त्योहारों में संभलकर
Outlook Hindi|November 02, 2020
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त्योहारों में संभलकर
देश में कोरोना की रफ्तार थमी लेकिन सर्दियों में लापरवाही पड़ सकती है भारी, नई लहर का खतरा
प्रशांत श्रीवास्तव

देश में 4 अक्टूबर से लगातार कोविड के नए मामलों की तुलना में ज्यादा मरीज ठीक हो रहे हैं। इस वजह से एक्टिव मामलों की संख्या 17 सितंबर के उच्चतम स्तर 10.17 लाख से घटकर 8.39 लाख (12 अक्टूबर) पर आ गई है। यही नहीं, कोविड-19 से प्रतिदिन मरने वालों की संख्या भी 2 अक्टूबर से लगातार 1000 से नीचे बनी हुई है। रिकवरी रेट भी 87 फीसदी हो गया है। सभी आंकड़े सुकून देने वाले हैं। साफ है कि भारत में कोरोना का ग्राफ गिर रहा है, लेकिन क्या यह गिरावट बनी रहेगी, ऐसा राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) की चेतावनी से नहीं लगता। उसका कहना है कि सर्दियों के मौसम और त्योहारी सीजन को देखते हुए अकेले दिल्ली में हर दिन 15 हजार नए मामले आ सकते हैं। हमें यह भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए कि भारत संक्रमण के मामले में न केवल दूसरे नंबर पर पहुंच गया है, बल्कि वह पहले नंबर पर मौजूद अमेरिका से बहुत पीछे नहीं है। 12 अक्टूबर तक भारत में 71.77 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके थे, जबकि अमेरिका में 80.37 लाख मामले थे।

एनसीडीसी की बात को इसलिए बल मिलता है क्योंकि दक्षिण भारत के चार राज्य ओणम और गणेश चतुर्थी से शुरू हुए त्योहारी सीजन के बाद कोविड-19 के संक्रमण की नई लहर का सामना कर रहे हैं। भारतीय स्टेट बैंक की रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार 22 अगस्त से शुरू हुए गणेश चतुर्थी के बाद महाराष्ट्र में 46 फीसदी, तेलंगाना में 50 फीसदी, आंध्र प्रदेश में 67 फीसदी और केरल में 65 फीसदी नए मामले आए हैं। नवरात्रि, दशहरा, दीपावली, छठ और क्रिसमस त्योहारों के समय बड़े पैमाने पर लोगों के यात्रा करने और बाजारों में निकलने की पूरी संभावना है। इसे देखते हुए कोविड-19 का संक्रमण फिर तेजी से बढ़ने की आशंका है।

इस डर को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने भी स्वीकार किया है। रविवार (11 अक्टूबर) को संवाद कार्यक्रम में उन्होंने कहा, 'त्योहारों के मौसम में कोरोना के संक्रमण का खतरा निश्चित रूप से अधिक है। अगर हम इस वक्त ज्यादा भीड़भाड़ करेंगे तो बड़ी मुसीबत में फंस जाएंगे। लोग मास्क पहनें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। तभी खतरे को कम किया जा सकता है।"

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November 02, 2020