लासोडे का बनाए अचार और सब्जियां
Farm and Food|September 2021
हमारे आसपास कई ऐसे पेड़पौधे होते हैं, जिन्हें हम बेकार समझ कर ध्यान नहीं देते हैं, जबकि इस में से कुछ ऐसे होते हैं, जो सेहत का खजाना होते हैं.
बृहस्पति कुमार पांडेय

इन में से बहुत से ऐसे पौधे होते हैं, जिनके पत्ते, फलफूल, तना व छाल का उपयोग खाने के साथ ही औषधियों के रूप में भी किया जाता है. ऐसा ही एक खास पौधा है लसोड़ा, जिसे कैरी गुंदा, गोंदी, निशा, रेठू या टेंटी के नाम से भी जाना जाता है.

लसोड़े का पौधा हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित पूरे भारत में पाया जाता है. यह पोषक तत्त्वों और औषधीय गुणों से भरपूर होता है. इस के फल सुपारी के समान होते हैं.

लसोड़े के कच्चे फलों की बहुत ही स्वादिष्ठ सब्जी और अचार बनाया जाता है. इस के पके हुए फल मीठे होते हैं और इस के अंदर चिकना और मीठा गोंद होता है.

लसोड़े के फल में मौजूद प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, फाइबर, आयरन, फास्फोरस व कैल्शियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है. बहुत सी जगहों पर लसोड़े के फलों को सुखा कर चूर्ण बनाया जाता है, जिसे मैदा, बेसन और घी के साथ मिला कर लड्डू बनाए जाते हैं.

इसे मांस से भी 10 गुना ज्यादा ताकतवर माना जाता है. इस का सेवन शरीर के लिए बहुत ही उत्तम और ताकत से भरपूर होता है.

लसोड़े में भरपूर मात्रा में कैल्शियम और फास्फोरस होता है, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है और शरीर को ताकत देता है. इस फल को खाने से शरीर में ताकत आती है और शरीर को कई अन्य बीमारियों से राहत मिलती है. इस फल का उपयोग मस्तिष्क को भी तेज करता है.

लसोड़ा खाने से शरीर में खून की कमी दूर होती है. इस की फल और पत्तियां महिलाओं में होने वाले कई रोगों के निदान में कारगर होती हैं.

इस सेहतमंद पौधे के कच्चे फल का बेहद लजीज अचार और सब्जियां बनाई जाती हैं. लसोड़े का स्वादिष्ठ अचार और जायकेदार सब्जी बनाने की विधि इस प्रकार है:

लसोड़े का अचार बनाने के लिए जरूरी चीजें

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM FARM AND FOODView All

स्वादसुगंध से भरपूर अल्पान केला (बिहार का चीनिया केला)

अल्पान केले को विभिन्न प्रदेशों में चंपा, चीनी चंपा, चीनिया, डोरा वाज्हाई, कारपुरा चाक्काराकेली इत्यादि नामों से जानते हैं. ये सभी प्रजातियां मैसूर समूह में आती हैं.

1 min read
Farm and Food
October First 2021

हराभरा स्मार्ट गांव पिपलांत्री देश में ही नहीं विदेशों तक धमक

राजस्थान के राजसमंद जिले का पिपलांत्री गांव देशविदेश के मानचित्र पर किसी परिचय का मोहताज नहीं है. गूगल पर गांव का नाम डालते ही इस के इतिहास से लेकर वर्तमान तक की कई कहानियों और तसवीरों के लिंक यहां दिखाई देने लगते हैं.

1 min read
Farm and Food
October First 2021

फसल अवशेष और इस का प्रबंधन

कृषि में संसाधन संरक्षण तकनीक स्थायी रूप से दीर्घकालीक खाद्य उत्पादन में सहायक होता है, परंतु मशीनों के अधिक प्रयोग से मृदा उर्वरता में कमी आने लगती है. धानगेहूं फसल प्रणाली में आधुनिक व बड़े आकार के फार्म मशीनरी जैसे कंबाइन हार्वेस्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल वगैरह की संख्या दिनोंदिन बढ़ती ही जा रही है.

1 min read
Farm and Food
October First 2021

पशुपालन को बनाएं उद्योग

खेती के साथसाथ अनेक ऐसे काम किए जा सकते हैं, जो किसानों को अतिरिक्त मुनाफा तो देते ही हैं, साथ ही रोजगार भी मिल जाता है. ऐसा ही काम है पशुपालन, जो किसानों के लिए बेहतर आमदनी का जरीया हो सकता है. सरकार की भी अनेक योजनाएं पशुपालन के क्षेत्र में आती रहती हैं, जो किसानों की राह आसान बनाती हैं. पिछले कुछ समय में भारत सरकार ने किसानों और पशुपालकों को ले कर लगातार योजनाएं लौंच की हैं.

1 min read
Farm and Food
October First 2021

नवजात बछडे की देखभाल की वैज्ञानिक विधि

किसी भी डेरी की कामयाबी के लिए जरूरी है कि उस डेरी की प्रजनन के काबिल सभी गाय हर साल बच्चा पैदा करें. साथ ही साथ यह भी जरूरी है कि पैदा हुए सभी बच्चे जिंदा रहें.

1 min read
Farm and Food
September Second 2021

चैनलों की भक्ति गायब किसान के मुद्दे

देशभर में आंदोलन कर रहे किसान यह शिकायत करते हैं कि मीडिया के लोग किसानों की बात जनता के सामने लाने में खास दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. ज्यादातर न्यूज चैनल हमेशा की तरह सरकार की पीठ थपथपाने और उस की चाटुकारिता में लगे हैं. इसी बात की पड़ताल के लिए हमारी टीम ने 9 सितंबर के प्राइम टाइम में कुछ हिंदी चैनलों पर अपनी नजर बना कर रखी थी, जो इस तरह थी:

1 min read
Farm and Food
September Second 2021

पपीते की खास किस्म रैड लेडी

पपीते की एक खास किस्म पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना द्वारा विकसित की गई है, जिसे 'रैड लेडी' नाम दिया गया है. यह एक संकर किस्म है. इस किस्म की खासीयत यह है कि नर व मादा फूल एक ही पौधे पर होते हैं, लिहाजा हर पौधे से फल मिलने की गारंटी होती है.

1 min read
Farm and Food
September Second 2021

बरसात में न कटने दें खेत की मिटटी

बरिश न हो या कम हो तो सभी किसान परेशान रहते हैं, लेकिन समझदार किसान लगातार तेज बारिश से भी घबराते हैं, क्योंकि इस से मिट्टी का कटाव होता है, जो खेत का आकार तो बिगाड़ता ही है, साथ ही जरूरी पोषक तत्त्वों को भी साथ बहा ले जाता है.

1 min read
Farm and Food
September 2021

पशुओं में खुरपकामुंहपका रोग

पशुओं में खुरपकामुंहपका रोग यानी एफएमडी बेहद संक्रामक वायरल है. यह रोग वयस्क पशुओं में घातक नहीं होता है, लेकिन बछड़ों के लिए यह घातक होता है. यह गायभैंसों, बकरियों,

1 min read
Farm and Food
September 2021

गेंदा फूल की खेती

गेंदा फूल को शादीब्याह, जन्मदिन, सरकारी व निजी संस्थानों में आयोजित विभिन्न समारोहों के अवसर पर, पंडाल, मंडपद्वार और गाड़ी, सेज आदि सजाने व अतिथियों के स्वागत के लिए माला, बुके, फूलदान सजाने में भी इस का प्रयोग किया जाता है. गेंदा की खेती खरीफ, रबी व जायद तीनों मौसम में की जाती है. पूर्वांचल में गेंदा की खेती की काफी संभावनाएं हैं, बस यह ध्यान रखना है कि कब कौन सा त्योहार है, शादी के लग्न कब हैं, धार्मिक आयोजन कब-कब होते है. इस को ध्यान में रख कर खेती की जाए, तो ज्यादा लाभदायक होगा.

1 min read
Farm and Food
September 2021