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भारतीय संस्कृति का प्रमुख अंग-
Sadhana Path
|June 2025
प्राचीन काल से हमारी संस्कृत का अभिन्न अंग व पूजनीय मानी जाने वाली गाय का महत्त्व केवल धार्मिक पक्ष से ही नहीं है अपितु वैज्ञानिक व आर्थिक दृष्टिकोण से भी गाय माता हमारे लिए काफी उपयोगी हैं। गाय से जुड़े विभिन्न लाभ तथा इसके संरक्षण की आवश्यकता को समझें इस लेख से।
पराणों में, धर्म ग्रन्थों में गाय की महिमा गाई गई है। गंगा, गीता, गौ माता तीनों को मुक्तिदायिनी माना गया है। हर भारतीय का विश्वास है कि हमारे कृषि प्रधान देश का मूल आधार गौ वंश है, क्योंकि भारत की लगभग 65 प्रतिशत जनसंख्या अपनी आजीविका के लिए कृषि पर ही निर्भर रहती है।
गाय हमारी धार्मिक संस्कृति का महत्त्वपूर्ण अंग है। आज इस अंग को हमारी संस्कृति से काटने का बड़े पैमाने पर षड्यंत्र हो रहा है। गाय भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन को परिलक्षित करती है। इस तरह गाय की पवित्रता और उपयोगिता के महत्त्व को कभी कम करके नहीं देखा जा सकता है। लेकिन आधुनिक समय में कृत्रिम साधनों और रसायनों को महत्त्व दिया जा रहा है। जिस प्रकार आज विश्व के सभी देश प्रदूषण के शिकार हो रहे हैं, चिंताजनक है। पर्यावरण संकट के कारण मानव के विनाश के डर ने सभी को चिंता में डाल दिया है। विभिन्न घातक रसायनों पर रोक, वृक्षारोपण पर बल, जानवरों तथा उनकी प्रजातियों को बचाने के लिए बहुत सारे प्रयास चल रहे हैं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि हमारे पूर्वज पहले ही पर्यावरण संकट से परिचित थे तथा परिस्थिति को देखते हुए उसका संतुलन बनाए रखने के लिए ही प्रवृत्ति द्वारा जीवों व वृक्षों के संरक्षण के लिए इसे धर्म से जोड़ा। ऐसा अनूठा उदाहरण विश्व के किसी अन्य धर्म और देश में नहीं मिलता।
This story is from the June 2025 edition of Sadhana Path.
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