मस्तिष्क स्वयं की मौत को नहीं समझता

Srote|January 2020

मस्तिष्क स्वयं की मौत को नहीं समझता
एक स्तर पर हर कोई जानता है कि वह मरने वाला है । इस्राइल के बार इलान विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ताओं की परिकल्पना थी कि जब बात खुद की मृत्यु की आती है तब हमारे मस्तिष्क में ऐसा कुछ है जो “ पूर्ण समाप्ति, अंत, शून्यता" जैसे को समझने से इन्कार करता है ।

इस्राइल के एक शोधकर्ता याइर डोर ज़िडरमन का यह अध्ययन एक ओर मृत्यु के शाश्वत सत्य और मस्तिष्क के सीखने के तरीके के बीच तालमेल बैठाने का एक प्रयास है । उनका मानना है कि हमारा मस्तिष्क' पूर्वानुमान करने वाली ' है जो पुरानी जानकारी का उपयोग करके भविष्य में वैसी ही परिस्थिति में होने वाली घटनाओं का अनुमान लगाता है । यह जीवित रहने के लिए महत्वपूर्ण है । एक सत्य यह है कि एक न एक दिन हम सबको मरना है । तो हमारे मस्तिष्क के पास कोई तरीका होना चाहिए कि वह स्वयं हमारी मृत्यु का अनुमान लगा सके। लेकिन ऐसा होता नहीं है ।

इस विषय पर अध्ययन करने के लिए शोधकर्ताओं ने 24 लोगों को चुना और यह समझने की कोशिश की कि स्वयं उनकी मृत्यु के मामले में उनके मस्तिष्क का पूर्वानुमान तंत्र कैसे काम करता है ।

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