वैज्ञानिक विधि से कैसे करें स्ट्राबैरी की खेती
Farm and Food|November Second 2020
स्ट्राबैरी (फ्रेगेरिया अनानासा) यूरोपियन देश का फल है. इस का पौधा छोटी बूटी के समान होता है. इस के छोटे तने से कई पत्तियां निकलती हैं. पत्तियों के निचले हिस्से से कोमल शाखाएं निकलती हैं, जिन्हें रनर्ज कहते हैं. इन रनर्ज द्वारा स्ट्राबैरी का प्रवर्धन किया जाता है.
पूनम कश्यप, आशीष कुमार, सुनील कुमार एवं पीयूष पूनिया

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बढ़ती स्ट्राबैरी की मांग लघु व सीमांत किसानों के लिए वरदान साबित होती जा रही है. फलों का आकार व आकृति प्रजाति पर निर्भर करता है. सामान्य प्रजातियों का फल गोल से कोणाकार आकृति का होता है.

स्ट्राबैरी का फल स्वादिष्ठ और पौष्टिक होता है. इस में विटामिन ए, बी, बी-2, विटामिन सी और खनिज पदार्थों में पोटेशियम, कैल्शियम और फास्फोरस प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं.

जलवायु

भारत में स्ट्राबरी की खेती पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में की जा रही है. मैदानी क्षेत्रों में इस की फसल सिर्फ सर्दियों में की जाती है, जिस के लिए अक्तूबर नवंबर माह में पौधे लगाए जाते हैं.

जमीन का चुनाव

इस की खेती हलकी रेतीली से ले कर दोमट चिकनी मिट्टी में की जा सकती है, परंतु दोमट मिट्टी और उचित जल निकास वाली जमीन इस के लिए उपयुक्त है.

खेत की जुताई कर के मिट्टी भुरभुरी बना ली जाती है. 60'-30' की उच्चीकृत क्यारी खेत की लंबाई के अनुरूप बना ली जाती है. गोबर की सड़ी खाद 5-10 किलोग्राम और 50 ग्राम उर्वरक मिश्रण यूरिया, सुपर फास्फेट और म्यूरेट औफ पोटाश 2:2:1 के अनुपात में दिया जाता है. यह मिश्रण साल में 2 बार मार्च व अगस्त माह में दिया जाता है.

पौधे लगाने की विधि

Continue reading your story on the app

Continue reading your story in the magazine

MORE STORIES FROM FARM AND FOODView All

चूहा प्रबंधन घर से खेत तक कैसे करें

हमारे यहां ग्रामीण क्षेत्रों में चूहे को विभिन्न नामों से जाना जाता है. कहीं चुहिया, कहीं मूस, तो कहीं मूसी कहते हैं. चूहा घर व खेतखलिहान तक हानि पहुंचाता है.

1 min read
Farm and Food
February Second 2021

उन्नत तकनीकी अपनाने से उत्पादन लागत करे कम

गांव में आज भी कृषि ही आजीविका का मुख्य साधन है. लगातार हो रहे अनुसंधान और नई किस्मों के आने से कृषि के स्तर में विकास हुआ है, लेकिन अब किसानों को खाद, बीज, दवाओं, कृषि औजारों, पानी, बिजली आदि पर अधिक खर्च करना पड़ रहा है.

1 min read
Farm and Food
February Second 2021

कौट्रैक्ट फार्मिंग के नाम पर किसानों से ठगी

कृषि सुधार कानून में गड़बड़झाला

1 min read
Farm and Food
February Second 2021

सेब के पौष्टिक उत्पाद खाएं भी कमाएं भी

अम्लीय फल सेब पोषक तत्त्वों से भरपूर है. इस के सेवन से केवल ऊर्जा ही नहीं मिलती, बल्कि विभिन्न मैटाबौलिक क्रियाओं के पूरे विकास में भी बहुत मदद मिलती है.

1 min read
Farm and Food
February Second 2021

आज के जमाने में केले की खासीयत

आज के खाद्य वैज्ञानिकों ने अपनी रिसर्च में केले को बहुत ज्यादा उपयोगी पाया है. जरमनी के गोली जन विश्वविद्यालय के प्रोफैसर फूडल ने अपनी रिसर्च के आधार पर सलाह दी है कि डिप्रैशन के शिकार आदमी को केले का सेवन करना चाहिए. प्रोफैसर फूडल के मुताबिक, केले में सेरोटोनिन नामक तत्त्व पाया जाता है. इस से मानसिक परेशानियों से छुटकारा मिलता है.

1 min read
Farm and Food
February First 2021

प्याज व लहसुन में कीट और रोग प्रबंधन

प्याज व लहसुन कंद समूह की मुख्य रूप से 2 ऐसी फसलें हैं, जिन का सब्जियों के क्षेत्र में महत्त्वपूर्ण स्थान है. देश में इन की खपत और विदेशी मुद्रा अर्जन में बहुत बड़ा योगदान है.

1 min read
Farm and Food
February First 2021

गन्ने की खेती में नया कीर्तिमान

भारत में ज्यादातर किसान खेती से परेशान हैं. ऐसे में वे मजबूरी में खेती कर रहे हैं. इस की मुख्य वजह कहीं न कहीं उन की उपज का सही दाम न मिल पाना है, जिस्म के चलते उन्हें लगातार घाटा हो रहा है. फिर भी कुछ ऐसे किसान हैं, जो जरा कर के खेतीबारी कर रहे हैं.

1 min read
Farm and Food
February First 2021

केले की खेती ने दिखाई मुनाफे की राह

परंपरागत रूप से हो रही खेती में हर साल लागत बढ़ती जा रही है, पर फसल के सही दाम न मिलने से मुनाफे में कमी आ रही है. सरकार द्वारा फसल का सही समर्थन मूल्य न मिलने व अनाज व्यापारियों द्वारा किसान की फसल औनेपौने दाम पर खरीदने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. ऐसे में खेती करने के तरीकों में बदलाव की ओर किसानों ने ध्यान देना शुरू कर दिया है.

1 min read
Farm and Food
February First 2021

प्रबंधन तकनीक से किसानों को रोजगार

बागबानी फसलों की तुड़ाई के उपरांत

1 min read
Farm and Food
February First 2021

ड्रिप और मल्चिग पद्धति से शिमला मिर्च की खेती

परंपरागत खेती में रोज ही नएनए तरीके अपना कर किसान उन्नत खेती के साथ मुनाफा ले रहे हैं. ड्रिप और मल्चिग पद्धति से खेती कर के फसलों की पैदावार बढ़ाई जा सकती है. इन के इस्तेमाल से न सिर्फ अच्छा उत्पादन मिलता है, बल्कि खरपतवार नियंत्रण और सिंचाई जल की बचत भी की जा सकती है.

1 min read
Farm and Food
January Second 2021
RELATED STORIES

भूलना भूल जाएगा आपका बच्चा

बच्चों के फाइनल एग्जाम्स शुरूहोने वाले और माता-पिता की चिंता बढ़ रही है। अगर आपके बच्चे को भी पढ़ाई की चीजों को याद करने में परेशानी होती है तो कुछ ट्रिक्स इसमें आपकी मदद कर सकते हैं

1 min read
Anokhi
February 20, 2021

हरे चारे के लिए जई की खेती

पशुओं के लिए पर्याप्त गुणवत्ता युक्त हरा चारा उपलब्ध न होने की वजह से उनकी उत्पादकता पर विपरीत प्रभाव पड़ रहा है।

1 min read
Modern Kheti - Hindi
September 15, 2020

युवाओं में बढ़ता जंक फूड्स का क्रेज

कई लोग नाश्ता नहीं करते, काफी सारे फास्ट फूड्स या जंक फूड्स रवाते हैं और बड़े पैमाने पर सप्लीमेंट फूड्स पर ही रहते हैं। ऐसा देखा गया है कि टीनएजर्स ऐसा ज्यादा स्वतंत्र महसूस करने के लिए करते हैं या फिर अपने पैसे से अपनी आजादी का प्रदर्शन करना चाहते हैं।

1 min read
Grehlakshmi
August 2020

पौष्टिकता से भरपूर सेंजना की खेती किसान के लिए मुनाफे का सौदा

सहजन, ड्रमस्टिक, मुनगा, सहिजन, सेंजना, मुरिंगा, गठीगना, सिंहफली आदि नामों से जाना जाता है। यह किसानों के लिए एक बहुवर्षीय सब्जी देने वाला जाना-पहचाना पौधा है।

1 min read
Modern Kheti - Hindi
July 15, 2020

बदलती जनसंख्या के परिदृश्य में मशरूम की खेती का महत्व

पिछले कुछ वर्षों में भारतीय बाजार में मशरूम की मांग तेजी से बढ़ी है, जिस हिसाब से बाजार में इसकी मांग है, उस हिसाब से अभी तक इसका उत्पादन नहीं हो रहा है, ऐसे में किसान मशरूम की खेती कर अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। इसे देखते हुए मशरूम के बड़े पैमाने पर उत्पादन की आवश्यकता है।

1 min read
Modern Kheti - Hindi
April 01, 2020

पौष्टिक एवं संतुलित आहार से पाएं दीर्घायु

तन स्वस्थ तो मन भी स्वस्थ । और यह तभी संभव है जब व्यक्ति को पौष्टिक तथा संतुलित भोजन मिले।

1 min read
Sadhana Path
November 2019

कामकाजी व्यक्तियों का आहार कैसा हो?

रोजमरा की ज़िन्दगी में कामकाजी व्यक्तियों का आहार क्या - क्या होना चाहिए और कैसा ?

1 min read
Yogya Aarogya
October - November 2019

आचार्य खिचड़ी

स्वाद की दुनिया से आचार्य खिचड़ी

1 min read
Yogya Aarogya
December 2019

क्या आप भी ऐसे खाते हैं सलाद? नहीं होगा कोई लाभ

यदि देखा जाए तो हेल्दी फूड में सबसे अधिक डिमांड सलाद की ही होती है । लोगों का मानना है कि कि सलाद सलाद ज़रूर खाना चाहिए । वैसे इसमें कोई दोराय नहीं हेल्दी खाएं ना खाएं कुछ और सेहत के लिए अच्छी होती है । लेकिन इसे कब और कैसे खाया जाना चाहिए ये ज़रूरी होता है । ये बहुत आवश्यक है कि आपको फ्रेश वेजिटेबल्स का उपयोग ही सलाद में करना चाहिए । इसके अलावा चाट मसाला या इसी तरह की सलाद ड्रेसिंग से भी दूर रहना चाहिए । साथ ही फ्रूट सलाद और स्प्राउट्स सलाद को खाने में भी कुछ नियम जुड़े होते हैं । एक बात आपको और भी ध्यान रखना चाहिए कि आप सेंधा नमक का ही उपयोग करें । सामान्य नमक के मुकाबले सेंधा नमक ज़्यादा अच्छा होता है । लोगों को इस बात को लेकर भी असमंजस हो सकता है कि सलाद को सुबह खाएं या रात को? आपको सलाद खाने के पहले खाना चाहिए या खाने के बाद इस बारे में भी जानकारी होना चाहिए । चलिए आपको सलाद से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण तथ्य बताते हैं...

1 min read
VamaToday
January-February 2020, Stri Sanwad Parishisht

सलाद से लगाएं स्वाद का तड़का

सलाद पौष्टिक आहार का जरूरी हिस्सा है, जिसके जरिए बॉडी को फाइबर्स और पोषक तत्व मिलते हैं। वहीं सलाद में कुछ सब्जियों को मिलाकर इसका स्वाद बढ़ाया जा सकता है।

1 min read
Grehlakshmi
March 2020