कोविड ने लगा दिया कचरे का अंबार

Business Standard - Hindi|July 2, 2020

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कोविड ने लगा दिया कचरे का अंबार
कोविड-19 संक्रमण के बाद अस्पतालों में बायो-मेडिकल वेस्ट (अस्पतालों में उपचार के बाद बचा कचरा) पांच गुना से भी ज्यादा बढ़ गया है।
रुचिका चित्रवंशी और सोहिनी दास

दरअसल कोविड-19 के मरीजों के इलाज के बाद बचे सुरक्षा उपकरण, मास्क, दस्ताने, सुई आदि से पर्यावरण संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं। इतना ही नहीं, इससे अस्पतालों का वित्तीय बोझ भी बढ़ गया है। फिलहाल इस बात का कोई अंदाजा नहीं है कि कोविड-19 के कारण देश में कितनी मात्रा में कचरा जमा हो रहा है, लेकिन कई राज्यों ने इनका अंबार कम करने के लिए बाहरी एजेंसियों की सेवाएं लेनी शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही ऐसा कचरा निपटाने के लिए औद्योगिक कचरा निपटान प्रणाली का भी सहारा लिया जा रहा है।

इस बारे में फिक्की स्वास्थ्य सेवा समिति एवं मेडिका ग्रुप के चेयरमैन आलोक रॉय ने कहा, 'हम अपने समूह के अस्पतालों में रोजाना 1,500 पीपीई किट का निपटारा कर रहे हैं। सामान्य दिनों के मुकाबले इस समय पांच गुना अधिक कचरा जमा हो रहा है। अब हमें इन उपकरणों जैसे पीपीई किट आदि को संक्रमण मुक्त कर दोबारा इस्तेमाल के बारे में सोचना होगा वरना समस्या बहुत बढ़ जाएगी।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने सभी अस्पतालों में बायो-मेडिकल कूड़े का हिसाब रखने के लिए एक मोबाइल ऐप शुरू किया है। सीपीसीबी ने अस्पतालों, देखभाल एवं पृथक्करण केंद्रों (आइसोलेशन सेंटर) के लिए कूड़ा प्रबंधन के दिशानिर्देश जारी किए हैं। इस बारे में सीपीसीबी के सदस्य सचिव प्रशांत गार्गव ने कहा, 'यह निश्चित तौर पर चिंता का विषय है। बायो-मेडिकल कचरे के प्रबंधन के लिए सबसे पहले सीपीसीबी ने दिशानिर्देश जारी किए थे। हमने स्थिति के अनुसार दिशानिर्देशों में संशोधन भी किए हैं। अब पूरा ध्यान क्रियान्वयन पर टिक गया है।'

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July 2, 2020