बिहारः बड़े उद्योग नहीं पर आर्थिक वृद्धि में तेजी कैसे
Business Standard - Hindi|October 22, 2020
बिहारः बड़े उद्योग नहीं पर आर्थिक वृद्धि में तेजी कैसे
वर्ष 2018-19 में राष्ट्रीय स्तर की जीडीपी वृद्धि कम होकर 6.1 फीसदी और इसके अगले साल घटकर 4.2 फीसदी रह गई लेकिन बिहार की जीएसडीपी वृद्धि इन सालों के दौरान क्रमशः 9.3 फीसदी और 10.5 फीसदी तक रही
इंदिवजल धस्माना

बिहार में नवंबर 2015 में कार्यभार संभालने वाली मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार ने जुलाई 2017 में ही राष्ट्रीय जनता दल (राजद) से अपना गठबंधन तोड़ दिया और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से हाथ मिला कर फिर से राज्य में सत्ता की कमान संभाल ली। अब नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) राज्य विधानसभा चुनाव में राजद के नेतृत्व वाले महागठबंधन के खिलाफ खड़ी है। साल 2015-16 और 2016-17 में जब नीतीश कुमार सरकार अपने पहले सहयोगी दल के साथ सत्ता में थी तब राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में क्रमश: 6.08 प्रतिशत और 8.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। 2015-16 में बिहार की जीएसडीपी वृद्धि 8 फीसदी की राष्ट्रीय सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि से कम थी जबकि 2016-17 की जीएसडीपी वृद्धि राष्ट्रीय स्तर के 8.3 फीसदी की वृद्धि से अधिक थी। हालांकि 2016-17 में यह गठबंधन सिर्फ पांच महीने के लिए ही सत्ता में रहा था।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के साथ नीतीश पहले साल वृद्धि के लिहाज से बेहतर प्रदर्शन नहीं कर सके। हालांकि 2018-19 और 2019-20 में बेहतर परिणाम सामने आए। पहले साल जीएसडीपी में सिर्फ 6.45 फीसदी की वृद्धि रही जबकि राष्ट्रीय जीडीपी वृद्धि सात फीसदी रही । इसके बाद 2018-19 में राष्ट्रीय जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 6.1 प्रतिशत हो गई और फिर इसके अगले साल 4.2 प्रतिशत हो गई जबकि बिहार की जीएसडीपी वृद्धि क्रमश: 9.3 प्रतिशत और 10.5 प्रतिशत हो गई।

बिहार के उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री सुशील मोदी ने बिज़नेस स्टैंडर्ड को बताया कि राज्य में कोई बड़ा औद्योगीकरण नहीं होने के बावजूद जीडीपी वृद्धि में तेजी आई। मोदी ने बताया, 'कोई बड़ा उद्योग राज्य में कभी नहीं आएगा क्योंकि हमारे पास देने के लिए जमीन नहीं है। इसकी वजह यह है कि राज्य का भूगोल कुछ इस तरह का है कि यह हर तरफ से जमीन से ही घिरा हुआ है और यहां की जमीन उपजाऊ होने के साथ ही इसके छोटे-छोटे टुकड़े और बंटे हुए जोत हैं। यहां जमीन का औसत पट्टा एक हेक्टेयर से भी कम है।'

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October 22, 2020