बेकी की मित्रता
Champak - Hindi|August First 2021
बेकी हाथी का नए स्कूल में आज पहला दिन था. वह अपनी क्लास में जा कर अन्य सहपाठियों से मिलने के लिए बेहद उत्साहित थी. उसे पूरा विश्वास था कि वह पहले ही दिन क्लास के अन्य बच्चों से दोस्ती कर लेगी. इस तरह बेकी ने आत्मविश्वास के साथ कक्षा में प्रवेश किया.
विवेक चक्रवर्ती

"हैलो दोस्तो, मेरा नाम बेकी है. मैं हाल ही में सुंदरवन से यहां आई हूं,' बेकी क्लास में आते ही अन्य बच्चों को अपना परिचय देते हुए बोली, लेकिन किसी ने उस की बात का कोई जवाब नहीं दिया और सब आपस में कानाफूसी करने लगे.

“कितनी बड़ी है यह,” पिंटू बंदर पास बैठे गोलू खरगोश से बोला.

"बड़ी भी और मोटी भी,” पीछे बैठे सोनू हिरन ने धीरे से कहा.

'लेकिन इतना बड़ा स्टूडेंट हमारी क्लास में कैसे?' छुटकू चूहे ने सोचते हुए पूछा.

"जरूर यह पढ़ाई में फिसड्डी होगी और हमेशा फेल होती रहती है,'' पिंटू ने उस का मजाक उड़ाते हुए कहा.

"फिर तो इस का नाम बेकी नहीं डंबो होना चाहिए,” गोलू मजाक उड़ाते हुए बोला.

"नहीं, मैं फिसड्डी नहीं हूं, मैं ने तो पिछले साल अपने स्कूल में सब से ज्यादा अंक हासिल किए थे," उन की बातें सुन कर बेकी ने विरोध करते हुए कहा.

"यदि तुम पढ़ाई में इतने अच्छे थे तो फिर यहां क्यों चले आए?” छुटकू ने उसे घूरते हुए पूछा.

"मेरे पापा का ट्रांसफर इस वन में हो गया है इसलिए हमें यहां आना पड़ा,” बेकी धीरे से बोली.

“पापा का ट्रांसफर हो गया था या तुम्हारे जैसे फिसड्डी को स्कूल से निकाल दिया गया था?" गोलू ने कहा तो क्लास में सारे स्टूडेंट हंसने लगे.

"ऐसा कुछ भी नहीं है और तुम सब मुझ से इस तरह बात क्यों कर रहे हो? मैं तो तुम सब से दोस्ती करना चाहती हूं,” अन्य बच्चों की बातों से दुखी हो कर बेकी धीरे से बोली.

दोस्ती और तुम से? इतनी बड़ी और मोटी हो, तुम से दोस्ती करने का तो सवाल ही नहीं है," पिंटू ने हंसते हुए कहा.

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