७ सूत्रों से हृदय स्वस्थ रखें
Yogya Aarogya|March 2020
कल मैं अपने प्रिय रेस्तारों में चाय का मज़ा ले रही थी, तब वहाँ मुझे एक पुरानी सखी मिली। हमने अपने कॉलेज, विवाहित जीवन और स्वास्थ्य संबंधी विषयों पर बातचीत की। सखी ने प्रदूषण, भोज्य पदार्थों में मिलावट और घटते पोषक मूल्यों की चर्चा की। मैंने धैर्यपूर्वक उसका वार्तालाप सुना और अंत में उसकी ओर एक सवाल उछाला।
डॉ. निधि अगरवाल

डॉ. निधि : मुझे हमेशा आश्चर्य होता है कि आप इतनी स्वस्थ हैं? क्या आप दिन का काफी समय व्यायाम करने में बिताती हैं? क्या आप स्वस्थ जीवनशैली अपनाती हैं और स्वास्थ्यवर्धक भोजन लेती हैं? क्या आप पर्याप्त नींद लेती हैं? क्या ८ गिलास पानी पीती हैं?

जैसे कि मुझे उम्मीद थी, वह मेरे प्रश्न का कोई स्पष्ट जवाब न दे सकी, किंतु इसका अर्थ यह नहीं कि वह गलत थी। इसका अर्थ यह है कि हम अपने जीवन के कार्य में इतने अधिक व्यस्त रहते हैं कि हमारी चाहत तो स्वस्थ रहने की होती रहती है, लेकिन हम स्वस्थ रहने की कीमत चुकाना नहीं चाहते। अर्थात स्वस्थ रहने के लिए जो आहार, विहार, व्यायाम की ज़रूरत होती है, उस पर ध्यान नहीं देते। स्वस्थ रहने के लिए हमें केवल कुछ मुलभूत नियमों का पालन करना आवश्यक है। आज-कल जो इंटरनेट पर इतनी जानकारी उपलब्ध है, उन्हें पढ़कर भ्रमित नहीं होना है। अपने स्वास्थ्य पर आपको स्वयं 'फोकस' करना है।

श्रेया : यह कैसे सुनिश्चित किया जाए कि किन नियमों का पालन करना उचित रहेगा?

डॉ. निधि : हमारा शरीर एक मंदिर के समान है और हमारा कर्तव्य है कि हम इसकी सही देखभाल करें। यदि आप अपने जीवन का अधिकतर समय स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं में व्यतीत नहीं करना चाहते तो आपको अपने शरीर का ध्यान रखना होगा। यह न सोचें कि शरीर बिना ध्यान रखे ही स्वस्थ रह सकता है। आपको स्वास्थ्य का सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाकर ध्यान रखना होगा। सही जीवनशैली अपनानी होगी। आपके लिए कुछ सुझाव दिए जा रहे हैं जिनका पालन करके आप सुखी, स्वस्थ, दीर्घ जीवन बिता सकते हैं।

पहला सूत्र यह है कि पर्याप्त जल पिएँ। क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर का ६०% हिस्सा जल से बना है? शरीर के कार्यकलापों के लिए जल आवश्यक है। यह शरीर से अपशिष्ट पदार्थ बाहर निकालता है। ऑक्सीजन और पोषक तत्त्वों का परिवहन करता है। जल के बिना शरीर के अंदर गतिविधियाँ संपन्न नहीं हो सकतीं। पर्याप्त जल पीने से वज़न क़ाबू में रह सकता है। हर दिन ८ से १० गिलास जल अवश्य पिएँ। यह लेख पढ़ने से पहले एक गिलास जल पिया जाए तो कैसा रहे!

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