दवा ही बनी मर्ज
Outlook Hindi|October 05, 2020
दवा ही बनी मर्ज
इलाज की दवाओं के नशे के लिए इस्तेमाल में हुई बढोतरी, इस ओर ध्यान देना सबसे जरूरी
अजय सुकुमारन

बेंजोडायजीपाइन को बोलने और उसे याद रखने में भले ही मुश्किल आए लेकिन वैलियम, नाइट्रोजन को याद करिए, वह कइयों को काफी जाना पहचाना लगेगा। असल में बेंजोडायजीपाइन ड्रग का इस्तेमाल अवसाद से घिरे व्यक्ति को डॉक्टर इलाज के लिए देते हैं। इस दवा का काम व्यक्ति के दिमाग (तंत्रिका तंत्र) को शिथिल करना है, जिससे उसे मानसिक आराम मिल सके। दिमाग को शिथिल करने वाली इस तरह की दवाओं का इस समय बड़े पैमाने पर नशे के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इनका सेवन करने वाले न केवल हर उम्र के लोग हैं, बल्कि पुरुष और महिलाएं दोनों ही धड़ल्ले से इसका इस्तेमाल कर रहे हैं। ड्रग्स के गैर-कानूनी रूप से इस्तेमाल पर 2019 में आए सर्वेक्षण "मैग्नीट्यूड ऑफ सबस्टेंस अब्यूज इन इंडिया" के अनुसार देश की 1.08 फीसदी (करीब 1.18 करोड़ लोग) आबादी नशीली दवाओं का सेवन कर रही है। सर्वेक्षण के अनुसार, लोग इन दवाओं को किसी डॉक्टर की सलाह या पर्चे के बिना खरीद रहे हैं।

दवाओं को नशे के रूप में लेने में नींद की गोलियां तो बस एक उदाहरण है। दर्दनाशक दवाइयां, कफ सिरप और नशे की लत छुड़ाने वाली दवाइयों का भी बड़े पैमाने पर नशे के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा एकाग्रता में कमी आने पर इलाज के लिए इस्तेमाल होनी वाली एम्फीटामाइंस जैसी दवाइयां भी धड़ल्ले से नशे के लिए लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। सबसे अधिक चिंता की बात यह है कि इन दवाओं की बिक्री पर सख्त नियमन होने के बावजूद ये धड़ल्ले से गैर-कानूनी रूप से बिक रही हैं।

बेंगलूरू स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरोसाइंस (निमहांस) के मनोविज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. प्रतिमा मूर्ति का कहना है, "नशे के लिए दवाओं का इस्तेमाल काफी तेजी से बढ़ा है। पिछले कुछ वर्षों में हमने महसूस किया है कि अब सभी वर्ग के लोग इनका इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ समय पहले तक महिलाएं दर्द की दवाइंया लेती थीं, फुटपाथ और सड़कों पर अपनी जिंदगी बिताने वाले अवैध रूप से नशे के लिए दवाओं का इस्तेमाल करते थे। लेकिन अब यह ट्रेंड बहुत तेजी से बदल रहा है। हम यह भी जानते हैं कि डॉक्टर द्वारा लिखी गई दवाओं का वृद्ध लोगों में गलत तरीके से इस्तेमाल का खतरा बढ़ा है। लेकिन यह कितने बड़े पैमाने पर ली जा रही है, इसका अंदाजा हम नहीं लगा सकते हैं।"

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October 05, 2020