आरएटी जांच: दिल्ली में कोरोना संकट के सच पर पर्दा?

Business Standard - Hindi|July 3, 2020

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आरएटी जांच: दिल्ली में कोरोना संकट के सच पर पर्दा?
रैपिड ऐंटीजन टेस्ट अपनाने का फैसला किए जाने के बाद दिल्ली में पॉजिटिव मामलों में कमी आई है, कुल पॉजिटिव में से आधों की पहचान नहीं होने की मिली थी चेतावनी
साई मनीष

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह की दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ 14 जून को हुई मुलाकात के बाद से ही दिल्ली में कोविड-19 की जांच रणनीति और संक्रमण के आंकड़ों के साथ कुछ असामान्य सा होता प्रतीत हो रहा है। राष्ट्रीय राजधानी में जांच की तादाद में उस दिन 27 प्रतिशत की तेजी आई और पहली बार एक दिन में 7,000 से अधिक जांच हुई। इसके अगले दिन 1.9 करोड़ की आबादी वाले इस शहर में जांच की तादाद और बढ़ी और 13,000 से अधिक जांच की सूचना मिली।

दिल्ली सरकार ने ही देश में पहली बार तथाकथित रोकथाम वाले क्षेत्रों (कंटेनमेंट जोन) में कोरोनावायरस के लिए रैपिड ऐंटीजन टेस्ट (आरएटी) के इस्तेमाल की अनुमति दी। नमूना संग्रह के लिए इस्तेमाल की जाने वाली किट, शहर के बाहर हरियाणा में दक्षिण कोरिया की एक कंपनी तैयार कर रही थी। इस हरेक किट में एक कोविड-19 ऐंटीजन जांच उपकरण, एक वायरल लाइसिस बफर के साथ एक वायरल एक्सट्रैक्शन ट्यूब और स्टराइल स्वैब होता है। दिल्ली सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब शहर में कराए जा रहे सभी परीक्षणों में से 40 प्रतिशत आरएटी हैं।

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July 3, 2020