फर्जी एवरेस्ट फतह
Outlook Hindi|October 05, 2020
फर्जी एवरेस्ट फतह
नाम और पैसा कमाने के लोभ में एवरेस्ट पर चढ़ाई का झूठा दावा करने वालों की तादाद बढ़ी
स्निग्धेदु भट्टाचार्य

कपट इतनी ऊंचाई तक शायद ही पहले कभी पहुंचा हो। हरियाणा के 26 वर्षीय नरेंद्र सिंह यादव को 29 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद तेनजिंग नोर्गे अवार्ड से सम्मानित करने वाले थे। यह एडवेंचर स्पोर्ट्स में भारत का सबसे बड़ा सम्मान है। लेकिन सरकार ने उन्हें सम्मानित करने का फैसला रोक लिया है। इसके बाद यादव का अता-पता नहीं हैं। कई पर्वतारोहियों ने सोशल मीडिया पर कहा कि यादव ने 2016 में कभी एवरेस्ट पर चढ़ाई नहीं की और दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर उनकी फोटो नकली है। इसी के बाद सरकार ने उन्हें सम्मानित करने का निर्णय टाला। विवाद सामने आने के बाद यादव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी गायब हो गए हैं। आउटलुक ने फोन मैसेज, व्हाट्सएप, फेसबुक और ट्विटर के जरिए उनसे संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन उनका कोई जवाब नहीं आया।

नेपाल सरकार ने यादव के दावे की जांच शुरू कर दी है। नेपाल सरकार ने ही 2016 में उनके दावे को मंजूरी दी थी। अगर यादव का दावा गलत पाया जाता है तो नेपाल सरकार उन्हें जारी किया गया सर्टिफिकेट निरस्त कर सकती है, जैसा कि उसने पुणे के एक पुलिस दंपती के साथ किया था जिन्होंने 2016 में ही एवरेस्ट पर विजय का दावा किया था।

भारत सरकार के कदम उठाने से पहले जर्मनी के पर्वतारोहण पत्रकार स्टीफन नेस्लर, अमेरिका के एडवेंचर लेखक क्रेग बेकर और अमेरिका के ही पर्वतारोही और इतिहासकार ऐलन आर्नेट ने दुनियाभर के पर्वतारोहियों में यह बात फैला दी थी कि "एक और भारतीय ने एवरेस्ट फतह का झूठा दावा किया है।"

पिछले चार वर्षों में यादव सातवें व्यक्ति हैं जिन्होंने एवरेस्ट को लेकर झूठा दावा किया है। दुनिया की सबसे ऊंची चोटी पर पहुंचने का गलत दावा करने वालों में दूसरे देशों के भी लोग शामिल हैं, लेकिन उनमें सबसे ज्यादा भारतीय ही हैं।

एवरेस्ट पर सात बार और दुनिया की दूसरी सबसे ऊंची लेकिन सबसे कठिन चोटी के-2 पर दो बार चढ़ाई करने वाले काठमांडू के पर्वतारोहण गाइड लाकपा शेरपा ने फोन पर बताया, 'भारत में पर्वतारोहण का नया क्रेज बना है। हाल के वर्षों में एवरेस्ट पर चढ़ने की ख्वाहिश रखने वालों में सबसे ज्यादा भारतीय ही हैं। इनमें कुछ के पास तो पर्याप्त अनुभव भी नहीं। धोखाधड़ी करके वे भारत के असली चैंपियन की प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं।" 2019 में 78 भारतीयों को एवरेस्ट पर जाने की अनुमति मिली थी। उनमें से 61 ने सफलता हासिल की। चढ़तेउतरते वक्त चार लोगों की मौत 41 हो गई।

पर्वतारोहण में छल?

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October 05, 2020