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भारत में क्यों सफल नहीं होते अलक़ायदा जैसे संगठन?

भारत के बारे में यह कहा जाता रहा है कि यह दुनिया का एक ऐसा मुल्क है जहां दुनिया भर से लोग आए, अपने चिंतन साथ लाए, साथ ही वे अपने देवता को भी लेकर आए. जहां से वे आए थे, आज वहां उनका चिंतन और देवता दोनों खत्म हो चुके हैं, कोई नाम लेने वाला नहीं है लेकिन भारत में वह जिंदा है. भारत में जब इस्लाम आया तो भारत की जनता ने उसका भरपूर स्वागत किया. इस्लामी देश में कोई महिला शासन कर सकती है, ऐसा उदाहरण नहीं के बराबर मिलता है लेकिन भारत में रजिया सुल्तान ने न केवल दिल्ली पर शासन किया अपितु उसका शासन पूरे सल्तनत काल का सबसे बढ़िया शासन माना जाता है.

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June 1, 2021

ब्लैक फंगस संक्रमण

आंखों से ब्रेन तक तेजी से फैल रहा है

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June 1, 2021

देश के खिलाफ एक बड़ा षड्यंत्र?

कांग्रेस सत्ता में रहते हुए सत्ता में बने रहने के लिए और सत्ता से बाहर होने पर सत्ता में वापसी के लिए हमेशा से ही षड्यंत्र करती आयी हैइस षड्यंत्र को कांग्रेस पूरी ईमानदारी के साथ एक लिखित पुस्तिका का रूप देती है-जिसे बोलचाल की भाषा में टूलकिट कहा जाता है.

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June 1, 2021

भारत-चीन व्यापार की शर्ते बेहतर होनी चाहिए

व्यापार के शास्त्रीय सिद्धांत यह मानते हैं कि देशों को ऐसे उत्पादों के निर्माण में विशेषज्ञता हासिल करनी चाहिए, जिनमें उन्हें तुलनात्मक (लागत) लाभ हो और मांग को पूरा करने, खपत और कल्याण में सुधार के लिए अन्य उत्पादों की खरीद करना चाहिए.

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June 1, 2021

कोरोना वैक्सीन लेने में अब भी किन्तु-परन्तु क्यों?

कोरोना की काट वैक्सीन को लेकर अब भी देश में बहुत से खास और आम लोगों में डर का भाव दिखता है. वे इसे लगवाने से बच रहे हैं. आप यह भी कह सकते हैं कि उनकी वैक्सीन लगवाने में कोई दिलचस्पी ही नहीं है. इस तरह तो देश में कोरोना को मात देना कठिन होगा.

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June 1, 2021

अनूठा उदाहरण है इजराइल

इस दुनिया में मात्र दो ही देश धर्म के नाम पर अलग हुए हैं. या यूं कहे, धर्म के नाम पर नए बने हैं, वे हैं पाकिस्तान और इजरायल. दोनों के बीच महज कुछ ही महीनों का अंतर हैं. पाकिस्तान बना 14 अगस्त, 1947 के दिन और इसके ठीक नौ महीने के बाद, अर्थात 14 मई, 1948 को इजरायल की राष्ट्र के रूप में घोषणा हुई.

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June 1, 2021

केंद्र और राज्य के बिगड़ते संबंध

पश्चिम बंगाल में चुनाव के पहले से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और सत्ता पर आने की महत्वाकांक्षी भाजपा के बीच हिंसक टकराव चल रहे थे. दस बरस से मुख्यमंत्री चली आ रहीं ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ जनता के बीच स्वाभाविक रूप से पनपने वाले असंतोष की शिकार भी हो सकती थीं, और सत्ता से बाहर जा सकती थीं, और ऐसी ही उम्मीद में भाजपा ने वहां पर सरकार बनाने के दावे भी किए थे.

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June 1, 2021

कोरोना का काम तमाम करेगी 2-डीजी

डीजीसीआई के मुताबिक 2-डीजी दवा के प्रयोग से कोरोना वायरस के ग्रोथ पर प्रभावी नियंत्रण से अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों के स्वास्थ्य में तेजी से रिकवरी हुई और इसके अलावा यह मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत को भी कम करती है.

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June 1, 2021

एक म्यान...और तीन तलवार

मध्यप्रदेश में 14 महीने पहले महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया की मदद से मुख्यमंत्री बने शिवराज सिंह चौहान और उनके निकट साथी केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की तिकड़ी में टकराव की खबरें छन-छनकर आने लगी हैं. कॉरोनकाल में ये टकराव अब तक सतह के नीचे था किन्तु अब ये टकराव सतह के ऊपर दिखाई देने लगा है.

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June 1, 2021

शांति कब तक?

पश्चिम एशिया में युद्ध विराम हो जाने से दुनिया ने चैन की सांस ली है. लेकिन यह युद्ध विराम स्थाई होगा इसकी संभावना कम है. यह शांति कब तक रहेगी, इसे लेकर संशय बरकरार है. इसका कारण यह है कि फिलिस्तीन के साथ ही इस्लामिक दुनिया में कुछ लोग हैं जो न स्वयं शांति से रहते हैं न दूसरे को रहने देते हैं. वे किसी अन्य के स्वरूप और अस्तित्व को स्वीकार नहीं करते. सबको अपने रंग में रंगना चाहते हैं.

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June 1, 2021

शिक्षा@ लॉकडाउन!

बीते साल भी मार्च के अंतिम सप्ताह से देशव्यापी लॉकडाउन से जो समस्याएं कोविड-19 को लेकर आरंभ हुई वह साल बीतने के बाद भी और भयावह होती हुई सामने है. जहां आर्थिक गतिविधियां न केवल देश की बल्कि पूरी दुनिया की ठप रही. कई अन्य चीजें एकदम से ठहर सी गई वहीं छात्रों के जीवन में भी ठहराव आ गया.

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May 16, 2021

हाईवे- प्लास्टिक से बन रही सड़कें!

नई दिल्ली की एक सड़क पर रोजाना अनगिनत कारें, कई टन प्लास्टिक की थैलियों, बोतलों के ढक्कनों और इधर-उधर यूं ही फेंक दिए गए पॉलिस्टरिन कपों से होकर गुजरती हैं. इस सड़क पर गाड़ी चलाता हुआ ड्राइवर एक ही किलोमीटर में कई टन प्लास्टिक के कचरे से होकर गुजरता है. लेकिन उसे इस यात्रा के दौरान कोई गंदगी नहीं दिखती. न तो सड़क पर प्लास्टिक फैला मिलता है न कहीं से कोई बदबू आती है. दरअसल वह एक ऐसी सड़क से गुजर रहा होता है, जो प्लास्टिक से बनी हुई है.

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May 16, 2021

ममता हैं'आज' और राहुल हैं कल के नेता

सोनिया करें सच का सामना

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May 16, 2021

बाज़ीगर

ममता बनर्जी ने न जाने किस मुहूर्त में बोला था कि 'खेला होबे' और पश्चिम बंगाल में खेल खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है. ममता बनर्जी ने वैसे तो चुनावों में अरविंद केजरीवाल के हनुमान चालीसा पढ़ने की तरह चंडी पाठ किया था, लेकिन लगता है खेला होबे बोलते वक्त सरस्वती उनकी जबान पर बैठ गयी थीं. ममता बनर्जी ने इस्तेमाल तो दो ही शब्द किये थे खेला होबे, लेकिन उसका अर्थ और असर दोनों ही व्यापक रहा है. हो सकता है ममता बनर्जी ने अपनी रणनीतियों को इन दो लफ्जों के जरिये शेयर किया हो, लेकिन वो ये अंदाजा नहीं लगा पायीं कि खेल कभी एकतरफा नहीं होता. दोनों ही पक्ष खेलते हैं और तभी हार जीत का फैसला होता है. जीत और हार की बात छोड़ भी दें, तो ये तो होता ही है कि दोनों पक्ष एक दूसरे के खिलाफ नतीजे को अपने पक्ष में करने के लिए पूरी ताकत झोंक देते हैं. और इस खेल की बाजी ममता हार कर भी जीत गई और आज की बागीगर बनीं.

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May 16, 2021

फ्रांस में गृह युद्ध की चेतावनी

फ्रांस में प्रकाशित एक खुला खत काफी चर्चाएं बटोर रहा है. इस पर 1.30 लाख लोगों ने हस्ताक्षर किए हैं और यह खत चेतावनी दे रहा है कि देश में गृह युद्ध का खतरा है. यह संदेश फ्रांस की एक दक्षिणपंथी पत्रिका में प्रकाशित हुआ है और इसमें फ्रांस सरकार पर कट्टरपंथी मुसलमानों को 'रियायत' देने का आरोप लगाया गया है. पत्र में लिखा है, 'यह हमारे देश के जीवित रहने के लिए है.' इसके साथ ही कहा गया है कि यह पत्र अनाम जवानों ने लिखा है और जनसमर्थन की अपील की है.

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May 16, 2021

चाय बागानों में अपने बच्चों को खोती माएं

पश्चिम बंगाल के चाय बागानों में काम करने वाले कुल कर्मचारियों में से लगभग 50% महिलाएँ हैं. चाय बागान में काम कर रही महिलाओं के पास मातृत्व सुविधाएँ, शिशु गृह की सुविधा, अवकाश, उचित दिहाड़ी, सुलभ शौचालय, पीने का पानी, नजदीकी अस्पताल और अन्य कई मूलभूत सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं.

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May 16, 2021

पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव केंद्र के प्रति डगमगाता विश्वास

लोकतंत्र है और चुनावों में हार जीत तो चलती ही रहती है लेकिन 2017 में विधानसभा की 3 सीटें और फिर 2019 में लोकसभा की 18 सीटों से बढ़ते हुए बीजेपी का आंकड़ा 2021 के विधानसभा चुनावों में 70 के पार कर गया है. इसलिए ये तो साफ है कि बंगाल में खेल अभी खत्म नहीं हुआ है. बीजेपी ने बंगाल में अपनी जड़ें मजबूत कर ली हैं.

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May 16, 2021

कोरोना संकट- पाक पीएम का भारत के प्रति रवैया

कोरोना की दूसरी लहर के कारण भारत में जो कुछ हो रहा है उसे सारी दुनिया ने देखा. सारी दुनिया आज इस संकट में भारत के साथ खड़ी है. भारत को दुनिया के विभिन्न देशों से मदद भी मिल रही है.

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May 16, 2021

क्राउड फंडिंग से गांव में ऑक्सीजन प्लांट लगाने की मुहिम

ग्रामीण क्षेत्रों में फैल रहे कोविड-19 संक्रमण ने राज्यों का सिरदर्द बढ़ा दिया है. गांवों में कोरोना संक्रमण नियंत्रण की जिम्मेदारी स्थानीय सरकार यानी पंचायतों के हाथ में सौंपने की कवायद शुरू की गई है. वहीं, इस बीच कुछ विधायक क्राउड फंडिंग के जरिए भी ग्रामीण क्षेत्रों के लिए व्यवस्था करने पर लगे हैं.

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May 16, 2021

हिमता बिस्व सरमा- बीजेपी के नये पॉलिटिकल टूलकिट के सैंपल!

हिमंता बिस्व सरमा उन नेताओं के लिए रोल मॉडल बन गये हैं, जो अपनी मातृसंस्था छोड़ कर बीजेपी ज्वाइन कर चुके हैं या फिर जहां भी हैं वहीं से ऐसा करने की सोच रहे हैं. वकालत के पेशे से 15 साल कांग्रेस और 5 साल बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहने के बाद असम के मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने जा रहे, हिमंता बिस्व सरमा सपनों के उड़ान का खुशनुमा एहसास लगते हैं, सपनों को हकीकत में बदलने वाली कामयाबी की दास्तां लगते हैं और अपने जैसे तमाम नेताओं के लिए उम्मीदों की नयी किरण बिखेर रहे हैं.

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May 16, 2021

ऑक्सीजन पर सियासत

कोरोना वायरस से पैदा हुए हालात तो महाराष्ट्र, दिल्ली, यूपी और कई और भी राज्यों में करीब करीब एक जैसे ही हैं, लेकिन दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी के चलते अस्पतालों में भर्ती मरीजों की जान पर बन आयी है. ऑक्सीजन न मिलने की वजह से तो वेंटिलेटर पर रहे 22 मरीजों की महाराष्ट्र के अस्पताल में भी मौत हो गयी, लेकिन वहां ऑक्सीजन की कमी नहीं थी, बल्कि, गैस लीक होने के चलते करीब आधे घंटे तक मरीजों तक ऑक्सीजन पहुंचने में रुकावट आ गयी.

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May 01, 2021

भाजपा के लिए खतरनाक है मोदी का आत्मनिर्भर भारत अभियान!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का मकसद तो यही है कि हर बात के लिए सारे लोग सरकार का मुंह न देखते रहें जितना भी संभव हो सके खुद भी कुछ न कुछ करें और अपने आस पास के लोगों को भी ऐसा ही करने के लिए प्रेरित करें.जब देश का प्रत्येक नागरिक आत्मनिर्भनर बनने की कोशिश करेगा तो सरकार पर काम का बोझ कम होगा और सरकार लोगों की बुनियादी जरूरतों को छोड़ आगे के बारे में सोचेगी. ये समझाइश भी इसीलिए रही है कि कोई ये न सोचे कि सरकार ने आपके लिए क्या किया हमेशा लोग ये सोचें कि देश के लिए हमने क्या किया?

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May 01, 2021

प्रकृति के अनुरूप थे हमारे पुरखे!

मनुष्य को प्रकृति के करीब ला रहा है कोरोना. जी हा, आपने बिलकुल सही पढ़ा है. जब-जब मनुष्य प्रकृति के नियमों के विरुद्ध चला है, तब-तब उसे बीमारियों और संक्रमण फैलाने वाले वायरसों से दो-दो हाथ होना पड़ा है. प्राचीन समय ऋषि-मुनियों के आश्रम प्राकृतिक वातावरण के बीच हुआ करते थे और उन्हीं आश्रमों में रहकर ये ईश्वरीय ध्यान करते थे और शिष्यों को शिक्षा प्रदान किया करते थे. इतना ही नहीं ये ऋषि-मुनि प्रकृति के करीब रहकर सौ साल से ऊपर तक की आयु में भी स्वस्थ जीवन जीया करते थे. लेकिन आज हम पक्के घरों की चार दीवारी में बंद परवे, कूलर और एसी की हवा खाकर बीमार हो रहे हैं जो वायरस और संक्रमण को फैलाने में अहम भूमिका अदा करते हैं.

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May 01, 2021

फॉर्मल हुआ हर्बल

लगभग एक शताब्दी बाद दुनिया यह देखने के लिए बाध्य हुई कि एक महामारी ने पूरी धरती को एक साथ अपनी चपेट में ले लिया. तमाम आधुनिक मेडिकल साइंस इस महामारी को नियंत्रित करने में विफल साबित हुआ.

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May 01, 2021

कोरोना को हराने आई सेना

कोरोना से जंग लड़ने के लिए अब भारतीय सेना भी मोर्चे पर आ गई है. इसलिए यह उम्मीद बंधी है कि कोरोना की चालू लहर पर काबू पाने में मदद मिलेगी.

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May 01, 2021

ऑक्सीजन के क्यों पड़े लाले?

कोरोना के शिकार कई मरीज इलाज के इंतजार में दम तोड़ रहे हैं. जिन लोगों को साँस लेने में ज्यादा तकलीफ हो रही है उनका इलाज करने में अस्पतालों को दिन-रात एक करना पड़ रहा है. जिन लोगों को किस्मत से बेड मिल गई है, उनकी साँसें बचाने के लिए अस्पताल भारी जद्दोजहद में जुटे हैं. सोशल मीडिया और व्हॉट्स ग्रुप पर ऑक्सीजन सिलिंडरों की माँग करती अपीलों की भरमार है.

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May 01, 2021

ऑक्सीजन और वनों की उपयोगिता

कोरोना वैक्सीन छोड़िए, इस संकट में लोगों को ऑक्सीजन तक नसीब नहीं हो रही है. 'कोरोना सांसे छीन रहा है', अब तक लोग सुनते आ रहे थे पर जिस तरह से सभी राज्यों में ऑक्सीजन की कमी हुई है, उसमें लोग यह दर्दनाक वाकया देखने को मजबूर हो गए हैं. आत्मा सिहर कर रह जाती है, जैसे ही कोई अखबार पढ़ो या टीवी देखो. हर तरफ कोरोना ने कोहराम मचा रखा है. उससे भी ज्यादा दुरवद यह है कि लोगों को ऑक्सीजन तक मयस्सर नहीं हो रही है.

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May 01, 2021

अब बढ़ेगी पाकिस्तान की मुश्किलें

पहले से एक साथ कई मुश्किले झेल रहे पाकिस्तान के लिए अब एक और नई मुश्किलें खड़ी होने जा रही है. दरअसल, आफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया में पाकिस्तान की भूमिका रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने घोषणा की है कि अफगानिस्तान में तैनात सभी अमेरिकी सैनिक सितंबर की 11 तारीख तक वापिस लौट जाएंगे. अमेरिका की इस डेडलाइन पर पाकिस्तान नजर बनाए हुए हैं. पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिकी सैनिकों के वापस जाने को अफगान शांति प्रक्रिया से जोड़ा जाना चाहिए.

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May 01, 2021

कोरोना काल में आयुर्वेद की ओर आत्मनिर्भर भारत

आयुर्वेद प्राकृतिक एवं समग्र स्वास्थ्य की पुरातन भारतीय पद्धति है. संस्कृत मूल का यह शब्द दो धातुओं के संयोग से बना है आयुः + वेद 'आयु' अर्थात लम्बी उम्र (जीवन) और 'वेद' अर्थात विज्ञान.अतः आयुर्वेद का शाब्दिक अर्थ जीवन का विज्ञान है.

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May 01, 2021

मुंबई का ऑक्सीजन मैन

देश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अस्पताल में बेड से लेकर ऑक्सीजन तक की कमी के चलते लोगों की जान जा रही है. ऐसे में मुंबई के मलाड स्थित मालवणी के 32 वर्षीय शाहनवाज शेख कुछ जिंदगियाँ बचाने के लिए मैदान में हैं.पैसों की कमी हुई, तो उन्होंने अपनी महंगी एसयूवी कार बेच दी और ऑक्सीजन सिलेंडर खरीद कर लोगों को मुफ्त ऑक्सीजन देना शुरू कर दिया. सिलेंडर कम पड़े, तो अपनी सोने की चेन के साथ कुछ और जरूरी चीजें बेच दी. शाहनवाज शेख ने बताया, 'ऑक्सीजन की कमी से लोगों की जान जा रही है. ऐसे में हमारा प्रयास है कि जितना संभव हो, हम लोगों तक मुफ्त ऑक्सीजन पहुँचाएँ और लोगों की जान बचाएँ. इसके लिए हमने अपनी एसयूवी कार सहित कुछ कीमती सामान बेच दिया.'

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May 01, 2021

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