उल्लास में बलिदानियों को न भूलें
Open Eye News|August 2020
उल्लास में बलिदानियों को न भूलें
आखिर वह शुभ घड़ी आ ही गयी जिसकी हमें वर्षों से प्रतीक्षा थी, सभी लोग बाट जोह रहे थे उस पल की जब भगवान श्रीराम के जन्मस्थान पर भव्य राम मंदिर का निर्माण हो। लेकिन यह पल ऐसे नहीं आया है। इसके लिए लाखों रामभक्तों ने बलिदान दिया है। हिन्दू समाज ने इसके लिए मुगलकाल से लेकर अब तक कई लड़ाईयां लड़ी हैं। इसके लिए हजारों माताओं की गोद सूनी हुई है। हजारों हजार स्त्रियों के सिंदूर सूख गये और हजारों हजार बहनों के रक्षासूत्र टूटे हैं। किसी ने भाई, किसी ने बेटा और किसी ने अपना पति खोया है। वहीं अनेकानेक रामभक्तों ने तरह-तरह की यातनाएं सही हैं। राम मंदिर के शिलान्यास का यह क्षण हम सब की आंखों के सामने सहज नहीं आया है। हम सब भाग्यशाली हैं कि इस गौरवपूर्ण क्षण के साक्षी बने।
बृजनन्दन राजू

पूज्य संत धर्माचायों की उपस्थिति में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 05 अगस्त 2020 को राम मंदिर के साथ- साथ राष्ट्र मंदिर की आधारशिला रखी। महात्मा गांधी ने भी आजादी के बाद रामराज्य का सपना देखा था। लेकिन उनका सपना पूर्ण नहीं हो सका। जो सपना गांधी ने देखा था उस रामराज्य की नींव 05 अगस्त को पड़ी। भारत की एकता और समृद्धि के रामराज्य का यही राजमार्ग है।

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