ठगी के नएनए तरीकों से रहें सावधान
Sarita|July First 2020
ठगी के नएनए तरीकों से रहें सावधान
ठगी करने वाले ठगी के नएनए तरीके खोजते रहते हैं. शौर्टकट तरीके से पैसों को दोगुनातीनगुना करना ढगों का मुख्य टारगेट है. उन के झांसे में अनपढ़ ही नहीं, पढ़ेलिखे भी फंस जाते हैं.
वेणी शंकर पटेल 'ब्रज'

शारीरिक और मानसिक मेहनत किए बिना पैसा कमाना आसान नहीं होता. मगर लोगों को यह बात समझ नहीं आती. इसी वजह से वे ठगों या जालसाजी के चक्कर में पड़ जाते हैं. लोगों को लालच कर ठगी करने वाले उन्हें अपना शिकार बना लेते हैं. जब तक असलियत पता चलती है, तब तक उन का सबकुछ लुट चुका होता है.

मध्य प्रदेश के गोटेगांव में कुछ लोगों की नासमझी की वजह से ठगी का दिलचस्प मामला सामने आया है, लौकडाउन में घरों के अंदर कैद रहे ठगी ने अनलौक 1.0 में नोटों को 10 गुना करने का लालच दे कर यहां के कुछ युवों को खासी चपत लगा दी.

गोटे गांव पुलिस के मुताबिक, जबलपुर शहर के 5 ठगों ने शिक्षक कालोनी में रहने वाले देवेश दुबे को 5 हजार रुपयों को 50 हजार रुपयों में बदलने का प्लान समझाया.

ठगों ने देवेश को समझाते हुए कहा, पहले हमारे द्वारा बनाए गए नोटों को बाजार में चला कर देख लेना. यदि नोट बाजार में चल जाएं, तो हम नोट बनाने वाले कागज और कैमिकल देंगे, जिन से घर बैठे आप नोट बना सकेंगे.

देवेश को ठी ने पहले 200 रुपए का एक असली नोट दिया, जो बाजार में चल गया. इस के बाद देवेश उन जालसाजी के चंगुल में फंस गया. जालसाजी ने देवेश से 5 हजार रुपए ले कर नोट बनाने के लिए काले कागज की एक गड्डी और कैमिकल दे दिया.

उन पांचों युवकों के चले जाने के बाद देवेश ने उन के बताए अनुसार काले कागज व कैमिकल के इस्तेमाल से नोट बनाने की खूब कोशिश की, लेकिन नीट नहीं बने. तब उसे ठगे जाने का एहसास हुआ और उस ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई.

पुलिस ने जब इन ठर्गी को जबलपुर से गिरफ्तार कर पूछताछ की तो पता चला कि इन ठगी ने और भी कई लोगों की लालच देकर अपने झांसे में फंसाया और ठगी की थी.

डिजिटल युग में ठगों द्वारा ठगी के नएनए तरीके ईजाद किए जा रहे हैं. कभी मोबाइल पर ईनामी कूपन और सर्टिफिकेट भेज कर, कभी एटीएम बंद होने की सूचना दे कर एटीएम का नंबर और ओटीपी मांग कर, कभी फेसबुक पर फर्जी मैसेज के माध्यम से रुपयों की मदद मांग कर, तो कभी औनलाइन शौपिंग का डाटा चुरा कर पढ़ेलिखे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है .

अगर आप के पास रुपयों की डिमांड को ले कर अचानक ही किसी परिचित का फोन आए, और उस की ईमेल आईडी हो तो उसे पेमेंट करने से पहले उस से एक बार अपनी तरफ से कन्फर्म कर लें, जल्दबाजी में रुपए भेज कर आप ठगी का शिकार हो सकते हैं, बेहतर होगा कि आप ऐसा करने से पहले मेल या फोन कर अपने परिचित से दोबारा इस की पुष्टि कर लें, वरना आप भी स्पूफ यानी किसी धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं.

स्पूफ मेल और कौल से साइबर अपराधी कर रहे ठगी

साइबर अपराधियों ने अब कौल और अन्य तरीकों को छोड़ कर ठगी का नया तरीका खोज निकाला है, जिसे जानकारी ने स्पूफ का नाम दिया है.

दरअसल, कुछ पढ़ेलिखे ठग इंटरनेट पर सौफ्टवेयर की मदद से स्सूफ मेल तैयार करते हैं. इस मेल में वे डिस्प्ले पर मेल भेजने वाले जानकार की ईमेल आईडी का इस्तेमाल करते हैं, इसे आप मुखौय भी कह सकते हैं. इस के पीछे लग अपना काम करता है, ऐसे में ठग मेल कर बड़ीबड़ी कंपनियों को अपना टारगेट बनाता है. इस के बाद उन्हीं के किसी परिचित क्लाइंट के नाम से रुपों की डिमांड को ले कर मेल भेजा जाता है.

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