समृद्धि के अवसरों का प्रदेश उत्तर प्रदेश
Farm and Food|November Second 2020
उत्तर प्रदेश में जिस तरह औद्योगीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है, वह राज्य में विकास का सुनहरा दौर लेकर आएगा। नये उद्योग लगाने के लिए जो सुविधाएं प्रदान करायी जा रही हैं, उनके परिणामस्वरूप बहुत से देशी-विदेशी निवेशक उत्तर प्रदेश में आने के इच्छुक हैं। बुनियादी डाँचे में भी जबरदस्त सुधार किया जा रहा है, जो उद्योगों के विकास के लिए बहुत आवश्यक है। सभी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेजी से काम हो रहा है, जिससे वे सही समय पर पूर्ण हो सकें। लाखों नवयुवकों को रोजगार के अवसर प्रदान कराये गये है। मुझे पूरा यकीन है कि उत्तर प्रदेश अपने औद्योगीकरण और विकास के लक्ष्यों को पाने में अवश्य सफल होगा। - नरेन्द्र मोदी,प्रधानमंत्री

उत्तर प्रदेश ने राज्य में बिजनेस के अवसरों के नए दरवाजे खोल दिए हैं। राज्य में बिजनेस करना आसान हो, इसके लिए कई अहम कानूनी बदलाव किए गए हैं। इसी का परिणाम है कि हाल ही में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस (ईओडीबी) रैकिंग में प्रदेश ने 10 पायदान की लंबी छलांग लगाई है। प्रदेश इस मायने में पूरे देश में दूसरे नंबर पर पहुंच गया है,जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत के सपने को पूरा करने की दिशा में राज्य के प्रयासों को दर्शाता है। इंफ्रास्ट्रक्चर के आभाव व पूर्व में कतिपय अन्य कारणों से, यूपी देश के उन राज्यों में रहा है, जहां औद्योगिकीकरण कम हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस स्थिति को दूर करने के लिए काफी प्रयास किए गए हैं। सरकार का कामकाज संभालने के तुरंत बाद उन्होंने राज्य में निवेश और उद्योगों को आकर्षित करने के लिए नीतियों में अभूतपूर्व सुधार किए हैं। अब इन प्रयासों का सुखद असर दिखने लगा है।

इसके लिए राज्य सरकार, सबसे पहले 'औद्योगिक निवेश और रोजगार प्रोत्साहन नीति, 2017 लेकर आई। नीति में ईओडीबी (कारोबारी सहूलियत) के लिए प्रक्रियाओं के सरलीकरण, समयबद्ध मंजूरी, एकल खिड़की प्रणाली, वाणिज्यिक गतिविधियों में आसानी, अन्य नियामकों में बदलाव, औद्योगिक सुरक्षा और राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड जैसे सात अहम कदमों को शामिल किया गया। इसके लिए सरकार ने नीतिगत स्तर पर, बिजनेस के अनुकूल नीतियों को जारी रखा। साथ ही उद्योगपतियों और निवेशकों के सुझावों को शामिल करते हुए, प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए खास नीतियां बनाई। राज्य सरकार नए निवेश को आकर्षित करने के लिए मौजूदा नियमों को सरल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेशकों की आवेदन प्रक्रियाओं को तेजी से मंजूरी देने के लिए निवेश मित्र के रूप में बनाई गई एकल-खिड़की प्रणाली का सफल क्रियान्वयन, राज्य की प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। बंद पड़े बिजनेस और उद्योगों को दोबारा से शुरू करने के लिए राज्य सरकार ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से संबंधित सुधार जिला स्तर पर भी शुरू किए हैं। इसके अलावा जिला आधारित ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैकिंग जारी करने की पहल की गई है, जो हर महीने जारी होगी। कामगारों को रोजगार प्रदान करने के लिए राज्य की औद्योगिक इकाइयों का भी राज्य सर्वेक्षण करा रहा है।

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