ग्रहों के दोष के निवारण हेतु गणेश की पूजा
Jyotish Sagar|August 2020
ग्रहों के दोष के निवारण हेतु गणेश की पूजा
भगवान् श्री गणेश के अलग-अलग नाम एवं अलग-अलग स्वरूप हैं, लेकिन वास्तु में गणेश जी का कितना महत्त्व है, यह शायद कम ही लोगों को पता होगा।
डॉ. हनुमान प्रसाद उत्तम

गणेश जी अपने आप में सम्पूर्ण वास्तु हैं। धर्मग्रन्थों में इस बात का उल्लेख मिलता है कि गणेश जी की स्थापना एवं पूजा पाठ विधि-विधान से की जाए, तो नौ ग्रहों का दोष भी आसानी से दूर हो जाता है। गणेश जी की सवारी मूषक हो या फिर उनका पहनावा या फिर बात की जाए उनके प्रिय भोग मोदक की उनके शरीर का हर हिस्सा किसी न किसी ग्रह के दोष को दूर करता है।

1. वेदों एवं पुराणों में ऐसा कहा गया है कि श्वेत गणपति की पूजा करनी चाहिए। इस बात की पुष्टि बहुत से विद्वान करते हैं। श्वेत गणपति की पूजा-आराधना करने से जीवन में भौतिक सुख एवं समृद्धि का प्रवाह होता है और यदि विधि- विधान से श्वेत गणपति की पूजा की जाए, तो इससे शुक्र ग्रह का दोष भी दूर होता है।

2. अब बात गणेश जी की सवारी मूषक की। मूषक जासूसी एवं सूचनाएँ एकत्र करने का प्रतीक है। मूषक के प्रभाव का भी हमारे जीवन में खासा महत्त्व है। ऐसा माना जाता है कि गणेश जी का मूषक भी हमारे जीवन को हितकारी एवं खुशहाल बनाने हेतु चामत्कारिक परिवर्तन ला सकता है। साथ ही राहु के दोष को दूर करता है, मूषक।

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