ज्ञान, कला और वाणी की देवी सरस्वती
Sadhana Path|February 2021
वाग्देवी, वीणावादिनी तथा भारती, जैसे नामों से हमारी संस्कृति में विरव्यात देवी सरस्वती ज्ञान व विद्या की देवी हैं। उनकी आराधना से व्यक्ति परम ज्ञान प्राप्त कर सकता है। भारतीय संस्कृति में देवी सरस्वती का स्थान बहुत उच्च है। इन्हीं पूजनीय देवी सरस्वती के नाम का अर्थ, उनकी जन्म कथा तथा रूप-स्वरूप को विस्तारपूर्वक जानें इस लेख से।
शशिकांत 'सदैव'

तैंतीस करोड़ देवी-देवताओं की मान्यताओं वाले देश भारत में हर देवी-देवता का अपना ही एक विशेष महत्त्व व स्थान है जो अपनी शक्तियों के कारण मानव जीवन में अपनी अलग-अलग भूमिका निभा कर उसे सुख-समृद्धि प्रदान करता है। उन्हीं देवीदेवताओं में से एक अहम देवी हैं 'देवी सरस्वती' जिन्हें ज्ञान की देवी कहकर संबोधित किया व पूजा जाता है। ज्ञान की देवी सरस्वती मनुष्य को मात्र ज्ञान ही नहीं देतीं बल्कि अच्छी वाणी, कला में निपुणता, तीक्ष्ण बुद्धि व शांति भी प्रदान करती हैं।

सरस्वती यानी स्वयं के बारे में ज्ञान देने वाली। सरस्वती, संस्कृत के दो शब्द 'सर' और 'स्व' से मिलकर बना है 'सर' का संस्कृत में अर्थ होता है तत्त्व, गुण,सार और 'स्व' का अर्थ है स्वयं या आत्म। सरस्वती यानी जो हमें, हमारे स्वयं के वास्तविक तत्त्व, गुण या सत्य को जानने में मदद करे। जो हमें स्वयं के सत्य से मिलाए। लोक चर्चा में सरस्वती को शिक्षा की देवी व वेदों की माता कहा जाता है। सरस्वती के अन्य पर्याय नाम भी हैं। सरस्वती को इरा, कला देवी, कादंबरी, गिरा, गीर्देवी, गो, जगद्धात्री, ज्ञानदा, देवी, पद्मलाछना, परमेष्ठिनी, पारायणी, प्रज्ञा, ब्रह्मसुता, ब्रह्माणी, ब्रह्मा पत्नी, ब्रह्मा पुत्री, ब्राह्मी, भारती, महाश्वेता, महाषष्ठी, मेधाविनी, वरवर्णिनी, वागीशा, वागीश्वरी, वाग्देवी, वाड्मयी, वाचा, वाणी, वामा, विद्या, देवी, विधात्री, विमला, वीणा वादिनी, वैखरी, शारदा, शुक्ला श्री, सनातनी, सरस्वती देवी, सांध्य देवता, साहित्य कला देवी, स्वायंभुवी, हंसगामिनी नामों से भी पुकारा व पूजा जाता है।

जन्म कथा

सरस्वती के जन्म से जुड़ी दो जानकारियां मिलती हैं एक कि वह भगवान शिव और मां दुर्गा की पुत्री हैं तो दूसरी कि वह ब्रह्मा जी के मुख से प्रकट हुई थी जिसके चलते ब्रह्मा जी को उनका पिता कहा जाता है। परंतु पुराणों में तथा जनमानस में सरस्वती के जन्म को लेकर जिस कथा को सर्वाधिक माना जाता है वह इस प्रकार हैकहते हैं कि ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना करने के बाद मनुष्य की रचना की। मनुष्य की रचना के बाद उन्होंने अनुभव किया कि मनुष्य की रचना मात्र से ही सृष्टि की गति को संचालित नहीं किया जा सकता।

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM SADHANA PATHView All

गर्मी नाशक, रोग रक्षक-मट्ठा

पुराने जमाने से ही मट्ठा (छाछ) हमारे खान-पान का एक अहम हिस्सा रहा है, क्योंकि यह पाचन में हल्का, शक्तिदायक और रोगनाशक पेय है। इसीलिए हमारे प्राचीन चिकित्सा ग्रन्थों में इसे अमृत तुल्य बताया गया है। मट्ठे की कढ़ी बड़ी स्वादिष्ट और पाचक होती है। उत्तर भारत में मट्टे की स्वादिष्ट और पौष्टिक लस्सी बड़े चाव से पी जाती है। स्वास्थ्य की दृष्टि से इसकी उपयोगिता देखते हुए आजकल मट्ठा पीने का प्रचलन इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि कई शहरों में इसकी दुकानें खुलने लगी हैं।

1 min read
Sadhana Path
April 2021

अयोध्या-अपराजेय आस्था की नगरी

श्री राम जन्मभूमि और बाबरी मस्जिद विध्वंस कांड इस सदी की प्रमुस्वतम महत्त्वपूर्ण धार्मिक-राजनैतिक घटना मानी जाती है लेकिन सच तो यह है कि अयोध्या, जिसका अर्थ ही है 'वह स्थल जिसके विरुद्ध कभी युद्ध न किया जा सके', उसका हृदय स्थल सदियों से ध्वंस एवं निर्माण का इतिहास रचते रहे हैं।

1 min read
Sadhana Path
April 2021

पर्यटन के माध्यम से भगवान श्रीराम को जानें

श्रीराम से जुड़े धार्मिक पर्यटन स्थलों के दर्शन और पर्यटन दोनों का ही आनंद लेना चाहते हैं तो आईआरसीटीसी के स्पेशल ट्रेन 'श्री रामायण एक्सप्रेस' में टिकट कराइए और भारत ही नहीं श्रीलंका और नेपाल में भी श्रीराम से जुड़े धार्मिक स्थलों के दर्शन करिए।

1 min read
Sadhana Path
April 2021

शक्ति का स्वरूप और नवरात्री

नवरात्र देवी के शक्ति रूपों का महापर्व है। समस्त संसार को आलोकित, ऊर्जामय करने वाली देवी संसार की पालनहार हैं। चैत्र शुक्ल पक्ष के नवरात्र महोत्सव भी हमको देवी भगवती के विशाल स्वरूप और शक्ति का अनुभव कराते हैं।

1 min read
Sadhana Path
April 2021

मानव जाति के आदर्श श्रीराम

आदर्श, करुणा, दया, त्याग, शौर्य और साहस इन सारे गुणों का प्रतिबिम्ब है एक नाम, श्री राम', जिनका सम्पूर्ण जीवन ही जनमानस के समक्ष एक आदर्श प्रस्तुत करता है तथा हमें प्रतिपल कुछ नई सीरव अवश्य देता है। कौन हैं श्री राम, क्यों कहलाए वह मर्यादा पुरुषोत्तम राम व जनता के आदर्श? जानते हैं इस लेव के माध्यम से।

1 min read
Sadhana Path
April 2021

श्री राम से जुड़े प्रमुख तीर्थ व मंदिर

प्रभु राम ने अपने जीवन चरित्र से इस धरा पर रहने वाले मनुष्यों के लिए आदर्शों की स्थापना की। अपने सभी संबंधों में वह आदर्श की कसौटी पर पूर्णतः खरे उतरे। देश के हर कोने में उन्हें पूजा जाता है, न केवल भगवान राम बल्कि उनके जीवन से जुड़े क्षेत्रों को भी तीर्थ के समान ही समझा जाता है। यहां हम आपको राम जी से जुड़े ऐसे ही तीर्थ व मंदिरों से रूबरू करवा रहे हैं।

1 min read
Sadhana Path
April 2021

उत्साह, उमंग और रंग...

फागुन के शुरू होते ही पूरा देश होली की मस्ती में डूब जाता है। लोकगीतों के सुरों पर झूमने का दौर शुरू हो जाता है। बेशक देश के अलग-अलग हिस्सों में होली अलग-अलग ढंग से बनाई जाती है पर उद्देश्य सबका एक ही हैरंगों और गीतों की मस्ती में सरोबार रहना।

1 min read
Sadhana Path
March 2021

आपके अपनों के लिए भी घातक है धूमपान

आज के बदलते माहौल में सिगरेट पीना यानी कि धूम्रपान करना लोगों के लिए स्टेटस सिंबल बन गया है। इसके चलते आज अधिक से अधिक युवा और खासकर महिलाएं भी इस लत का शिकार होती जा रही हैं। लेकिन धूम्रपान की ये लत आपके लिए जानलेवा भी साबित हो सकती है। ये आपके स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है। धूम्रपान से होने वाली स्वास्थ्य हानि तथा इसके नकारात्मक पहलू को समझें इस लेख से।

1 min read
Sadhana Path
March 2021

होली के रंग रंगीन पकवानों के संग

कोई भी त्योहार पकवानों के बिना अधूरे हैं और हर त्यौहार के अपने विशेष पकवान होते हैं। होली के त्योहार को आप कैसे बनाएं पकवानों से रवास एवं उसे बनाने की रेसिपी चलिए जानते हैं।

1 min read
Sadhana Path
March 2021

रम जाइए 'कच्छ के रण में'

गुजरात की लोक संस्कृति और परंपरा का मेल देवना हो तो आइए कच्छ के रण महोत्सव में, जहां का प्रमुख आकर्षण है 'ग्रेट रण ऑफ कच्छ', जिसका नाम सुनते ही ऊंट, रेगिस्तान, रेत और रंग-बिरंगी पोशाकों से सजे-धजे स्थानीय निवासी और पर्यटकों का ध्यान आता है जो इस उत्सव को महोत्सव में बदलते हैं और इसे विश्व प्रसिद्ध बनाते हैं।

1 min read
Sadhana Path
February 2021