भ्रष्टाचार पर चौतरफा धिरी योगी सरकार

Outlook Hindi|July 13, 2020

भ्रष्टाचार पर चौतरफा धिरी योगी सरकार
सामने आए सत्तारूढ़ पार्टी के नेताओं संग परीक्षा माफियाओं के संबंध
कुमार भवेश चंद्र

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक साथ कई मोर्चों पर घिरती दिख रही है। प्रदेश में 69 हजार सहायक शिक्षकों की भर्ती को लेकर कानूनी दांवपेच चल ही रहा था, कि इस बीच प्रयागराज में कुछ गिरफ्तारियों के बाद परीक्षा माफियाओं की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे। आरोप है कि परीक्षा माफियाओं ने अभ्यर्थियों से शिक्षक भर्ती परीक्षा में पास कराने के लिए 10 से 12 लाख रुपये लिए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इसकी तुलना मध्य प्रदेश के व्यापम घोटाले से करके इसे सियासी सनसनी बना दिया। शुरुआती दिनों में पुलिस भी सक्रिय दिखाई पड़ी। प्रयागराज की सोरांव पुलिस की सक्रियता से परीक्षा माफिया के कई प्रमुख कर्ताधर्ता गिरफ्त में आ गए, जिला पुलिस की वाहवाही होने लगी लेकिन इसके साथ ही परीक्षा माफियाओं की वजह से सत्ता में बैठे उनके आकाओं की ओर भी उंगलियां उठने लगीं। कहानी यहीं से बदल गई। एक रात अचानक कुछ आइपीएस अफसरों के तबादले की सूची जारी हुई और प्रयागराज के एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का तबादला कर दिया गया।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्र संघ के उपाध्यक्ष अखिलेश यादव ने आउटलुक से बातचीत में कहा कि एसएसपी सत्यार्थ का तबादला सच को छुपाने की कोशिश है। वे परीक्षा माफियाओं के खिलाफ तेजी से कार्रवाई कर रहे थे। इलाके के शिक्षा माफियाओं की बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ गहरी साठगांठ है। इस मामले में गिरफ्तार एक आरोपी कृष्णा पटेल 2017 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के टिकट का दावेदार था। इस मामले में प्रयागराज बीजेपी के कुछ और प्रभावशाली कार्यकर्ता शामिल हैं, जो लखनऊ दरबार में अच्छी पहुंच रखते हैं। उनके आकाओं के इशारे पर एसएसपी को प्रयागराज से हटाया गया है। अखिलेश कहते हैं, "हमें उम्मीद थी कि एसएसपी सत्यार्थ इस गिरोह का पर्दाफाश करेंगे और सहायक शिक्षक की परीक्षा में शामिल हजारों नौजवानों को इंसाफ मिलेगा। लेकिन योगी सरकार ने इंसाफ का गला घोंटा है। हम इसके खिलाफ लगातार आवाज उठा रहे हैं।"

प्रयागराज के इस मामले से सरकार की खासी किरकिरी हुई है। फिलहाल स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आइजी एसटीएफ अमिताभ यश ने प्रयागराज पहुंचकर तफ्तीश को आगे बढ़ाया है। आउटलुक ने इस प्रकरण पर प्रयागराज के एसएसपी रहे सत्यार्थ अनिरुद्ध से बात करने की कोशिश की, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

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July 13, 2020