"जब इतने राज्य विरोध में हो तो क्या केंद्रीय कानून राष्ट्रीय कानून हो सकता है।"
"जब इतने राज्य विरोध में हो तो क्या केंद्रीय कानून राष्ट्रीय कानून हो सकता है।"
शिअद-भाजपा सरकार ने पंजाब को जिस हाल में छोड़ा था, उसे देखते हुए स्थिति सुधरने में थोड़ा वक्त लगेगा। लेकिन मैंने इसे पूरा करने का वादा किया है

कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों में से एक कैप्टन अमरिंदर सिंह ऐसे मुख्यमंत्री हैं जो आज सबसे अधिक स्थायी सरकार का संचालन कर रहे हैं। दूसरे राज्यों में जहां सत्ता संघर्ष के लिए मुख्यमंत्रियों को चुनौती है, वहीं कैप्टन अमरिंदर को अपने राज्य पंजाब में विरोध का कम सामना करना पड़ रहा है। कभी भारतीय सेना की सिख रेजिमेंट में रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह के मुकाबले पंजाब कांग्रेस में कोई दूसरा व्यक्ति मुख्यमंत्री पद के लिए नहीं उभर पाया है।। पंजाब के मुख्यमंत्री के बतौर अपने मौजूदा कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे करने वाले कैप्टन अमरिंदर का ध्यान अब पूरी तरह से अगले बचे दो वर्ष के कार्यकाल पर केंद्रित है। बीते तीन वर्ष में उन्हें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा और अगले दो साल के कार्यकाल के लिए उनकी क्या योजनाएं हैं, इस पर उनसे विस्तृत बात की आउटलुक अंग्रेजी के एडिटर-इन-चीफ रुबेन बनर्जी ने। मुख्य अंश:

पंजाब के मुख्यमंत्री के बतौर आपने तीन वर्ष पूरे कर लिए हैं। इन तीन वर्ष के अपने कार्यकाल की रेटिंग कैसे करेंगे? क्या कोई निराशा है?

रेटिंग का काम मैं मीडिया पर छोडूंगा। पर मैं सोचता हूं कि हमारे तीन वर्ष के काम से पंजाब के ज्यादातर लोग खुश हैं। वे पंजाब को शांत और खुशहाल राज्य के रूप में देख रहे हैं। वे चारों ओर विकास देखते हैं। वे देखते हैं कि राज्य से गैंगस्टर्स, अपराधी और आतंकी या तो खत्म हो रहे हैं या पंजाब छोड़कर भाग रहे हैं। वे देखते हैं कि उद्योग वापस आ रहे हैं। वे देखते हैं कि किसान कर्ज के चक्र से बाहर निकल रहे हैं। वे देखते हैं कि नए स्कूल, कॉलेज और अस्पताल खुल रहे हैं और पुराने अपग्रेड हो रहे हैं। वे देखते हैं कि आखिरकार युवाओं को नौकरियों के अवसर मिल रहे हैं और वे नशे के खतरों से बाहर निकल रहे हैं। इन सबसे मुझे खुशी मिलती है और संतोष होता है कि कैसे इस कार्यकाल में चीजें बदली हैं। हालांकि अभी बहुत कुछ करना बाकी है पर मुझे पूरा विश्वास है कि बाकी बचे कार्यकाल में हम वे तमाम वादे पूरे करने में सक्षम होंगे जो हमने जनता से किए हैं। मैं कहूंगा कि निराशा कहीं नहीं है। यह प्रक्रिया का एक हिस्सा है जिसके सुधार में समय लगता है, विशेषकर तब जब पिछली शिरोमणि अकाली दल-भाजपा सरकार राज्य को गड़बड़ हालात में छोड़ गई हो। मैंने पंजाब की जनता से जो भी वादे किए हैं, उन्हें मैं पूरा करूंगा, भले ही इसके लिए कुछ और समय लगेगा।

अगले दो साल के कार्यकाल में आपकी क्या प्राथमिकताएं और क्या चुनौतियां होंगी?

जैसा मैंने कहा कि कुछ वादे पूरे करना बाकी है, हम अगले दो साल में उन्हें पूरा करेंगे। इसके साथ ही हम पूरे राज्य में सुधार और विकास के उन कार्यों को गति देंगे जिनकी शुरुआत हमने पहले से ही कर दी है। इनमें उद्योग, पर्यावरण संरक्षण, फसलों का विविधीकरण, शिक्षा

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April 06, 2020