गुरुकृपा का ऐसा बल कि उन्मत्त हाथी हुआ निर्बल

Rishi Prasad Hindi|June 2020

गुरुकृपा का ऐसा बल कि उन्मत्त हाथी हुआ निर्बल
चलती-फिरती सद्गुरुमूर्ति में श्रद्धा अटूट हो तब शिष्य का दिव्य ज्ञान प्रकट होता है।

महाराष्ट्र के चाफल गाँव में समर्थ रामदासजी द्वारा स्थापित श्रीराम मंदिर से परम्परानुसार भगवान श्रीरामजी के श्रीविग्रह की अत्यंत विशाल शोभायात्रा निकली थी। इस भरी-पूरी यात्रा में एक हाथी उन्मत्त हो गया। महावत ने अंकुश से उसे वश करना चाहा परंतु सफल न हुआ। लोग डरकर भागने लगे, हाहाकार मच गया। समर्थ रामदासजी ने अपने शिष्य कल्याण को कहा: "जाओ, हाथी को नियंत्रित करो।"

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