सरकारी संस्थान उठाएंगे डिस्कॉम का बोझ!

Business Standard - Hindi|June 2, 2020

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सरकारी संस्थान उठाएंगे डिस्कॉम का बोझ!
आत्मनिर्भर भारत पैकेज के तहत बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) को 90,000 करोड़ रुपये कर्ज देने के लिए केंद्र सरकार घरेलू बॉन्ड बाजार में संभावनाएं तलाश रही है।
शुभायन चक्रवर्ती

भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी), कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) और कुछ सरकारी बैंकों को इन बॉन्डों को सबस्क्राइब करने को कहा जा सकता है, जिससे वितरण कंपनियों को कर्ज दिया जा सके।

बिजली क्षेत्र को कर्ज देने वाली पॉवर फाइनैंस कॉर्पोरेशन (पीएफसी) और ग्रामीण विद्युतीकरण निगम (आरईसी) नई योजना के लिए नोडल एजेंसी हैं। ये वितरण कंपनियों को बिजली उत्पादन कंपनियों (जेनको) का बकाया चुकाने के लिए कर्ज देंगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने अर्थव्यवस्था को गति देने के अपने अपने 15 सूत्री एजेंडे की घोषणा पिछले महीने की थी। इसके तहत बिजली वितरण क्षेत्र में विशेष नकदी डालने की योजना पेश की गई थी। कर्ज का आकार 90,000 करोड़ रहने की उम्मीद की जा रही है। वितरण कंपनियों को विशेष कर्ज देने का पैकेज साफ तौर पर बिजली उत्पादन कंपनियों का बकाया चुकाने के लिए दिया जाएगा, जो मार्च 2020 में 92,000 करोड़ रुपये हो गया है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि पीएफसी और आरईसी पहले राज्यों की ओर से आने वाली शुरुआती मांग के आधार पर बॉन्ड जारी करेंगी। पीएफसी और आरईसी के अधिकारियों को उम्मीद है कि शुरुआती राशि करीब 20,000 करोड़ रुपये होगी।

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June 2, 2020