अब जून-जुलाई की चिंता

Outlook Hindi|June 15, 2020

We're offering this story for free to read so that you can stay updated on the COVID-19 outbreak
अब जून-जुलाई की चिंता
बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या बढ़ने से संक्रमण रोकना मुश्किल, ऐसे में टेस्टिंग के तरीके पर उठे सवाल
प्रशांत श्रीवास्तव

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 मार्च को लॉकडाउन का ऐलान करते वक्त जब कहा था कि महाभारत की लड़ाई 18 दिन चली थी , ये लड़ाई 21 दिन की है, तो पूरे देश ने यही सोचा था कि 21 दिन के लॉकडाउन के बाद कोरोना का खतरा खत्म हो जाएगा। लेकिन लड़ाई अब 60 दिनों से ज्यादा की हो चुकी है। संक्रमण घटने के बजाय बढ़ता जा रहा है। हालत यह है कि भारत 1.45 लाख संक्रमित (25 मई तक) मामलों के साथ दुनिया के 10 सबसे ज्यादा संक्रमित होने वाले देशों में पहुंच गया है। जाहिर है, कोरोना की लड़ाई खत्म होने की जगह गंभीर होती जा रही है। खुद प्रधानमंत्री ने चौथे चरण के लॉकडाउन का ऐलान करते वक्त कहा कि यह लड़ाई लंबी चलेगी, हमें कोरोना के साथ जीना होगा। लेकिन डरने वाली बात यह है कि अकेले मई के 25 दिनों में देश में 1.10 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमण के मामले सामने आ गए हैं जबकि 30 अप्रैल तक देश में केवल 34866 मामले थे। उससे भी परेशान होने वाली बात यह है कि कोरोना का संक्रमण अब उन ग्रामीण इलाकों में भी पहुंच रहा है, जो कभी ग्रीन जोन में थे। आशंका खुद प्रधानमंत्री ने राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में जताई थी।

समस्या यह है कि जब दिल्ली-मुंबई जैसे शहर पर्याप्त इन्फ्रास्ट्रक्चर नहीं होने की वजह से मरीजों को नहीं संभाल पा रहे हैं, तो पहले से ही लचर व्यवस्था से जूझ रहे छोटे शहर और ग्रामीण इलाके बढ़ते बोझ को कैसे संभाल पाएंगे।

articleRead

You can read up to 3 premium stories before you subscribe to Magzter GOLD

Log in, if you are already a subscriber

GoldLogo

Get unlimited access to thousands of curated premium stories and 5,000+ magazines

READ THE ENTIRE ISSUE

June 15, 2020