प्रतिबंध पर हावी बाजार
Outlook Hindi|October 05, 2020
प्रतिबंध पर हावी बाजार
सरकार ने पबजी मोबाइल पर रोक लगाई तो कोरियाई मातृ कंपनी ने चाइनीज कंपनी को बिजनेस से किया अलग
एस.के. सिंह

सीमा पर विवाद के कारण सरकार ने 29 जून को 59 चाइनीज ऐप पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की तो देश की गेमिंग कम्युनिटी ने राहत की सांस ली थी, क्योंकि प्रतिबंधित ऐप में प्लेयर अननोन्स बैटलग्राउंड (पबजी) नहीं था। लेकिन उनकी यह खुशी बमुश्किल दो महीने टिकी और सरकार ने 2 सितंबर को पबजी मोबाइल समेत 118 चाइनीज ऐप पर प्रतिबंध लगा दिया। यह गेम खेलने वाले सबसे ज्यादा भारत में ही हैं। लेकिन बाजार की ताकत देखिए। प्रतिबंध के एक हफ्ते के भीतर, 8 सितंबर को दक्षिण कोरिया की पबजी कॉरपोरेशन ने कहा कि उसने भारत में पबजी के मोबाइल वर्जन की फ्रेंचाइजी चीन की टेनसेंट गेम्स से वापस ले ली है। इसके बाद माना जा रहा है कि कोरियाई कंपनी संभवतः किसी भारतीय डिस्ट्रीब्यूटर के जरिए इसे जल्दी ही रीलांच करेगी। अन्य लोकप्रिय चाइनीज ऐप भी भारतीय पार्टनर के जरिए रीलांचिंग कर सकते हैं। यहां एक और बात स्पष्ट करने की जरूरत है कि कंप्यूटर पर खेले जाने वाले पबजी पीसी और पबजी कंसोल के अधिकार पहले से कोरियाई कंपनी के पास हैं। उन पर प्रतिबंध नहीं लगा था।

भारत में पबजी मोबाइल की पब्लिशिंग टेनसेंट गेम्स ही कर रही थी। कोरियाई कंपनी ने कहा कि इस गेम का पेटेंट उसके पास है और प्रतिबंध हटाने के लिए वह सरकार से बात करेगी। दरअसल, भारत में पबजी की लोकप्रियता को देखते हुए कोरियाई कंपनी इस बाजार को खोना नहीं चाहती। ऐप डाटा फर्म सेंसर टावर के अनुसार भारत में इसके 17.5 करोड़ डाउनलोड हैं जो पूरी दुनिया में डाउनलोड का एक चौथाई है। जुलाई में देश में इसके चार करोड़ एक्टिव यूजर थे। भारत में गेम स्ट्रीमिंग बाजार का आधा पबजी का था। इसके बाद फ्री फायर और कॉल ऑफ ड्यूटी गेम हैं। भारत में पबजी मोबाइल के रोजाना लगभग डेढ़ करोड़ लॉगिन होते थे। पबजी मोबाइल के रेवेन्यू में भारत का हिस्सा 80 लाख से एक करोड़ डॉलर प्रतिमाह था। प्रतिबंध के बाद एक दिन में ही टेनसेंट की मार्केट वैल्यू 34 अरब डॉलर घट गई थी।

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October 05, 2020