कैसा रहेगा राहु का गोचर भारत के लिए?
Jyotish Sagar|September 2020
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कैसा रहेगा राहु का गोचर भारत के लिए?
भारत की दृष्टि से राहु का गोचर परिवर्तन अधिक प्रभावशाली इसलिए माना जाता है, क्योंकि स्वतन्त्रताकालिक कुण्डली में अनन्तसंज्ञक कालसर्पयोग का निर्माण हो रहा है। इसके अतिरिक्त वर्तमान परिस्थितियों में राहु की महती भूमिका होने के कारण भी इस गोचर परिवर्तन के प्रति ज्योतिर्विद्वान् अपेक्षाकृत अधिक गम्भीर हैं।

एक ओर जहाँ महामारी थमने का नाम नहीं ले रही, वहीं दूसरी ओर दशाएँ विपरीत होने के कारण परिस्थितियों के नियन्त्रण में बाधा उत्पन्न हो रही है। उचित अवसर पर क्रियाशीलता का अभाव, गलत निर्णय, प्रयासों के अपेक्षित परिणाम प्राप्त न होना इत्यादि भी दशाजनित फल ही माने जा सकते हैं। वृषभ राशि में प्रवेश इस माह हो रहा है, यह भारत के लिए विभिन्न क्षेत्रों में किस प्रकार के फल प्रदान करेगा? इसका पूर्वाकलन प्रस्तुत आलेख में किया जा रहा है।

राहु का वृषभ राशि में गोचर भारत की स्वतन्त्रताकालिक चन्द्रमा से एकादश भाव में रहेगा, परन्तु यह स्वतन्त्रताकालिक राहु के ऊपर से होने के कारण शुभ नहीं कहा जा सकता, विशेषकर उस स्थिति में जब राहु लग्न में स्थित होकर अनन्तसंज्ञक कालसर्पयोग का निर्माण कर रहा है। जहाँ तक दशाओं का प्रश्न है, तो जुलाई, 2021 तक चन्द्रमा में शनि का की ही अन्तर्दशा है, जो कि नैसर्गिक रूप से शुभ नहीं मानी जाती। वर्ष कुण्डली भी बहुत अच्छी नहीं कही जा सकती। यद्यपि वर्ष लग्नेश स्वराशिस्थ है और वही वर्षेश है, परन्तु वह राहु-केतु के प्रभाव में है। मुंथा सप्तम में है और वह भी राहु से युत है तथा मुंथेश बुध अस्तंगत होकर अष्टम भाव में शत्रुराशि में शनि से द्रष्ट है। इस पृष्ठभूमि के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में राहु का यह गोचर भारत के लिए कैसा रहेगा? इसका पूर्वाकलन किया गया है।

राजनीतिक क्षेत्र

तब-तब जब-जब राहु का गोचर स्वतन्त्राकालिक राहु के ऊपर से हुआ है, भारतीय लोकतांत्रिक संस्कृति को हानि होती है। लोकतन्त्र अस्थिर हुआ है और उसमें कतिपय गलत परम्पराओं का समावेश हुआ है। राहु की इस गोचरावधि में भी इस प्रकार की आशंका प्रतीत होती है। राजनेताओं में येन-केन प्रकारेण सत्ता प्राप्ति की होड़ दृष्टिगोचर हो सकती है, जिसके फलस्वरूप लोकतान्त्रिक मूल्यों को पीछे धकेलने का प्रयास भी होगा। सरकारों को अस्थिर करने के प्रयास में नैतिक सिद्धान्तों की बली चढ़ायी जा सकती है। इस प्रकार की परिस्थितियाँ अप्रैल, 2021 तक मुख्यरूप से दिखाई दे सकती हैं।

अर्थव्यवस्था

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September 2020