निरहू ने लिखी कहानी
Champak - Hindi|September First 2021
निरहू उत्तर प्रदेश के जिला बलरामपुर के एक छोटे से गांव कोडारी में रहता था. उसे अपनी साइकिल और गन्ने के खेतों से बहुत प्यार था. उस की मां एक किसान थीं और पिता शहर में मजदूर थे.
रश्मि

निरहू खेती में अपनी मां की मदद करता था. उस के पास दो बकरियां और दो काली गायें थीं. जब उस की मां अगली फसल के लिए खेतों को तैयार करने बाहर जातीं, तो वह अपनी बहनों की देखभाल करता था. पिछले साल तीन भैंसें उस के खेत में जबरदस्ती घुस गईं और तैयार फसलों के एकतिहाई हिस्से को खा गईं. उन के परिवार के लिए यह बहुत बड़ी नुकसान था. उस के बाद खेतों के पास ही निरहू ने एक छोटी सी झोपड़ी बना ली और उस में सोना शुरू कर दिया ताकि आवारा जानवरों को फसल बरबाद करने से रोक सके. गांव में हर कोई निरहू के बारे में जानता था.

निरहू 10 साल का था जब उस ने स्कूल जाना छोड़ दिया था. वह पढ़ाई में बहुत अच्छा था, लेकिन उस के पापा को गांव से बाहर जाना पड़ा था, इसलिए निरहू के ऊपर घर, छोटी बहनों और अपनी फसलों की देखभाल की जिम्मेदारी आ पड़ी थी.

वह अपनी बहनों के साथ ज्यादातर समय घर पर ही बिताता था. मां की अनुपस्थिति में वह अपनी बहनों को खाना खिलाता, उन की गंदगी साफ करता और उन्हें नहलाता था. कभीकभी वह उन के लिए खाना भी पकाता था. निरहू अपनी चारों बहनों को बहुत प्यार करता था.

एकसमय था जब निरहू सबकुछ जानता था. एक, दो, तीन, चार, ए, बी, सी, डी. हिंदी वर्णमाला. वह लंबी कविताएं और कहानियां भी याद करता था.

दोस्त साहुल लेकिन अब वह अपना नाम लिखना भी नहीं जानता था. उस के और रामकिशोर का इसी साल छठी कक्षा में दाखिला कराया गया था. निरहू अपने दोस्तों से ज्यादा बातें नहीं किया करता था, क्योंकि उसे चिढ़ाए जाने का डर था. कोई भी उस के साथ नहीं खेलता था. वह अपने दोस्तों की तुलना में तेजी से बड़ा होता दिखाई दे रहा था.

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM CHAMPAK - HINDIView All

मेहनत रंग लाई

9 वर्षीय आयशा अपने मम्मीपापा के साथ उत्तराखंड के सुदूर एक छोटे से पहाड़ी जिले में रहती थी. आयशा के पापा गांव की प्राथमिक पाठशाला में शिक्षक थे. गांव वाले प्यार से उन्हें मास्टरजी कह कर बुलाते थे. उन का गांव में बहुत सम्मान था.

1 min read
Champak - Hindi
October First 2021

प्रतियोगिता

मानव को लगा कि वह बहुत बदल गया है. वह 15 दिन से घर पर था और उसे लगा जैसे पूरी दुनिया ही बदल गई है.

1 min read
Champak - Hindi
October First 2021

समाधान

मधुवन के राजा शेरसिंह बहुत ही दयालु थे. हर समय वे यही सोचते थे कि ऐसा क्या करें जिस से उन की प्रजा सुखी रहे. उन्होंने अपने राज्य की भलाई के लिए नईनई योजनाएं बनाते थे.

1 min read
Champak - Hindi
October First 2021

बालबाल बचे

महात्मा गांधी का सत्याग्रही और आंदोलनकारी जीवन वास्तव में दक्षिण अफ्रीका की धरती से शुरू हुआ था. भारत का स्वतंत्रता आंदोलन तो उन के आंदोलनकारी जीवन का दूसरा पड़ाव था. इसलिए दक्षिण अफ्रीका के संघर्ष को जाने बिना हम गांधीजी को सही से नहीं समझ सकते.

1 min read
Champak - Hindi
October First 2021

अज्ञान बनाम विज्ञान

जिब्बी जेबरा अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा से रिटायर हो कर लौटा था. दुर्भाग्य से जिस चंपकवन में वह रहता था, वहां कोई जानवर पढ़ालिखा न था. यहां लौटते ही उस के बुरे समय की शुरुआत हो गई.

1 min read
Champak - Hindi
October First 2021

अंगूर मीठे हैं

गरमी का मौसम था. फौक्सी लोमड़ी दोपहर में जंगल से गुजर रही थी. जंगल के एक छोर पर विंची भेड़ का बहुत बड़ा बगीचा था. उस बगीचे में तरहतरह के फलफूलों के कई पेड़पौधे लगे थे.

1 min read
Champak - Hindi
October First 2021

साहसी उर्विल

उर्विल और उस के दोस्त उन की बिल्डिंग के नजदीक बस स्टौप पर खड़े थे. वे अपनी स्कूल बस का इंतजार कर रहे थे. कुछ ही देर में अंकल वहां आए और सिगरेट पीने लगे. शायद वे भी अपनी कंपनी की बस का इंतजार कर रहे थे. इतने में उर्विल की स्कूल बस स्टौप पर आ गई.

1 min read
Champak - Hindi
September Second 2021

वीर की लिखावट

वीर एक समझदार छात्र था. वह मददगार और बहुत ही मजाकिया था, लेकिन लापरवाही बहुत करता था. पिछले कुछ दिनों से वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे रहा था.

1 min read
Champak - Hindi
September Second 2021

खुशियों की बारिश

"जेहरा बेटा, मैं खरीदारी करने बाजार जा रही मैं हूं. कुछ देर में वापस आ जाऊंगी. तब तक तुम कमरे के अंदर बैठ कर पढ़ाई करो और हां, बारिश आए तो भीगना मत,” मां की बात सुन कर 10 साल का साहिल कमरे के अंदर जा कर पढ़ाई करने लगा.

1 min read
Champak - Hindi
September Second 2021

हाथी और कंप्यूटर शिक्षा

महाराज शेरा सिंह को कुछ दिन पहले ही जंगल के राजा का ताज पहनाया गया था. उन के पापा ने उन्हें फेमस शिक्षा संस्थानों से शिक्षा दिलवाई थी.

1 min read
Champak - Hindi
September Second 2021