पूर्णता किससे - कर्मकांड, योग या तत्त्वज्ञान से ?

Rishi Prasad Hindi|June 2020

पूर्णता किससे - कर्मकांड, योग या तत्त्वज्ञान से ?
अविद्या के बादल हटते ही ब्रह्मविद्या के बल से मति ब्रह्म-परमात्मा का प्रसाद पा लेगी।
पूज्य बापूजी

भगवान वेदव्यासजी के शिष्य थे जैमिनी। जैमिनी ने अपने शिष्य को कर्मकांड, यज्ञ-याग सिखाया और कहाः "वत्स! अब तू स्वर्ग का अधिकारी हो गया।'

यज्ञ, जप-तप करने से बुद्धि पवित्र होती है।

यज्ञो दानं तपश्चैव पावनानि मनीषिणाम् ।।

'यज्ञ, दान और तप - ये बुद्धिमान पुरुषों को पवित्र करनेवाले हैं।

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