कहीं तनाव आपके जीवन की खुशियां छीन न ले
Grehlakshmi|October 2020
We're offering this story for free to read so that you can stay updated on the COVID-19 outbreak
कहीं तनाव आपके जीवन की खुशियां छीन न ले
शारीरिक स्वास्थ्य पर तो ज्यादातर लोगों का ध्यान जाता है लेकिन मानसिक स्वास्थ्य की तरफ बहुत ही कम लोग ध्यान देते हैं जबकि मानसिक अस्वस्थता आपके पूरे जीवन को प्रभावित करती है।
रिंकल शर्मा

सफल और सुखमयी जीवन के लिए किसी भी मनुष्य का शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ होना बहुत ही आवश्यक है, लेकिन आजकल कोरोना महामारी के इस दौर में हर इंसान शारीरिक और मानसिक परेशानियों से जूझ रहा है। शारीरिक स्वास्थ्य पर तो ज्यादातर लोगों का ध्यान जाता है लेकिन मानसिक स्वास्थ्य की तरफ बहुत ही कम लोग ध्यान देते हैं जबकि मानसिक अस्वस्थता आपके पूरे जीवन को प्रभावित करती है। मानसिक स्वास्थ्य आमतौर पर तनाव से प्रभावित होता है। तनाव आज के जीवन में सामान्य हो गया है, जिसे कोई न चाहते हुए भी ले लेता है। इससे बचने के लिए लोग कई तरह के उपाय करते हैं लेकिन इससे छुटकारा पाना आसान नहीं होता। तनाव एक ऐसी बीमारी है, जिससे किसी भी उम्र का व्यक्ति अछूता नहीं रहता फिर चाहे वह पुरुष हो, स्त्री हो या फिर बच्चे, सभी कहीं न कहीं इस तनाव नाम की बीमारी से जूझ रहे हैं। हालांकि महामारी के दौर में तनाव का असर स्त्रियों और पुरुषों पर अलग-अलग प्रकार से देखने को मिल रहा है। लेकिन महामारी से परे भी ज्यादातर महिलाओं पर इसका असर हमेशा ही देखने को मिलता है। महिलाओं में कुंठा या अवसाद आमतौर पर पाई जाने वाली तनाव संबंधी बीमारियां हैं। आमतौर पर पांच में से तीन महिलाएं इनसे पीड़ित होती हैं। महिलाओं में तनाव और अवसाद के लक्षण अधिक देखने को मिलते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उनके ऊपर करियर, बच्चे, परिवार, दोस्त और स्वैच्छिक काम को लेकर अधिक दबाव होता है। एक सर्वे में भारतीय महिलाओं ने खुद को सबसे ज्यादा तनाव में बताया। कुछ वैज्ञानिकों का तो यह भी मानना है कि परिवार के सभी सदस्यों में से, अपने बच्चों पर ख़तरों के प्रति महिलाएं कुदरती तौर पर ज्यादा संवेदनशील होती हैं और उन्हें खतरों की ज़्यादा समझ होती है। वैज्ञानिक कहते हैं कि सामाजिक स्तर पर भेदभाव के कारण अधिकतर महिलायें शक्तिविहीन हो जाती हैं और परिस्थितियां उनके मानसिक स्वास्थ्य पर पुरुषों की अपेक्षा अधिक बुरा प्रभाव डालती हैं। इसी वजह से तनाव के पलों में उनका व्यवहार भी पुरुषों की तुलना में अलग होता है। ऐसे में महिलाओं को खुद का ध्यान बहुत अधिक रखना पड़ता है।

वैसे महिलाओं में तनाव के कई कारण हो सकते हैं जैसे सामान्य शारीरिक प्रक्रिया एवं जीवन स्थिति में परिवर्तन या खासतौर पर कुछ तनावपूर्ण परिस्थितियां इत्यादि । बहुत-सी महिलाएं इन परिवर्तनों एवं परिस्थितियों के अनुसार अपने को ढाल लेती हैं किंतु कुछ के लिए ये परिवर्तन अकारण ही तनाव पैदा करते हैं या मानसिक स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डालते हैं। महिलाओं की मानसिक दशा एवं असंतुलन के लिए कई कारण गिनाये गये हैं, जिनमें से कुछ इस प्रकार हैं -

बचपन

articleRead

You can read up to 3 premium stories before you subscribe to Magzter GOLD

Log in, if you are already a subscriber

GoldLogo

Get unlimited access to thousands of curated premium stories, newspapers and 5,000+ magazines

READ THE ENTIRE ISSUE

October 2020