कोरोना से चीन को समाजिक और आर्थिक झटका दुनिया को संदेश भी ...

Uday India Hindi|February 16, 2020

We're offering this story for free to read so that you can stay updated on the COVID-19 outbreak
कोरोना से चीन को समाजिक और आर्थिक झटका दुनिया को संदेश भी ...
जिस तरह जर्मनी में 1892 में फैली हैजे की बीमारी को पहले दबाया गया, कुछ इसी तरह चीन ने भी कोरोना संक्रमण को मानने से इनकार कर दिया। कोई भी महामारी काफी महंगी पड़ती है क्योंकि इससे व्यापार रुक जाता है, और अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचता है। माना जा रहा है कि कोरोना वायरस की चेतावनी देने वाले आंखों के डॉक्टर ली वेनलियांग की चेतावनी को चीन सरकार ने अनसुना कर दिया था। यहां तक कहा जा रहा है कि उन्हें प्रताड़ित भी किया गया। यह बात और है कि बाद में चीन को स्वीकार करना पड़ा कि वहां कोरोना वायरस का हमला हो गया है।
उमेश चतुर्वेदी

दुनिया में ज्ञान, विज्ञान और तकनीक का जो भी विकास हुआ है, उनकी जितनी भी विधाएं हैं, उनका मूल मकसद है मानवता का हित-इनके जरिए मनुष्य प्रकृति पर विजय पाने की कोशिश लगातार करता है। लेकिन प्रकृति तो ठहरी प्रकृति, वह सारे ज्ञान-विज्ञान और तकनीकी विकास को मौका पाते ही किनारा कर देती है और उसके सामने कुछ वक्त तक मनुष्य और उसके सारे सरंजाम धरे के धरे रह जाते हैं। चीन के हुबेई प्रांत में फैला कोरोना वायरस और उसकी चपेट में आई दुनिया की दूसरी बड़ी महाशक्ति की कहानी मानवता और प्रकृति की आंख-मिचौली की नई कहानी है। इन पंक्तियों के लिखे जाने तक इस महामारी से चीन में 2100 से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके हैं, जबकि 74 हजार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। इस बीमारी का हाल यह है कि हबेई प्रांत में एक तरह से आपातकाल लगा दिया गया है। लोग तीन दिनों में एक बार घरों से बाहर जरूरी सामान खरीदने के लिए निकल रहे हैं।

बेशक अफ्रीका में पाए गए इबोला वायरस के संक्रमण से होने वाली दुर्भाग्यजनक मौतें कोरोना से नहीं हुईं। लेकिन यह सच है कि चीन के वुहान शहर में पहली बार दिसंबर में सामने आए इस वायरस ने चीन को महामारी के किनारे धकेल दिया है। बताया जा रहा है कि यह बीमारी मांसाहारी खाद्यपदार्थों के जरिए फैली। यूं तो पूरा चीन ही मांसाहारी है। वहां हर तरह का मांसाहार प्रचलन में है। लेकिन उसका हुबेई प्रांत इनमें भी अलहदा है। वहां हर तरह का मांसाहार प्रचलन में है। लेकिन जब से कोरोना वायरस फैला है और चीन में इससे मौतें बढ़ी हैं, लोगों ने प्रकृति के निकट जाने, प्राकृतिक और शाकाहारी आहार लेने पर जोर देना शुरू कर दिया है। हालांकि कोरोना पर काबू पाने की कोशिशें जारी हैं, लेकिन यह भी सच है कि फरवरी के दूसरे हफ्ते में भी भारी संख्या में कोरोना से संक्रमित लोग अस्पतालों में लाए जा रहे थे।

articleRead

You can read up to 3 premium stories before you subscribe to Magzter GOLD

Log in, if you are already a subscriber

GoldLogo

Get unlimited access to thousands of curated premium stories and 5,000+ magazines

READ THE ENTIRE ISSUE

February 16, 2020