भगवान बड़े कि भगवान का नाम बड़ा ?

Rishi Prasad Hindi|March 2020

भगवान बड़े कि भगवान का नाम बड़ा ?
ऐसा कोई सामर्थ्य नहीं जिसका भगवद्-विश्रांति से संबंध न हो।
पूज्य बापूजी

जब हनुमानजी को मृत्युदंड देने उद्यत हुए श्रीरामजी !

अयोध्या में रामराज्य होने के बाद एक बार सभा में शास्त्रार्थ हो गया कि 'भगवान बड़े हैं कि भगवान का नाम बड़ा है ? श्रीराम बड़े हैं कि उनका नाम बड़ा?'

कई साधु-संतों, ऋषि-मुनियों और मंत्रियों ने कहा : ''भगवान श्रीरामचन्द्रजी प्रत्यक्ष हैं। आँखों से उनके दर्शन कर रहे हैं, कानों से उनकी वाणी सुन रहे हैं, भगवान बड़े हैं।"

दूसरे ऋषियों ने कहा : "नहीं, ये तो इन्द्रियों से दिखते हैं परंतु भगवान का नाम तो इन्द्रियों से सुनाई पड़ता है और मन-बुद्धि को पावन भी करता है और चित्त को चेतना भी देता है तो भगवान का नाम बड़ा है।''

"लेकिन भगवान हैं तो भगवान का नाम है न!"

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