सीनियर सिटिजन घटती आमदनी, बढ़ता खर्च
Sarita|September First 2020
सीनियर सिटिजन घटती आमदनी, बढ़ता खर्च
जिंदगीभर मेहनत कर बुढ़ापे के सहारे के लिए एकएक पाई बैंक में जमा की. सोचा था इस पर मिलने वाले ब्याज से सहायता मिलेगी, पर गलत आर्थिक नीतियों के शिकार बैंकों द्वारा की गई ब्याजदरों में कटौती से ब्याज आधा रह गया, जबकि महंगाई चारगुना बढ़ गई.
शैलेंद्र सिंह

अमर बहादुर सिंह सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुए थे. 30 साल लखनऊ शहर में रह कर नौकरी की थी. गांव से संबंध खत्म से हो गए थे. जब कभी सगेसंबंधियों में कोई शादीविवाह या फंक्शन होता तभी गांव जाना होता. रिटायर होने के बाद तो वहां भी आनाजाना कम ही हो गया था. बेटा और बेटी दूसरे शहर में जौब करते थे. उन का लखनऊ आना कम होता था.

नौकरी के दौरान ही शहर में घर बनवा लिया था. जब रिटायर हुए तो घर के खाली पड़े हिस्से को रिटायरमैंट के मिले पैसे से बनवा दिया, जिस से किराएदार को रखा जा सके. कुछ पैसा बैंक में रख दिया जिस के ब्याज से अपना खर्च चला सकें. अमर बहादुर ने बताया, “पैंशन, किराए के पैसे और बैंकब्याज से पैसा नौकरी के वेतन के बराबर तो नहीं मिलता पर खर्च चल रहा था.

उम्र के साथसाथ पतिपत्नी दोनों को नौकर रखना पड़ा. उस का खर्च भी उठाना पड़ रहा था. दवा, अस्पताल और बीमारी का खर्च भी बढ़ गया था. अमर बहादुर सिंह बताते हैं, "इधर कई वर्षों से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती की जा रही है. इस में वरिष्ठ नागरिकों को जबरदस्त आर्थिक चोट पहुंची है. ब्याज से जो काम चल रहे थे उन में फर्क आ गया है. हमें लगता है, बचत कर के ब्याज के लिए रखे गए पैसे का कोई लाभ नहीं रह गया है."

अमर बहादुर जैसे लोगों की संख्या कम नहीं है, रिटायरमैंट के बाद बैंक में जमा पैसे से मिलने वाले ब्याज का बहुत सहारा होता है. बैकों की घटती ब्याज दरों ने वरिष्ठ नागरिकों को गहरे संकट में डाल दिया है.

ब्याज दरों में कटौती

नौकरीपेशा लोग अपने वेतन से छोटीछोटी बचत कर के बैंक में पैसा बचत खाते या रिकरिंग डिपौजिट के जरिए जमा करते थे, जिस से रिटायरमैंट के बाद उस पर अधिक ब्याज मिल सके ताकि वे अपना खर्च चला सकें. 5 वर्षों में फिक्स डिपौजिट पर ब्याज की दरें आधी से भी कम हो गई हैं. 5 वर्ष पहले फिक्स डिपौजिट पर 12 प्रतिशत तक ब्याज मिलता था, अब घट कर यह 5.5 फीसदी रह गया है. इस को दूसरी तरह से देखें तो वरिष्ठ नागरिकों को फिक्स डिपोजिट से मिलने वाला ब्याज घट कर आधा हो गया है. देश के सब से बड़े बैंक नैटवर्क स्टेट बैंक औफ इंडिया ने फिक्स्ड डिपोजिट यानी एफडी पर 0.40 फीसदी ब्याज दर घटा दी है.

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