चों की शिक्षा के मामले में अन्य कई घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि अगर कोई एससी समुदाय का बच्चा उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए विदेश पढ़ने जाना चाहेगा तो उसका खर्च भी सरकार उठाएगी। महिलाओं को भी 1000 प्रतिमाह देने का वादा करके केजरीवाल ने बड़ा दांव चला है

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DASTAKTIMES
December 2021
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