सेवाधारियों के नाम पूज्य बापूजी का संदेश

Rishi Prasad Hindi|January 2020

सेवाधारियों के नाम पूज्य बापूजी का संदेश
दूसरे का मन भगवान में लगे ऐसा काम करना यह दूसरे की भलाई है ।

कन्यादान के बाद जमाई शराबी हो सकता है, भ्रष्टाचारी हो सकता है लेकिन सत्संग-दान इतना पवित्र बना देता है कि शराब भी छुड़ा देता है, भ्रष्टाचार भी छुड़ा देता है और ८४ लाख योनियों से भी मुक्त कर देता है, जीवन धन्य कर देता है!

तो 'ऋषि प्रसाद' का सम्मेलन करनेवालों को मेरी तरफ से धन्यवाद देता हूँ और भगवान शिवजी की तरफ से भी धन्यवाद देता हूँ : धन्या माता पिता धन्यो...

क्यों ? कि ८४ लाख के चक्कर से छूट गये न, गुरु के दैवी कार्य में और गुरुभक्ति में तथा भगवान के नाम में आये तो। बाकी तो अन्य जीवों के तो ८४ लाख योनियों में भटकने से करोड़ों जन्म बरबाद हो जाते हैं।

अगर ईश्वरप्राप्ति नहीं भी की 'ऋषि प्रसाद' वालों ने या भगवत्प्राप्ति के मार्ग पर चलनेवालों ने तो ऐसों के लिए श्रीकृष्ण ने कहा :

न हि कल्याणकृत्कश्चिदुर्गतिं तात गच्छति ॥

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