49 अभियुक्तों पर 28 साल चला केस
Hindustan Times Hindi|September 30, 2020
49 अभियुक्तों पर 28 साल चला केस
अयोध्या में छह दिसंबर 1992 में विवादित ढांचा ढहाने के मामले में बुधवार को वरिष्ठ भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी समेत 32 अभियुक्तों पर सीबीआई की विशेष अदालत फैसला सुनाएगी। इस मामले में कुल 49 अभियुक्तों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल की थी जिनमें से अशोक सिंघल समेत 17 लोगों की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो चुकी है।

अयोध्या में विवादित ढांचे के विध्वंस के बाद 28 साल तक 49 लोगों पर मुकदमे की कार्रवाई के बाद बुधवार को फैसला आएगा। विवादित स्थल पर बनाए गये अस्थायी राम मंदिर के मुकदमे के आधार पर पुलिस ने 8 दिसम्बर 1992 को आडवाणी व अन्य नेताओं को गिरफ्तार किया था। शांति व्यवस्था की दृष्टि से उन्हें ललितपुर में माताटीला बांध के गेस्टहाउस में रखा गया।

जांच यूपी सीआईडी की क्राइम ब्रान्च ने की। सीआईडी ने फरवरी 1993 में आठों अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी। मुकदमे के ट्रायल के लिए ललितपुर में विशेष अदालत स्थापित की गई। बाद में आवागमन की सुविधा के लिए अदालत रायबरेली ट्रांसफर कर दी गई।

पत्रकारों पर हमले के मामलेः इन मामलों के अलावा पत्रकारों और फोटोग्राफरों ने मारपीट, कैमरा तोड़ने और छीनने आदि के 47 मुकदमे अलग से कायम कराए। ये मामले लखनऊ सीबीआई कोर्ट से जुड़े रहे।

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