हास्य कोरोना मुक्ति का सशक्त माध्यम

Sanjeevni Today|03 May 2020

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हास्य कोरोना मुक्ति का सशक्त माध्यम
शरीर में पेट और छाती के बीच में एक डायफ्राम होता है, जो हँसते समय धुकधुकी का कार्य करता है। फलस्वरूप पेट, फेफड़े और यकृत की मालिश हो जाती है। हँसने से ऑक्सीजन का संचार अधिक होता है व दूषित वायु बाहर निकलती है। नियमित रूप से खुलकर हँसना शरीर के सभी अवयवों को ताकतवर और पुष्ट करता है व शरीर में रक्त संचार की गति बढ़ जाती है तथा पाचन तंत्र अधिक कुशलता से कार्य करता है, इसलिये कोरोना को परास्त करने के लिये हास्य-योग बहुत उपयोगी है। लखनऊ के रेलवे स्टेशन से आदमी बाहर निकलता है तो बड़े अक्षरों में लिखे बोर्ड पर नजर टिकती है।
ललित गर्ग

विश्व हास्य दिवस विश्व भर में मई महीने के पहले रविवार को मनाया जाता है और इस वर्ष कोरोना महामारी के बीच जन-जन में व्याप्त तनाव, परेशानी एवं मानसिक असंतुलन के बीच इस दिवस का विशेष महत्व है। हास्य सकारात्मक और शक्तिशाली भावना है जिसमें व्यक्ति को ऊर्जावान और संसार को शांतिपर्ण बनाने के सभी तत्व उपस्थित रहते हैं। विश्व हास्य दिवस का आरंभ संसार में इंसान को स्वस्थ एवं प्रसन्न रखने, शांति की स्थापना और मानवमात्र में भाईचारे और सदभाव के उद्देश्य से हुई। आज पूरे विश्व में लगभग दस हजार से भी अधिक हास्य क्लब हैं।

इस समय जब अधिकांश विश्व कोरोना कहर के डर से सहमा हुआ है तब हास्य दिवस की अत्यधिक आवश्यकता महसूस होती है। इससे पहले इस दुनिया में इतनी चिन्ता, अनिश्चितता एवं महामारी का प्रकोन कभी नहीं देखा गया। हर व्यक्ति के अंतर आत्मद्वंद्व मचा हुआ है, भय एवं आशंकाएं परिव्याप्त है। ऐसे में हंसी दुनियाभर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर सकती है। हास्य व्यक्ति के विद्युत-चुंबकीय क्षेत्र को प्रभावित करता है और व्यक्ति में आत्म विश्वास,सकारात्मक ऊर्जा एवं आनन्दित जीवन जीने की इच्छा का संचार करता है। जब व्यक्ति समूह में हंसता है तो यह सकारात्मक ऊर्जा पूरे क्षेत्र में फैल जाता है और क्षेत्र से नकारात्मक ऊर्जा को हटाता है। हास-परिहास पीड़ा का दुश्मन है, निराशा और चिंता का अचूक इलाज और दुःख मुक्ति के लिए रामबाण औषधि है। आज का जीवन मानव इतिहास का सबसे जटिल आपदा एवं महामारी के प्रकोप का समय है, आम आदमी कोरोना कहर के तनाव एवं परेशानियों से घिरा हैं, ऐसे जीवन में व्यक्ति के चेहरे से मुस्कान ही गायब हो गयी है, हास्य एवं विनोद से वंचित जीवन मानव के लिये एक जटिल पहेली बनता जा रहा है। जबकि जीवन में विनोद का सर्वाधिक महत्त्व है। हास्य ही एक ऐसा माध्यम है, जो व्यक्ति के तनावपूर्ण जीवन में कुछ क्षणों के लिए खुशी लाता है। हास्य-रस एक बुझे हुए दीपक में तेल की नवऊर्जा का संचार करता है।

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03 May 2020