दूसरी लहर के लिए तैयारी
India Today Hindi|November 04, 2020
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दूसरी लहर के लिए तैयारी
इधर जाकर कुछ दिनों से स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अफसर थोड़ी राहत की सांस ले रहे हैं. महीनों तक अस्पतालों में बिस्तरों की कमी, कोविड के दुरूह लक्षणों और एक अरब से ज्यादा आबादी वाले देश में इस बीमारी के संपर्क में आने वाले लोगों का पता लगाने की कठिनाइयों से जूझने के बाद आखिरकार कोविड के मामलों में गिरावट आनी शुरू हो गई है.
सोनाली आचार्जी

11 सितंबर को दैनिक आंकड़ा सबसे ज्यादा 97,000 पर पहुंच गया था. इसके बाद 13 अक्तूबर को यह घटकर 63,000 पर आ गया और 19 अक्तूबर आतेआते यह 45,000 पर टिका. रोजाना होने वाले टेस्ट संख्या भी घटी है.

लेकिन अधिकारी और डॉक्टर इतनी जल्दी खुशी मनाने को तैयार नहीं. फ्रांस, इटली और ब्रिटेन जैसे देशों में जिस तरह कोविड की दूसरी लहर आ रही है, उसे देखते हुए डर है कि त्योहारों के मौसम में यह खुशी काफूर न हो जाए और देश में एक बार फिर चिंता की स्थिति बन जाए. 20 अक्तूबर को टीवी पर देश के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने याद दिलाया कि मामलों की संख्या में भले ही गिरावट आ रही है लेकिन वायरस अभी मौजूद है. उन्होंने लोगों को सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जमा करने से आगाह किया.

केरल कोविड की पहली लहर पर जीत हासिल करने वाला देश का पहला राज्य बना था. वह इस बात की मिसाल है कि किसी तरह की खुशफहमी और लापरवाही से कोविड का आंकड़ा दोबारा आसमान छू सकता है.ओनम के त्योहार के दौरान केरल का नाम उन पांच राज्यों में जुड़ गया जहां कोविड के सक्रिय मामले सबसे ज्यादा थे (20 अक्तूबर को 92,000 सक्रिय मामलों के साथ यह अब तीसरे नंबर पर है). देश में त्योहारों का मौसम शुरू होने के साथ राज्यों में लोग त्योहार मनाने घरों से बाहर निकलने लगे हैं. इसे देखते हुए अस्पतालों ने दूसरी लहर के अंदेशे के मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी हैं.

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November 04, 2020