लंबी सीटिंग से सेहत को खतरा
Grehlakshmi|June 2020
लंबी सीटिंग से सेहत को खतरा
लगातार बैठना आज वजह बन रहा कई स्वास्थ्य समस्याओं की। इन्हें नज़र अंदाज करना खतरनाक हो सकता है। जानिए कुछ ऐसे ही परिणामों के बारे में
डॉ. विनोद गुप्ता

यदि आपका अधिकांश समय कुर्सी पर बैठ कर काम करने में गुजरता है तो यह आपकी सेहत के लिए खतरे की घंटी है। एक अध्ययन में 1.67 लाख वयस्कों को शामिल किया गया। अध्ययन में उनकी जीवनशैली से मृत्यु के आंकड़ों का तुलनात्मक अध्ययन करने पर पाया गया कि प्रतिदिन बैठे रहने के समय का जीवनकाल की अवधि तथा मृत्यु के तरीके से सीधा संबंध है। यदि आप कुर्सी पर बैठे रहने के समय में तीन घंटे की कमी करती हैं तो दो वर्ष अधिक जी सकती हैं।

ब्लड सर्कुलेशन स्लो होता है

बैठे रहने से पैरों में ब्लड सर्कुलेशन दो तिहाई घट जाता है। इसके पिंडली में जम जाने की आशंका रहती है। इससे ब्लड वैसल वॉल्स को नुकसान पहुंच सकता है। जो हिस्सा कमजोर होता है, वहां से खून बहने से रोकने के लिए प्लेटलेट्स जमा हो जाते हैं। फाइब्रिन नाम का प्रोटीन प्लेटलेट्स को एक साथ रखकर क्लॉट बनाता है।

कुछ मामलों में खून का थक्के का कुछ हिस्सा अलग होकर शरीर में किसी और स्थान पर चले जाता है। कभी यह फेफड़े तक भी पहुंच सकता है। फेफड़े की किसी धमनी में यह पहुंच जाता है तो पल्मोनरी आर्टरी में थक्का जम जाता है। अगर यह आकार में बड़ा है तो यह आपकी किसी बड़ी धमनी को रोक भी सकता है।

शरीर पर बढ़ती स्थूलता

दिन भर कुर्सी पर बैठकर कंप्यूटर पर आंख गड़ाई महिलाओं में मोटापे और डायबिटीज का खतरा पैदा हो गया है। कुर्सी पर बैठे रहकर काम करने से शारीरिक गतिविधि काफी कम हो जाती है और ये ही बीमारियों को जन्म देती हैं। विशेषज्ञों की मानें तो कुर्सी पर बैठे रहने वाले लोगों में मोटापा 400 फीसदी की दर से बढ़ रहा है। टाइप-2 डायबिटीज की बीमारी 250 प्रतिशत की रफ्तार से बढ़ रही है, जिन लोगों के पास कार इंटरनेट और टीवी नहीं है, उनके मुकाबले इनका इस्तेमाल करने वालों की कमर नौ सेंटीमीटर मोटी पाई गई है।

articleRead

You can read up to 3 premium stories before you subscribe to Magzter GOLD

Log in, if you are already a subscriber

GoldLogo

Get unlimited access to thousands of curated premium stories, newspapers and 5,000+ magazines

READ THE ENTIRE ISSUE

June 2020