भगवान विष्णु का बैकुण्ठ धाम वेंकटेश्वर बालाजी
Jyotish Sagar|September 2020
भगवान विष्णु का बैकुण्ठ धाम वेंकटेश्वर बालाजी
भारत का सबसे अधिक संपदा वाला मंदिर
ज्योति प्रकाश खरे

आंध्र प्रदेश के चित्तूर जिले में दक्षिण भारत का प्रमुख तीर्थ तिरुपति है। तिरुपति तमिल भाषा का शब्द है। तमिल में, “तिरु” का तात्पर्य श्री एवं 'पति' का अर्थ प्रभु है। अत: तिरुपति का अर्थ श्री पति यानि कि श्री विष्णु हुआ। इसी प्रकार तिरुमले का अर्थ 'श्री पर्वत' है, जिस पर लक्ष्मी के साथ स्वयं भगवान् विष्णु विराजमान हैं। तिरुपति इसी पर्वत के नीचे बसा हुआ है। भारत में भगवान् विष्णु के आठ विग्रह हैं, जो स्वयं प्रकट हुए हैं, उनमें यह तीसरा है।

दक्षिण मध्य रेलवे (ब्रॉड गेज) के तिरुपति पूर्व-रेणिगुंटा गुडूर रेल मार्ग पर गुडूर से 84 कि.मी. दूर एवं दक्षिण रेलवे के काठपाडि-रेणिगुंटा रेलमार्ग पर रेणिगुंटा से दस किलोमीटर पहले तिरुपति पूर्व स्टेशन है। स्टेशन के समीप ही तिरुपति नगर है। यहाँ से तिरुमलै पर्वत पर जाने के लिए दो मार्ग हैं एक पैदल जाने वालों के लिए तथा दूसरा मोटर बसों से जाने वालों के लिए पक्का मार्ग है। पैदल जाने में मन्दिर लगभग ग्यारह किलोमीटर पड़ता है, जिसमें आठ किलोमीटर की पर्वत पर कठिन चढ़ाई है। मोटर बसों से जाने में मंदिर लगभग बाइस किलोमीटर दूर पड़ता है।

पैदल जाने वाले श्रद्धालुओं को मार्ग में कपिल तीर्थ नामक एक सरोवर मिलता है, जिसमें पक्की सीढ़ियाँ बनी हैं। इसमें हमेशा जलधारा गिरती रहती है। आमतौर पर श्रद्धालुगण इस सरोवर में स्नान करते हैं। सरोवर के तट पर एक शिव मंदिर है। उसी के समीप गोपुरम् है। पैदल मार्ग में श्रद्धालुओं को कई मन्दिर एवं गोपुरम् मिलते हैं।

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September 2020