'ओजस्वी अध्यात्म'

vishvaguru ojaswi|May 2020

'ओजस्वी अध्यात्म'
क्या धर्म और अध्यात्म मुलत: भिन्न हैं?

क्या धर्म और अध्यात्म मुलत: भिन्न हैं?

हम जितना अधिक धार्मिक होते जा रहे हैं, उतना ही अधिक अनैतिक होते जा रहे हैं, यह गंभीर चिंतन का विषय है। अत्यधिक धर्म का पालन करनेवाला मनुष्य अपने स्वयं के जीवन में, अपने जीवन के व्यवहार में अथवा दूसरों के साथ होनेवाले व्यवहार में किस प्रकार अनैतिक बन सकता है, यह बात समझ में नहीं आती। अब तक हमने जो पढ़ा है, अनुभव किया है, देखा है, जाना है, संतो-महंतो के पास बैठकर सुना है, उस पर से हमें यह भेद समझना है कि धर्म और अध्यात्म के बीच भेद क्या है ?

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May 2020