आखिर किया सीएए का समर्थन

Uday India Hindi|February 16, 2020

आखिर किया सीएए का समर्थन
सीएए पर राह भटकी कांग्रेस पार्टी आखिर सही रास्ते पर आ गयी। गांधी, नेहरू, मनमोहन सिंह द्वारा विगत में पाकिस्तान, अफगानिस्तान में रह रहे अल्पसंख्यकों (हिन्दु, सिक्ख, पारसी, ईसाई, बौद्ध, जैन) को प्रताड़ित किये जाने पर भारत में बसाये जाने की बात जब खुल कर सामनें आ गयी तो कांग्रेस बैकफुट पर आ गयी और नागरिकता कानून संशोधन का समर्थन करने लगी। राज्यसभा में पार्टी के नेता गुलाम नवी आजाद ने कहा कि:-
डॉ. विजय खैरा

'वह कांग्रेस और पूरे विपक्ष की तरफ से कह रहे है कि इन देशों से आने वाले हिन्दुओं का स्वागत है हमारा विरोध सिर्फ यह है कि इसमें श्रीलंका, नेपाल जैसे देशों को क्यों नहीं जोड़ा गया'

यहां कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी की पुत्री स्टार प्रचारक प्रियंका वाड्रा द्वारा नागरिकता कानून पर कहे गये अल्फाजों को उद्धत करना आवश्यक है। प्रियंका जब वाराणसी में इस कानून का विरोध कर रहे लोगों के पास गयीं थी उन्होंने कहा था

कि 'यह कानून संविधान और देश को तोड़ने वाला है मुझे इसके विरोध में संघर्ष कर रहे लोगों पर गर्व है' कांग्रेस की वही शक्तिशाली नेता जिन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाये जाने के लिये पार्टी कार्यकर्ताओं और कुछ व्रास नेताओं ने आवाज बुलंद कर रखी है कि यह टिप्पणी अनदेखी नहीं की जा सकती। उन पर पार्टी की बागडोर संभालने के लिये पार्टी के काडर की आंखे टिकी हुई हैं। केरल में राहुल गांधी ने भी कुछ दिन पहले कहा था कि नरेन्द्र मोदी कौन होते हैं भारत वासियों को पूंछने वाले कि वे अपने को भारतीय होना प्रमाणित करें। सवाल ये है कि नागरिकता कानून के बारे में लोगों को गुमराह करने के लिये इससे बड़ी बात और क्या हो सकती है। सभी जानते है कि इस कानून में किसी भी भारतीय को नागरिकता प्रमाणित करने की आवश्यकता कतई नहीं है। केवल विदेश से आये, आ बसे या आने वालों को ही अपने आने का समय और रहने का प्रमाण नागरिकता प्राप्त करने के लिये देना है यानि इस कानून में केवल और केवल नागरिकता देने का प्रावधान है। लेने का तो है ही नहीं। राहुल गांधी या तो वाकई नासमझ हैं या जानबूझ कर लोगों को गमराह कर रहे हैं।

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February 16, 2020