आजादी की खुशी
Nandan|July 2020
राजू को पढ़ना, स्कूल जाना, खेलना, नई-नई चीजें खाना, सब पसंद है।पर सबसे ज्यादा पसंद है, मिठू से बोलना, उसे चुग्गा- पानी देना, उसे देखकर खुश होना ।मिठूजी, हां उसके पिंजरे में बंद एक सुंदरसा तोता।स्कूल से आते ही उसे संभालता, जाते वक्त 'टा- टा' कहना नहीं भूलता।
गोविंद शर्मा

एक दिन गजब हो गया। किसी कारण से पिंजरे का दरवाजा खुला रह गया और मिठू उड़ गया। राजू वापस स्कूल से आया। जब उसे यह पता चला कि मिठू अब घर में नहीं है, तो उसने सारा घर सिर पर उठा लिया यानी शोर करना, रोना-धोना शुरू कर दिया। घरके लोग उसे मनाने में लग गए। वह किसी तरह मान ही नहीं रहा था। पापा ने कहा, “अगले चौबीस घंटों के अंदर इस पिंजरे में एक मिठू होगा। कल ऑफिस जाते समय मैं यह खाली पिंजरा ले जाऊंगा। वापस आऊंगा, तब इसमें एक तोता होगा। अब मान जाओ।” कुछ देर बाद उसकी नाराजगी का पारा नीचे उतर गया।

अगले दिन ऐसा ही हुआ। शाम को जब पापा आए, तो पिंजरे में एक तोता था। देखने में बिल्कुल वैसा ही जैसा कि राजू का मिठू था। इसलिए इस तोते को भी मिठू नाम मिल गया। दो-तीन दिन में राजू और मिठू हिल-मिल गए।

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August 2020

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