...या केंद्र सत्ता सभा!

Outlook Hindi|July 13, 2020

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...या केंद्र सत्ता सभा!
हाल के चुनाव में संसद के ऊपरी सदन में संख्या बल बदला तो एनडीए सरकार के लिए हुई आसानी
हरिमोहन मिश्र

हालिया राज्यसभा चुनावों में सबसे निराला नाटक राग-रंग-नृत्य-कीर्तन की अनोखी वैष्णव परंपरा वाले मणिपुर में हुआ। वहां हाल में चार भाजपा विधायकों के इस्तीफा देकर कांग्रेस के पाले में आ जाने से पार्टी कहां तो भाजपा सरकार के अल्पमत में आने और अपनी सरकार बनाने के दावे करने लगी थी, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने हाइकोर्ट से सदन में जाने पर पाबंदी वाले तीन बागी कांग्रेस विधायकों को वोट देने की मंजूरी देकर खेल पलट दिया। इस तरह एक राज्यसभा सीट भाजपा के पाले में आ गई। गुजरात में तो मार्च के बाद से आठ कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे हो गए थे, जिससे भाजपा राज्यसभा चुनाव वाली चार में से तीन सीटें निकाल ले गई। मध्य प्रदेश में भी ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ 22 कांग्रेसी विधायकों के पाला बदल से न सिर्फ कमलनाथ के बदले शिवराज सिंह चौहान की सरकार इसी कोरोना काल में बन गई, बल्कि भाजपा राज्यसभा की दो सीटें भी निकाल ले गई, कांग्रेस को सिर्फ एक सीट से संतोष करना पड़ा। कर्नाटक में यह कथित 'ऑपरेशन कमल' पहले ही हो चुका था और कोशिशें राजस्थान में भी हुईं लेकिन वहां कामयाबी नहीं मिली। इन ऑपरेशन के जरिए केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ने अपना संख्या बल (84) बेहतर कर लिया। अब मोदी सरकार एनडीए सहयोगियों (संख्या 101), नामजद सदस्यों और कुछ सहमना क्षेत्रीय पार्टियों की बदौलत 245 सदस्यीय (फिलहाल संख्या 242) ऊपरी सदन में अपने विधायी कामकाज बहुमत से निपटा सकेगी। कांग्रेस सिमट कर 42 पर आ गई है और 28 दूसरे दलों के सदस्य हैं

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July 13, 2020